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एसपी कार्यालय में तैनात सिपाही ने ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे लाखों रुपये

Sat, 08 Jun 2019 01:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 08 Jun 2019 01:16 AM IST
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एसपी कार्यालय में तैनात सिपाही ने ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे लाखों रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। एसपी कार्यालय में तैनात सिपाही द्वारा ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपयों की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। सिपाही पर दो पीड़ित व्यक्तियों ने आरोप लगाए हैं कि सिपाही ने डीएसपी और जज के साथ जान पहचान का हवाला देकर उनसे 2.30 लाख रुपये ले लिए हैं लेकिन तीनों व्यक्ति नौकरी नहीं लगे। अब वह उन्हें धमकी दे रहा है और पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है। हालांकि एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने इसकी जांच डीएसपी को सौंपी हुई है, लेकिन सिपाही सतीश ऑफिस में ही नहीं आ रहा।

फुरलक गांव निवासी धर्मपाल ने बताया कि सिपाही की उसके बेटे के साथ जान पहचान थी। वह उनके घर भी आता था। सिपाही ने उन्हें कहा कि उसकी डीएसपी और जज के साथ अच्छी जान पहचान है। ग्रुप डी में नौकरी लगवानी है तो ढाई लाख में लगवा दूंगा, पहले एक लाख रुपये देने होंगे। उसकी बातों में आकर उसने अपने दामाद कुलदीप और बेटे के साले सुमित को ग्रुप डी में लगवाने के लिए एक-एक लाख रुपये सिपाही के खाते में डाल दिए लेकिन नौकरी नहीं मिली। जब सिपाही से दो लाख रुपये वापस मांगे तो उसने पहले तो देने से मना कर दिया और फिर 70 हजार रुपये दे दिए। अब 1.30 लाख रुपये वह नहीं दे रहा। वहीं, दूसरी ओर पंजाब निवासी राजेश ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसकी सिपाही के साथ पहले से जान पहचान है। उसने कहा कि वह ग्रुप डी में नौकरी लगवा देगा। तो वह उसकी बातों में आ गया और अपने रिश्तेदार शामगढ़ निवासी शुभम को नौकरी लगवाने के लिए उसने एक लाख रुपये दे दिए, लेकिन वह नौकरी नहीं लगा। जब रुपये वापस मांगे तो वह अब उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है।
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सिपाही के खिलाफ रुपयों को लेकर शिकायत मिली हुई है। इस बारे में जांच की जा रही है अभी दोनों पक्षों के बयान नहीं हुई है। जांच की जा रही है।
-विरेंद्र सैनी, हेडक्वार्टर डीएसपी, करनाल।
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