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बीईओ के आवास पर पुलिस का छापा, परिजनों से की पूछताछ
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने के आरोप में फरार बीईओ राजीव भुटानी की रेवाड़ी सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद एक बार फिर से पुलिस ने बीईओ की गिरफ्तारी को लेकर तलाश तेज कर दी है। रविवार को पुलिस ने बीईओ के आवास पर छापा मारा, हालांकि इस दौरान बीईओ वहां पर नहीं मिला। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की है।
बता दें कि 26 मई को नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा का पेपर एसएस इंटरनेशनल स्कूल से लीक हुआ था। इस पूरे प्रकरण में करनाल में बीईओ राजीव भुटानी ने अहम भूूमिका निभाई थी। बीईओ ने एसएस इंटरनेशनल स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर जसवीर सिंह के साथ सेटिंग की और फिर जसवीर ने स्कूल के चपरासी राजकुमार के फोन से पेपर को आउट कराया। रेवाड़ी पुलिस की पूछताछ में राजकुमार और जसवीर सिंह ने बीईओ राजीव भुटानी का नाम लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बीईओ ने दो लाख रुपये में पेपर आउट करने का सौदा किया था। इसके बदले एक लाख रुपये एडवांस लिए गए थे और एक लाख रुपये बाद में लेने तय हुए थे। हालांकि, इतनी कम राशि में इतने बड़े ओहदे की परीक्षा का पेपर आउट करना नामुमकिन है, लेकिन रेवाड़ी पुलिस कुछ इसी प्रकार का दावा कर रही है। गिरफ्तारी से बचने के लिए बीईओ राजीव भुटानी ने दो दिन पहले अग्रिम जमानत लगाई थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। ऐसे में बीईओ के पास खुद को पुलिस के सामने सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। बावजूद इसके वह अभी तक पुलिस की गिरफ्तारी से दूर है। इस बारे में एसटीएफ के इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि रेवाड़ी पुलिस को बीईओ की तलाश है, हम उनकी मदद कर रहे हैं। बीईओ की तलाशी को लेकर अभियान जारी है।
सवा लाख रुपये से ज्यादा वेतन, फिर भी लालच
बीईओ राजीव भुटानी का कुल मिलाकर करीब सवा लाख रुपये प्रति माह वेतन बनता है। बावजूद इसके मात्र दो लाख रुपये के लिए उन्होंने अपना करियर दांव पर लगा दिया। उनके स्टाफ के सदस्य दावा करते हैं कि भुटानी इससे पहले भी इसी प्रकार की गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
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करनाल। नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा में पेपर लीक करने के आरोप में फरार बीईओ राजीव भुटानी की रेवाड़ी सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद एक बार फिर से पुलिस ने बीईओ की गिरफ्तारी को लेकर तलाश तेज कर दी है। रविवार को पुलिस ने बीईओ के आवास पर छापा मारा, हालांकि इस दौरान बीईओ वहां पर नहीं मिला। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की है।
बता दें कि 26 मई को नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा का पेपर एसएस इंटरनेशनल स्कूल से लीक हुआ था। इस पूरे प्रकरण में करनाल में बीईओ राजीव भुटानी ने अहम भूूमिका निभाई थी। बीईओ ने एसएस इंटरनेशनल स्कूल के एडमिनिस्ट्रेटर जसवीर सिंह के साथ सेटिंग की और फिर जसवीर ने स्कूल के चपरासी राजकुमार के फोन से पेपर को आउट कराया। रेवाड़ी पुलिस की पूछताछ में राजकुमार और जसवीर सिंह ने बीईओ राजीव भुटानी का नाम लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बीईओ ने दो लाख रुपये में पेपर आउट करने का सौदा किया था। इसके बदले एक लाख रुपये एडवांस लिए गए थे और एक लाख रुपये बाद में लेने तय हुए थे। हालांकि, इतनी कम राशि में इतने बड़े ओहदे की परीक्षा का पेपर आउट करना नामुमकिन है, लेकिन रेवाड़ी पुलिस कुछ इसी प्रकार का दावा कर रही है। गिरफ्तारी से बचने के लिए बीईओ राजीव भुटानी ने दो दिन पहले अग्रिम जमानत लगाई थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। ऐसे में बीईओ के पास खुद को पुलिस के सामने सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। बावजूद इसके वह अभी तक पुलिस की गिरफ्तारी से दूर है। इस बारे में एसटीएफ के इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि रेवाड़ी पुलिस को बीईओ की तलाश है, हम उनकी मदद कर रहे हैं। बीईओ की तलाशी को लेकर अभियान जारी है।
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सवा लाख रुपये से ज्यादा वेतन, फिर भी लालच
बीईओ राजीव भुटानी का कुल मिलाकर करीब सवा लाख रुपये प्रति माह वेतन बनता है। बावजूद इसके मात्र दो लाख रुपये के लिए उन्होंने अपना करियर दांव पर लगा दिया। उनके स्टाफ के सदस्य दावा करते हैं कि भुटानी इससे पहले भी इसी प्रकार की गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
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