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दोस्त की हत्या में अदालत ने किया बरी
ब्यूरो/अमर उजाला/करनाल
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:31 AM IST
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दोस्त हत्या के आरोप में जेल में बंद एक युवक को करनाल की अदालत ने बरी कर दिया। तथ्यों के अभाव में व हत्या साबित कर पाने के कारण अदालत ने युवक को बरी कर दिया है। हालांकि, इससे पहले युवक को एक साल तक जेल में रहना पड़ा। अदालत के फैसले पर युवक व उसके परिजनों ने खुशी जाहिर की है। मामले के अनुसार, 9 दिसंबर, 2015 को गुरुनानकपुरा निवासी शीशपाल अचानक लापता हो गया। इस पर शीशपाल के जीजा बलराज ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि शीशपाल की हत्या की गई है और हत्या उसके दोस्त बलवान निवासी शिव कालोनी ने की है। बताया गया था कि पहले दोनों ने शराब पी और बाद में शीशपाल की हत्या कर दी। वारदात के बाद 12 दिसंबर को शीशपाल का शव पशिचमी यमुना नहर से बरामद किया गया था। शिनाख्त के बाद उसका पोस्टमार्टम किया गया। वहीं, सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर बलवान के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामला अदालत में विचाराधीन था। बलवान के वकील वीरेंद्र सिंह बहल ने बताया कि अतिरिक्त सेशन जज डा. चंद्रहास की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद बलवान को निर्दोष पऊाया। दूसरा पक्ष अदालत में बलवान को हत्यारा साबित नहीं पाया। वहीं, बलवान के वकील वीरेंद्र सिंह बहल ने अदालत के सामने तथ्य रखे, इनके आधार पर अदालत ने बलवान को बरी कर दिया।
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