{"_id":"5c5c2fa5bdec222b6e16c98e","slug":"11549545381-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में आधा घंटा तड़पती रही घायल महिला, स्ट्रेचर तक नहीं मिला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अस्पताल में आधा घंटा तड़पती रही घायल महिला, स्ट्रेचर तक नहीं मिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दूसरे दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। जिले की करीब 17 एंबुलेंस बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसका असर निसिंग में भी देखने को मिला। बुधवार को निसिंग में एक महिला दुर्घटना में घायल हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे करनाल पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एंबुलेंस नहीं होने की वजह से आस-पास के लोगों ने उसे एक निजी गाड़ी में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन करीब आधे घंटे तक महिला गाड़ी में ही दर्द से कराहती रही, लेकिन कोई स्ट्रेचर तक लेकर नहीं आया। साथ आया व्यक्ति डॉ. के पास पहुंचा। डॉक्टर ने पर्ची दोबारा लाने के बाद ही इलाज शुरू करने की बात कही। मामला मीडिया में आने के बाद महिला का इलाज शुरू हो पाया।
बता दें कि एनएचएम कर्मी मांगों को लेकर दो दिन की सांकेतिक हड़ताल पर हैं। बुधवार को दूसरे दिन 80 कर्मियों का स्टाफ, करीब 167 एएनएम, 133 जीएनएम सहित सैकड़ों अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। एसोसिएशन के महासचिव गोपाल शर्मा ने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन
करनाल। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दूसरे दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं। जिले की करीब 17 एंबुलेंस बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसका असर निसिंग में भी देखने को मिला। बुधवार को निसिंग में एक महिला दुर्घटना में घायल हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे करनाल पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। एंबुलेंस नहीं होने की वजह से आस-पास के लोगों ने उसे एक निजी गाड़ी में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, लेकिन करीब आधे घंटे तक महिला गाड़ी में ही दर्द से कराहती रही, लेकिन कोई स्ट्रेचर तक लेकर नहीं आया। साथ आया व्यक्ति डॉ. के पास पहुंचा। डॉक्टर ने पर्ची दोबारा लाने के बाद ही इलाज शुरू करने की बात कही। मामला मीडिया में आने के बाद महिला का इलाज शुरू हो पाया।
बता दें कि एनएचएम कर्मी मांगों को लेकर दो दिन की सांकेतिक हड़ताल पर हैं। बुधवार को दूसरे दिन 80 कर्मियों का स्टाफ, करीब 167 एएनएम, 133 जीएनएम सहित सैकड़ों अन्य कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। एसोसिएशन के महासचिव गोपाल शर्मा ने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन