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धान घोटाला: आढ़ती-मिलरों के बाद अब अधिकारियों तक पहुंची SIT, अब तक केवल 7.25 लाख रुपये की बरामदगी

Sat, 07 Feb 2026 10:09 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 07 Feb 2026 10:09 AM IST
सार

धान घोटाले में विभिन्न थानों में दर्ज पांच प्राथमिकियों की जांच के लिए नौ जनवरी को दूसरी एसआईटी का गठन किया गया था। इसकी जिम्मेदारी एएसपी कांची सिंघल को दी गई थी। मामले में पहले दो मिलर शीशपाल और सुनील गोयल की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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Paddy scam After traders and millers SIT now reached the officials so far, only Rs 7.25 lakh recovered
घोटाला। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

करनाल में हुए करीब 20 करोड़ रुपये के धान घोटाले में लंबे समय के बाद पुलिस की एसआईटी आढ़ती मिलरों के बाद गबन में संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों तक पहुंची है। इससे पहले नवंबर माह में गेटपास फजीवाड़े में मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और दो कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी हुई थी। उनसे केवल 5.25 लाख रुपये की बरामदगी हुई थी। पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए आढ़ती एवं मिलर देवेंद्र से दो लाख रुपये की बरामदगी हुई थी। इस प्रकार 20 करोड़ रुपये के धान घोटाले में अब तक केवल 7.25 लाख रुपये की बरामदगी हुई है।

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अब तीन माह बाद घोटाले में पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए पांच अधिकारियों में हैफेड़ के असंध प्रबंधक प्रमोद कुमार और निसिंग के प्रबंधक दर्शन सिंह को घोटाले में शामिल पाए जाने पर पहले ही निलंबित किया जा चुका है। वेयर हाउस के तकनीकी सहायक प्रदीप कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रणधीर और देवेंद्र की सरकार खरीद के दौरान फर्जी गेटपास के माध्यम से फर्जी धान खरीद मामले में संलिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले मामले में असंध के दो राइस मिलर शीशपाल और सुनील गोयल, दो आढ़तियों नरेश गर्ग और देवेंद्र सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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एक एसआईटी ने पकड़े पांच आरोपी, 7.25 लाख बरामद
धान घोटाले पर जिला पुलिस ने दो एसआईटी का गठन किया है। डीएसपी शहर राजीव कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी केवल थाना शहर में चार नवंबर को दर्ज हुई गेटपास फजीवाड़े मामले की जांच कर रही है। इस मामले में एसआईटी मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली, दो कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश व अंकित और दो आढ़ती नरेश गर्ग व देवेंद्र को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों से 7.25 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है। मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली की मानसिक आघात के कारण मौत हो चुकी है।
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दूसरी एसआईटी ने अब तक गिरफ्तार किए सात आरोपी
धान घोटाले में विभिन्न थानों में दर्ज पांच प्राथमिकियों की जांच के लिए नौ जनवरी को दूसरी एसआईटी का गठन किया गया था। इसकी जिम्मेदारी एएसपी कांची सिंघल को दी गई थी। मामले में पहले दो मिलर शीशपाल और सुनील गोयल की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब एसआईटी ने पांच अधिकारियों की गिरफ्तारी की है। एसआईटी की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों की भूमिका धान की खरीद और भंडारण में हेराफेरी में रही है।


अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को करोड़ों का नुकसान
एएसपी कांची सिंघल ने बताया कि धान की खरीद, भंडारण और आगे की प्रक्रिया में तय नियमों और मानकों का पालन नहीं किया गया। अधिकारियों ने एक-दूसरे से तालमेल बनाकर सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग किया। इस पूरी प्रक्रिया में सरकार को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। जांच एजेंसियों ने दस्तावेजी साक्ष्य, रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित की है।

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