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डाई हाउस की फैक्टरी को जल्द किया जाएगा सील
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल।
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:33 AM IST
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करनाल। मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता ने बुधवार को पंचायत भवन में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 11 में से 9 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। उन्होंने शेष शिकायतों के निवारण के लिए उच्चाधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए। जांच में कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
डॉ. कमल गुप्ता ने गांव कैमला निवासी रामेश्वर की शिकायत पर सवाल जवाब किए। रामेश्वर ने बताया कि पिछली मीटिंग में उन्होंने शिकायत की थी कि ऋषिपाल के डाई हाउस की फैक्टरी के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं। इसकी जांच की जाए। प्रदूषण विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट सही पाई गई है। डाई हाउस की फैक्टरी को सील करने के लिए साइन भी हो चुके है। शुक्रवार तक आदेश मिल जाने की संभावना है। फाइल आते ही फैक्टरी को सील कर दिया जाएगा। इससे शिकायतकर्ता ने संतुष्टी जताई।
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गऊ चरांद की भूमि से अवैध खनन की शिकायत
गांव श्रवण माजरा निवासी कंवर सिंह की शिकायत थी कि गांव के प्रेम चंद द्वारा गऊ चरांद की भूमि से मिट्टी का अवैध खनन किया गया है। खनन अधिकारी ने बताया कि गऊ चरांद भूमि से गांव के लोग सार्वजनिक व निजी कार्य के लिए मिट्टी का प्रयोग कर लेते हैं और प्रेमचंद भी उनमें से एक हो सकता हैं। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि खनन विभाग के नियमों की पालना की जाए और ऐसे मामलों में गांव में पहले मुनियादी करवाएं।
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सेक्टर-8 करनाल निवासी योगेंद्र सिंह की शिकायत एलआईसी से संबंधित थी जोकि पिछली बैठक से लंबित चली आ रही थी। बैठक में जांच रिपोर्ट सुनने के बाद सीपीएस ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि दोषी को पकड़ कर लाएं और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें और इसकी सूचना मेरे कार्यालय में भिजवाएं।
खेड़ी मानसिंह निवासी रामपाल की शिकायत थी कि उनके मकान के साथ गंदे पानी की निकासी के लिए नाला नहीं बना हुआ है। इसके कारण गंदा पानी गांव की गली में ही छोड़ा जाता है और आने-जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इंद्री ने बताया कि नाले के निर्माण के लिए ग्रांट आ चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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असंध के डिपो होल्डर को ठहराया गलत
असंध के जबाला गांव के डिपो धारक राजबीर को बैठक में गलत ठहराया गया। जांच कमेटी ने तथ्य पेश किए कि राजबीर के पक्ष में मात्र दो डिपो धारक हैं, जबकि डिपो धारकों के प्रधान दिलबाग सिंह के साथ 85 डिपो होल्डर हैं। राजबीर गलत आरोप लगा रहा है और विभाग के अधिकारियों को परेशान करता है। राजबीर सिंह की शिकायत कॉन्फेड के सेल्समैन राजपाल के खिलाफ थी। यह शिकायत भी पिछली बैठक से लंबित थी। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक निशांत राठी व समिति के गैर सरकारी सदस्य नंदलाल व बृज मोहन ठक्कर ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता का आपसी समझौता हो चुका है और वह डिपो यूनियन का प्रधान भी नहीं है। अध्यक्ष ने इस मामले को बंद करने के निर्देश दिए। जांच कमेटी ने भी रिपोर्ट में माना है कि राजबीर राशन वितरण प्रणाली में गड़बड़ के आरोप में विभाग को गुमराह करता है। शिकायत करके ब्लैकमेल से पैसा कमाना चाहते हैं।
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बिजली लाइन में पेड़ बाधा बने तो कराएं छंटाई
स्थानीय न्यायपुरी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष बृज किशोर की शिकायत थी कि कॉलोनी में बिजली की तारें आपस में मिली हुई हैं। इससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। जांच रिपोर्ट में बिजली बोर्ड के कार्यकारी अभियंता एसके मक्कड़ ने बताया कि एक-दो स्थान पर तारों के नीचे पेड़ खडे़ हैं मौसम खराब होने पर तारें आपस में मिल जाती हैं। डा. कमल गुप्ता ने तुरंत यह जानना चाहा कि बिजली की तारें पहले लगी हुई हैं या पेड़ तो इस पर अधिकारी ने बताया कि तारें पहले लगी हुई हैं और पेड़ बाद में। गुप्ता ने अधिकारी को निर्देश दिए कि जहां इस प्रकार की व्यवस्था खराब होती है वहां पर पेड़ों की छंटाई करवा दें। अध्यक्ष ने इस मामले को फाइल करने के आदेश दिए।
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जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने पर मंथन
करनाल निवासी अनिल कुमार की शिकायत थी कि काजियान मोहल्ला मकान नंबर 148 काफी पुराना है। उसकी हालत काफी जर्जर है तथा वह कभी भी गिर सकता है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए नगर निगम के ईओ धीरज कुमार ने बताया कि इंजीनियरों से जांच करवाई गई है। जांच में पाया गया है कि मकान की हालत खस्ता है। मकान मालिक को नोटिस दिए जा चुके हैं। इस मामले को सामाजिक तरीके से सुलझाने के लिए अध्यक्ष ने समिति के दो गैर सरकारी सदस्य प्रवीन लाठर और दर्शन सिंह सहगल को दोनों पक्षों को समझाने की जिम्मेदारी सौंपी और कहा कि अगर वह नहीं मानते तो सुरक्षा के दृष्टिगत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करें। इस मामले को अगली बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए।
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खाद कम रेट है, लेकिन मिलता है महंगे रेट पर
गांव उचाना निवासी मेघराज शर्मा की शिकायत थी कि चम्बल फर्टिलाइजर खादों को पुराने भाव के हिसाब से बेच रहा है, जबकि एक महीने पहले खाद का रेट 250 रुपये प्रति बैग सस्ता हो गया है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कृषि विभाग के उप निदेशक ने बताया कि सरकार की ओर से पहली बार खाद के भाव कम हुए हैं, जोकि किसानों के लिए एक बेहतर आर्थिक सुविधा है। बैठक में अध्यक्ष ने कृषि उप निदेशक डा. प्रदीप मील को निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग के महाप्रबंधक को सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी खादों के साथ-साथ अन्य कृषि इनपुट किसानों को उपलब्ध करवाने हेतु पत्र लिखें और इसकी सूचना अध्यक्ष को भी दें।
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मजदूरों का प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश
करनाल निवासी रमेश कुमार की शिकायत थी कि हरियाणा भवन व अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड ने भवन निर्माण पंजीकरण हेतु विभाग के पंजीकृत अधिकारी, ट्रेड यूनियनों के दबाव में यूनियनों द्वारा प्रमाणित प्रमाण-पत्र हेतु गरीब मजदूरों को बाध्य कर रहे हैं, जबकि पंजीकरण हेतु आवेदन प्रारूप पर स्पष्ट दर्शाया गया है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि उक्त सभी शर्तों की पालना की जा रही है।
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अवैध कब्जे की निशानदेही की दोबारा जांच के निर्देश
गांव नरूखेड़ी निवासी सुरेंद्र की शिकायत थी कि ग्राम सचिव चमन लाल द्वारा गांवों के कुछ लोगों से पंचायती जमीन पर जबरन अवैध कब्जा करवाया जा रहा है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी निसिंग की जांच रिपोर्ट से शिकायतकर्ता के संतुष्ट नहीं होने पर अध्यक्ष ने इस मामले की पुन: जांच करने के लिए एसडीएम करनाल को आदेश दिए और डीएसपी को कहा कि डराने धमकाने से संबंधी मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
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अनुपस्थित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता ने कष्ट निवारण समिति के एजेंडे में रखे गए सभी मामलों की सुनवाई के बाद अन्य लोगों की भी समस्याएं सुनी। इनमें गांव बम्बरेहड़ी निवासी लाभ सिंह आर्य ने बताया कि पाढ़ा महिला गुरुकुल के पास शराब का ठेका खुला हुआ है। इसे बंद करवाया जाए। अध्यक्ष ने जब इस मामले से संबंधित आबकारी एवं कराधान विभाग के डीटीसी को बुलाया तो वह बैठक से गैर हाजिर मिला। जिस पर अध्यक्ष ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त को निर्देश दिए कि इस अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करें।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर नीलोखेड़ी के विधायक एवं जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी, नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता, उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़, एसपी पंकज नैन, एडीसी डॉ. प्रियंका सोनी, जिला परिषद की अध्यक्ष उषा मेहला, कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्य बृज मोहन ठक्कर, प्रवीन लाठर, जनक पोपली, राजकुमार राणा, ईश्वर गुप्ता, जगदीश गोयल, दर्शन सिंह सहगल, गुलाब सिंह मुनक, रणबीर गोयत, नन्दलाल पांचाल, रजनी चुघ, बलजिन्द्र कौर कालड़ा, मीना कांबोज, कंवलजीत मढ़ाण आदि मौजूद रहे।
