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भैंसों के तबेले में चल रहा था भ्रूण लिंग जांच का खेल,
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Thu, 15 Sep 2016 12:09 AM IST
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घरौंडा। रोहतक और करनाल स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने गांव गगसीना में भैंसों के तबेले में चल रहे भ्रूण लिंग जांच रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम को देख भ्रूण लिंग जांच कर्ताओं में अफरातफरी फैल गई। इनमें से एक डॉक्टर व दलाल मौका पाकर फरार होने में कामयाब हो गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर एक महिला सहित दो लोगों को जांच उपकरणों सहित काबू किया है। पुलिस ने एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
बुधवार को रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह, जींद के डिप्टी सीएमओ और करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र ने टीम के साथ गांव गगसीना में बलकार सिंह के भैंस के तबेले में छापा मारा। जहां पर कुछ लोगों द्वारा भ्रूण लिंग जांच के अवैध कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण लिंग जांच करवाने वाली बागडू निवासी संतरों, सफीदों निवासी प्रवेश व गगसीना निवासी मकान मालिक बलवान सिंह को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि मुख्य चिकित्सक डॉ. सतीश व सफीदों निवासी विनोद मौका पाकर फरार हो गए। इसी दौरान मुख्य चिकित्सक डॉ. सतीश महिला से लिए 22 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये लेकर फरार हो गया। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से एक आई-पेड सहित अन्य कई उपकरण बरामद किए।
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नकली ग्राहक से किया भंडाफोड़
रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह को सफीदों में भ्रूण लिंग जांच के मामले की सूचना मिल रही थी। खुलासा करने के लिए डिप्टी सीएमओ ने नकली ग्राहक (गर्भवती महिला) को इस काम के लिए चुना और उसे सफीदों में दलाल प्रवेश व विनोद के पास भेजा। भ्रूण लिंग जांच करने का सौदा 22 हजार रुपये में तय हुआ। बुधवार को ही भ्रूण लिंग जांच करने वाले प्रवेश, विनोद, दाई संतरो देवी गर्भवती महिला को पहले पानीपत लेकर आई और उसके बाद भ्रूण लिंग जांच के लिए गगसीना गांव में लेकर पहुंची। जहां बलकार सिंह के भैंस के तबेले में लिंग जांच करने का पूरा सेटअप लगाया हुआ था। भ्रूण लिंग जांच का कार्य डॉ. सतीश के हाथों से होना था। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम भ्रूण लिंग जांच करने वाली टीम को बराबर फॉलो कर रही थी और गगसीना में पहुंचते ही भ्रूण लिंग जांच के मामले का भंडाफोड़ करते हुए मामले की सूचना मूनक चौंकी को दी। मूनक चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दाई महिला संतरो, दलाल प्रवेश व मकान मालिक बलकार सिंह सहित लिंग जांच उपकरणों को हिरासत में ले लिया।
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22 हजार में लिंग जांच
करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनको गांव गगसीना में भ्रूण लिंग जांच करने की सूचना रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह ने दी थी, वे भी अपनी टीम के साथ गांव गगसीना पहुंचे। यहीं पर भ्रूण लिंग जांच करने वाली टीम को 22 हजार रुपये दिए गए। इनमें से 15 हजार रुपये डॉक्टर लेकर फरार हो गया और 7 हजार रुपये स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मकान मालिक से बरामद कर लिए। हैरत की बात है कि भैंस के तबेले में एक खाट, आईपेड व उपकरणों की सहायता से इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा था।
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केस दर्ज, जांच शुरू
मूनक चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव गगसीना में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच करने वालों का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को उपकरणों के साथ दबोचा था, जबकि एक डॉक्टर व दलाल मौके से फरार हो गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
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बुधवार को रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह, जींद के डिप्टी सीएमओ और करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र ने टीम के साथ गांव गगसीना में बलकार सिंह के भैंस के तबेले में छापा मारा। जहां पर कुछ लोगों द्वारा भ्रूण लिंग जांच के अवैध कार्य को अंजाम दिया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रूण लिंग जांच करवाने वाली बागडू निवासी संतरों, सफीदों निवासी प्रवेश व गगसीना निवासी मकान मालिक बलवान सिंह को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि मुख्य चिकित्सक डॉ. सतीश व सफीदों निवासी विनोद मौका पाकर फरार हो गए। इसी दौरान मुख्य चिकित्सक डॉ. सतीश महिला से लिए 22 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये लेकर फरार हो गया। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से एक आई-पेड सहित अन्य कई उपकरण बरामद किए।
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नकली ग्राहक से किया भंडाफोड़
रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह को सफीदों में भ्रूण लिंग जांच के मामले की सूचना मिल रही थी। खुलासा करने के लिए डिप्टी सीएमओ ने नकली ग्राहक (गर्भवती महिला) को इस काम के लिए चुना और उसे सफीदों में दलाल प्रवेश व विनोद के पास भेजा। भ्रूण लिंग जांच करने का सौदा 22 हजार रुपये में तय हुआ। बुधवार को ही भ्रूण लिंग जांच करने वाले प्रवेश, विनोद, दाई संतरो देवी गर्भवती महिला को पहले पानीपत लेकर आई और उसके बाद भ्रूण लिंग जांच के लिए गगसीना गांव में लेकर पहुंची। जहां बलकार सिंह के भैंस के तबेले में लिंग जांच करने का पूरा सेटअप लगाया हुआ था। भ्रूण लिंग जांच का कार्य डॉ. सतीश के हाथों से होना था। जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम भ्रूण लिंग जांच करने वाली टीम को बराबर फॉलो कर रही थी और गगसीना में पहुंचते ही भ्रूण लिंग जांच के मामले का भंडाफोड़ करते हुए मामले की सूचना मूनक चौंकी को दी। मूनक चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दाई महिला संतरो, दलाल प्रवेश व मकान मालिक बलकार सिंह सहित लिंग जांच उपकरणों को हिरासत में ले लिया।
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22 हजार में लिंग जांच
करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनको गांव गगसीना में भ्रूण लिंग जांच करने की सूचना रोहतक के डिप्टी सीएमओ कुलदीप सिंह ने दी थी, वे भी अपनी टीम के साथ गांव गगसीना पहुंचे। यहीं पर भ्रूण लिंग जांच करने वाली टीम को 22 हजार रुपये दिए गए। इनमें से 15 हजार रुपये डॉक्टर लेकर फरार हो गया और 7 हजार रुपये स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मकान मालिक से बरामद कर लिए। हैरत की बात है कि भैंस के तबेले में एक खाट, आईपेड व उपकरणों की सहायता से इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा था।
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केस दर्ज, जांच शुरू
मूनक चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव गगसीना में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच करने वालों का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला सहित तीन लोगों को उपकरणों के साथ दबोचा था, जबकि एक डॉक्टर व दलाल मौके से फरार हो गया था। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।