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60 हजार लेकर स्कूल में दिलाए बीए के पेपर, यूनिवर्सिटी में डीएमसी चेक कराई तो नहीं मिला कोई रिकॉर्ड, दो भाईयों पर मामला दर्ज
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:37 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। गांव दुपेड़ी में दो भाइयों ने एक युवक को बीए कराने के नाम पर पचास हजार रुपये लेकर फर्जी डीएमसी बनाकर दे दी। जब परिजन तमिलनाडु की यूनिवर्सिटी में रिकॉर्ड चेक कराने गए तो वहां कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों भाई सुरेंद्र व नरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। दुपेड़ी निवासी तेजबीर ने बताया कि आरोपी नरेंद्र का गांव में ही स्कूल था और सुरेंद्र वहां प्रिंसिपल था। उसका भतीजा राकेश बीए प्रथम वर्ष में पेपर नहीं दे पाया, तो नरेंद्र व सुरेंद्र उसके भतीजे से बोले की वह अपने ही स्कूल में उसके बीए के पेपर लेकर उसे पास करा देगा। इसके लिए 60 हजार रुपये लगेंगे। इसके बाद उन्होंने दोनों आरोपियों को रुपए दे दिए और उन्होंने उसके भतीजे के स्कूल में ही पेपर ले लिए और डीएमसी दे दी। जब वह डिग्री मांगने लगे तो उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये और लगेंगे। इसके बाद वे तमिलनाडु यूनिवर्सिटी में गए, जहां की उन्होंने डीएमसी उसे दी थी। वहां पता लगा कि उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है ये डीएमसी फर्जी है।
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करनाल। गांव दुपेड़ी में दो भाइयों ने एक युवक को बीए कराने के नाम पर पचास हजार रुपये लेकर फर्जी डीएमसी बनाकर दे दी। जब परिजन तमिलनाडु की यूनिवर्सिटी में रिकॉर्ड चेक कराने गए तो वहां कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों भाई सुरेंद्र व नरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। दुपेड़ी निवासी तेजबीर ने बताया कि आरोपी नरेंद्र का गांव में ही स्कूल था और सुरेंद्र वहां प्रिंसिपल था। उसका भतीजा राकेश बीए प्रथम वर्ष में पेपर नहीं दे पाया, तो नरेंद्र व सुरेंद्र उसके भतीजे से बोले की वह अपने ही स्कूल में उसके बीए के पेपर लेकर उसे पास करा देगा। इसके लिए 60 हजार रुपये लगेंगे। इसके बाद उन्होंने दोनों आरोपियों को रुपए दे दिए और उन्होंने उसके भतीजे के स्कूल में ही पेपर ले लिए और डीएमसी दे दी। जब वह डिग्री मांगने लगे तो उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये और लगेंगे। इसके बाद वे तमिलनाडु यूनिवर्सिटी में गए, जहां की उन्होंने डीएमसी उसे दी थी। वहां पता लगा कि उसका कोई रिकॉर्ड नहीं है ये डीएमसी फर्जी है।