टीचर देते थे फंसाने की धमकी हेडमास्टर ने कर ली आत्महत्या
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तरावड़ी के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल विजय शर्मा के सुसाइड को अभी चार दिन भी नहीं बीते थे कि गांव नलीपार में स्थित मिडिल स्कूल के हेडमास्टर ने आत्महत्या कर ली। हेडमास्टर ने मरने से पहले पुलिस को दिए बयान में पांच टीचरों पर झूठे केस में फंसाने और पांच लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस बयान के आधार पर कुंजपुरा थाना पुलिस ने राजकीय उच्च कन्या विद्यालय, कुंजपुरा की हेड टीचर विजय सूद और नली पार हाई स्कूल की टीचर चारू वर्मा, कांता, सुनीता और जेबीटी जयप्रकाश के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित विभिन्न धाराओं के मामला दर्ज किया है।
गांव नबीपुर वासी करीब 52 वर्षीय वेद प्रकाश कई वर्षों से करनाल के सेक्टर-9 में परिवार के साथ रहते थे। वह नलीपार राजकीय मिडिल स्कूल में हेड मास्टर थे। नलीपार के मिडिल स्कूल की डीडी पॉवर कुंजपुरा के राजकीय कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल की मुख्य अध्यापिका विजय सुधा के पास है। बुधवार को वेदप्रकाश अपने मूल गांव नबीपुर आए थे। वहां उन्होंने संदिग्ध हालात में जहरीला पदार्थ निगल लिया।
तबीयत खराब होने पर उन्हें कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहां गंभीर हालात होने पर निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां वीरवार अल सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पीड़ितों की मांग है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
ये दिए वेदप्रकाश ने बयान
वेदप्रकाश के जहर निगल लेने की सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची। मरने से पहले वेदप्रकाश ने सिविल लाइन थाने के प्रभारी प्रतीक कुमार को बयान दिये कि शिक्षकों के पांच लाख रुपये की मांग करने से परेशान होकर जहर खाया है। पांचों आरोपी उसे तंग करते थे व कहते थे कि या तो पांच लाख रुपये दो या हम झूठे मामले में फंसाकर जांच खुलवा देंगे। इससे वह तंग था।
मिड डे मील से जुड़ा हो सकता है मामला
सूत्रों का कहना है कि आत्महत्या का मामला नलीपार के स्कूल में मिड डे मील का राशन खराब होने से जुड़ा हो सकता है। पांचों आरोपी टीचर हेडमास्टर वेदप्रकाश को केस की जांच फिर कराने की धमकी देते थे। वेदप्रकाश के परिजनों का आरोप है कि वेदप्रकाश कई दिनों से तनाव में थे और कारण उन्होंने जहर निगल लिया। अब यह बात जांच में सामने आएगी कि आरोपी किस जांच को खुलवाने की धमकी दे रहे थे।
वर्जन
वेद प्रकाश गांव नलीपार के राजकीय स्कूल में हेडमास्टर था। गांव नबीपुर में अपने घर में उसने आत्महत्या कर ली। मरने से पहले दिये बयान में उसने पांच टीचरों पर रुपये मांगने और फिर जांच कराने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पांचों टीचरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-सूबे सिंह, कुंजपुरा थाना प्रभारी।
ऐसे क्या घोटाले कि जान देने को मजबूर हो रहे शिक्षक
चार दिनों में अध्यापकों के सुसाइड करने के दो मामले सामने आ चुके हैं। विजय शर्मा ने भी सुसाइड नोट में दो शिक्षकों और एक शिक्षिका के पति पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे। दोनों ही मामलों में यह बात सामने आई है कि अध्यापकों की आपसी रंजिश के कारण विवाद चल रहे हैं। एक दूसरे के खिलाफ जांच खुलवाने व एक दूसरे को फंसाने के चलते स्कूलों में जबरदस्त राजनीति चल रही है। जिले के तमाम स्कूलों का ये ही हाल है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए समाज को आइना दिखाने वाले शिक्षक ही एक दूसरे शिक्षक को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं। इससे विभाग के आला अधिकारियों के कामकाज का तरीका भी सवालों के घेरे में है।