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कार्रवाई: शामली में गर्भपात करने वाले देव अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग करनाल की टीम ने मारी रेड, FIR दर्ज
Thu, 24 Nov 2022 12:21 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 24 Nov 2022 12:21 AM IST
सार
देव अस्पताल में करनाल की महिला ने अपना गर्भपात करवाया था। विभाग ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। आगामी कार्रवाई के लिए शामली स्वास्थ्य विभाग को मामला सौंपा गया है।
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विस्तार
करनाल स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी की टीम ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट और एमटीपी एक्ट के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के जिला शामली के सिसौली बस स्टैंड के सामने देव अस्पताल पर सफल रेड की गई। जिसके बाद पूरे मामले की वीडियोग्राफी कर जिला शामली की पीएनडीटी टीम को मरीज बबीता व देव अस्पताल के मालिक के विरुद्घ पीएनडीटी एक्ट और एमटीपी एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करवाने के लिए सौंप दी गई।
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सिविल सर्जन डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि पिछले लगभग 15 दिनों से गुप्त सूचना मिल रही थी कि जिला करनाल की एक गर्भवती महिला उत्तर प्रदेश से अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग जांच करवाने के बाद लड़की बताए जाने पर गर्भपात करवाने के लिए घूम रही है। जिस पर कार्यवाही करते हुए जिला करनाल की पीएनडीटी टीम द्वारा 23 नवंबर को उत्तर प्रदेश के जिला शामली के सिसौली बस स्टैंड के सामने देव अस्पताल पर सफल रेड की।
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उन्होंने बताया कि मरीज के द्वारा 16 नवंबर को उत्तर प्रदेश के थाना भवन के नजदीक गांव कलेहडी में अवैध लिंग जांच करवाने बाद उसके गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग लड़की बताए जाने पर 22 नवंबर को जिला शामली के देव अस्पताल में दोबारा अवैध अल्ट्रासाउंड और अवैध गर्भपात करवाया।
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टीम द्वारा अल्ट्रासाउंड का रिकार्ड दिखाए जाने बारे पूछने पर अस्पताल स्टाफ द्वारा बताया गया कि इस अस्पताल का अल्ट्रासाउड रिकार्ड अलमारी में बंद है और वह आज नहीं दिखा सकते और न ही मरीज बबीता से संबंधित अल्ट्रासाउंड रिकार्ड फार्म-एफ और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट मिले।
इस अस्पताल का एमटीपी से संबंधित कोई भी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला क्योंकि यह एक अवैध गर्भपात केंद्र है। मौके पर मरीज के लिए गए ब्यान, स्पोट मीमो व अन्य कार्यवाही के दौरान की गई। इसके बाद सारी कागजी कार्रवाई के बाद करनाल टीम ने वीडियोग्राफी कर जिला शामली की पीएनडीटी टीम को मरीज बबीता व देव अस्पताल के मालिक के विरुद्घ पीएनडीटी एक्ट और एमटीपी एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करवाने के लिए सौंप दी गई। अब आगामी कार्रवाई शामली की स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरा करेंगी।
टीम में ये रहे शामिल
उप सिविल सर्जन डॉ. शीनू चौधरी, सीएचसी घरौंडा के एसएमओ डॉ. मनीष गोयल, सीएचसी कुंजपुरा के एसएमओ डॉ. संदीप अबरोल, डॉ. सुलेख कुमार, सहायक विकास पांचाल, स्टैनो राहुल, डाटा एंट्री आप्रेटर हेम बतरा व चतुर्थ श्रेणी सुभाष सागवाल शामिल रहे।