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डॉ. कमल गुप्ता ने गांव कैमला निवासी रामेश्वर की शिकायत पर सवाल जवाब किए। रामेश्वर ने बताया कि पिछली मीटिंग में उन्होंने शिकायत की थी कि ऋषिपाल के डाई हाउस की फैक्टरी के कारण क्षेत्र में बीमारियां फैल रही हैं। इसकी जांच की जाए। प्रदूषण विभाग के अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट सही पाई गई है। डाई हाउस की फैक्टरी को सील करने के लिए साइन भी हो चुके है। शुक्रवार तक आदेश मिल जाने की संभावना है। फाइल आते ही फैक्टरी को सील कर दिया जाएगा। इससे शिकायतकर्ता ने संतुष्टी जताई।
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गऊ चरांद की भूमि से अवैध खनन की शिकायत
गांव श्रवण माजरा निवासी कंवर सिंह की शिकायत थी कि गांव के प्रेम चंद द्वारा गऊ चरांद की भूमि से मिट्टी का अवैध खनन किया गया है। खनन अधिकारी ने बताया कि गऊ चरांद भूमि से गांव के लोग सार्वजनिक व निजी कार्य के लिए मिट्टी का प्रयोग कर लेते हैं और प्रेमचंद भी उनमें से एक हो सकता हैं। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि खनन विभाग के नियमों की पालना की जाए और ऐसे मामलों में गांव में पहले मुनियादी करवाएं।
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सेक्टर-8 करनाल निवासी योगेंद्र सिंह की शिकायत एलआईसी से संबंधित थी जोकि पिछली बैठक से लंबित चली आ रही थी। बैठक में जांच रिपोर्ट सुनने के बाद सीपीएस ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि दोषी को पकड़ कर लाएं और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें और इसकी सूचना मेरे कार्यालय में भिजवाएं।
खेड़ी मानसिंह निवासी रामपाल की शिकायत थी कि उनके मकान के साथ गंदे पानी की निकासी के लिए नाला नहीं बना हुआ है। इसके कारण गंदा पानी गांव की गली में ही छोड़ा जाता है और आने-जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इंद्री ने बताया कि नाले के निर्माण के लिए ग्रांट आ चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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असंध के डिपो होल्डर को ठहराया गलत
असंध के जबाला गांव के डिपो धारक राजबीर को बैठक में गलत ठहराया गया। जांच कमेटी ने तथ्य पेश किए कि राजबीर के पक्ष में मात्र दो डिपो धारक हैं, जबकि डिपो धारकों के प्रधान दिलबाग सिंह के साथ 85 डिपो होल्डर हैं। राजबीर गलत आरोप लगा रहा है और विभाग के अधिकारियों को परेशान करता है। राजबीर सिंह की शिकायत कॉन्फेड के सेल्समैन राजपाल के खिलाफ थी। यह शिकायत भी पिछली बैठक से लंबित थी। जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक निशांत राठी व समिति के गैर सरकारी सदस्य नंदलाल व बृज मोहन ठक्कर ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता का आपसी समझौता हो चुका है और वह डिपो यूनियन का प्रधान भी नहीं है। अध्यक्ष ने इस मामले को बंद करने के निर्देश दिए। जांच कमेटी ने भी रिपोर्ट में माना है कि राजबीर राशन वितरण प्रणाली में गड़बड़ के आरोप में विभाग को गुमराह करता है। शिकायत करके ब्लैकमेल से पैसा कमाना चाहते हैं।
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बिजली लाइन में पेड़ बाधा बने तो कराएं छंटाई
स्थानीय न्यायपुरी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष बृज किशोर की शिकायत थी कि कॉलोनी में बिजली की तारें आपस में मिली हुई हैं। इससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। जांच रिपोर्ट में बिजली बोर्ड के कार्यकारी अभियंता एसके मक्कड़ ने बताया कि एक-दो स्थान पर तारों के नीचे पेड़ खडे़ हैं मौसम खराब होने पर तारें आपस में मिल जाती हैं। डा. कमल गुप्ता ने तुरंत यह जानना चाहा कि बिजली की तारें पहले लगी हुई हैं या पेड़ तो इस पर अधिकारी ने बताया कि तारें पहले लगी हुई हैं और पेड़ बाद में। गुप्ता ने अधिकारी को निर्देश दिए कि जहां इस प्रकार की व्यवस्था खराब होती है वहां पर पेड़ों की छंटाई करवा दें। अध्यक्ष ने इस मामले को फाइल करने के आदेश दिए।
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जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने पर मंथन
करनाल निवासी अनिल कुमार की शिकायत थी कि काजियान मोहल्ला मकान नंबर 148 काफी पुराना है। उसकी हालत काफी जर्जर है तथा वह कभी भी गिर सकता है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए नगर निगम के ईओ धीरज कुमार ने बताया कि इंजीनियरों से जांच करवाई गई है। जांच में पाया गया है कि मकान की हालत खस्ता है। मकान मालिक को नोटिस दिए जा चुके हैं। इस मामले को सामाजिक तरीके से सुलझाने के लिए अध्यक्ष ने समिति के दो गैर सरकारी सदस्य प्रवीन लाठर और दर्शन सिंह सहगल को दोनों पक्षों को समझाने की जिम्मेदारी सौंपी और कहा कि अगर वह नहीं मानते तो सुरक्षा के दृष्टिगत संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करें। इस मामले को अगली बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए।
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खाद कम रेट है, लेकिन मिलता है महंगे रेट पर
गांव उचाना निवासी मेघराज शर्मा की शिकायत थी कि चम्बल फर्टिलाइजर खादों को पुराने भाव के हिसाब से बेच रहा है, जबकि एक महीने पहले खाद का रेट 250 रुपये प्रति बैग सस्ता हो गया है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कृषि विभाग के उप निदेशक ने बताया कि सरकार की ओर से पहली बार खाद के भाव कम हुए हैं, जोकि किसानों के लिए एक बेहतर आर्थिक सुविधा है। बैठक में अध्यक्ष ने कृषि उप निदेशक डा. प्रदीप मील को निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग के महाप्रबंधक को सहकारी समितियों में यूरिया और डीएपी खादों के साथ-साथ अन्य कृषि इनपुट किसानों को उपलब्ध करवाने हेतु पत्र लिखें और इसकी सूचना अध्यक्ष को भी दें।
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मजदूरों का प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश
करनाल निवासी रमेश कुमार की शिकायत थी कि हरियाणा भवन व अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड ने भवन निर्माण पंजीकरण हेतु विभाग के पंजीकृत अधिकारी, ट्रेड यूनियनों के दबाव में यूनियनों द्वारा प्रमाणित प्रमाण-पत्र हेतु गरीब मजदूरों को बाध्य कर रहे हैं, जबकि पंजीकरण हेतु आवेदन प्रारूप पर स्पष्ट दर्शाया गया है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि उक्त सभी शर्तों की पालना की जा रही है।
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अवैध कब्जे की निशानदेही की दोबारा जांच के निर्देश
गांव नरूखेड़ी निवासी सुरेंद्र की शिकायत थी कि ग्राम सचिव चमन लाल द्वारा गांवों के कुछ लोगों से पंचायती जमीन पर जबरन अवैध कब्जा करवाया जा रहा है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी निसिंग की जांच रिपोर्ट से शिकायतकर्ता के संतुष्ट नहीं होने पर अध्यक्ष ने इस मामले की पुन: जांच करने के लिए एसडीएम करनाल को आदेश दिए और डीएसपी को कहा कि डराने धमकाने से संबंधी मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
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अनुपस्थित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता ने कष्ट निवारण समिति के एजेंडे में रखे गए सभी मामलों की सुनवाई के बाद अन्य लोगों की भी समस्याएं सुनी। इनमें गांव बम्बरेहड़ी निवासी लाभ सिंह आर्य ने बताया कि पाढ़ा महिला गुरुकुल के पास शराब का ठेका खुला हुआ है। इसे बंद करवाया जाए। अध्यक्ष ने जब इस मामले से संबंधित आबकारी एवं कराधान विभाग के डीटीसी को बुलाया तो वह बैठक से गैर हाजिर मिला। जिस पर अध्यक्ष ने कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त को निर्देश दिए कि इस अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करें।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर नीलोखेड़ी के विधायक एवं जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीरपंथी, नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता, उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़, एसपी पंकज नैन, एडीसी डॉ. प्रियंका सोनी, जिला परिषद की अध्यक्ष उषा मेहला, कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्य बृज मोहन ठक्कर, प्रवीन लाठर, जनक पोपली, राजकुमार राणा, ईश्वर गुप्ता, जगदीश गोयल, दर्शन सिंह सहगल, गुलाब सिंह मुनक, रणबीर गोयत, नन्दलाल पांचाल, रजनी चुघ, बलजिन्द्र कौर कालड़ा, मीना कांबोज, कंवलजीत मढ़ाण आदि मौजूद रहे।