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Karnal News: दृढ संकल्प से क्रिकेटर पवन ने पाया मुकाम
Sat, 22 Feb 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा एसोसिएशन के दिव्यांग क्रिकेटर पवन कुमार खिलाड़ियों के लिए उभरती प्रतिभा की मिसाल पेश कर रहे है। पवन कुमार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण जीवन में क्रिकेट के सफर में कई दफा बहुत बाधाएं आईं। उन्होंने लक्ष्य पाने के दृढ संकल्प से ही यह मुकाम पाया है।
उनकी काबिलियत की बदौलत उनका चयन श्रीलंका में आयोजित पीडी चैंपियन ट्रॉफी के लिए हुआ, जोकि एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता है। विदित हो कि निसिंग के वार्ड 13 निवासी दिव्यांग क्रिकेटर पवन कुमार की कड़ी मेहनत, लगन एवं जीवन में कुछ कर पाने के जज्बे की बदौलत बड़ी उपलब्धि पाने के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है।
विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में चार देशों की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें भारत श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमों ने भाग लिया। इससे पूर्व भी पवन कुमार ने अहमदाबाद में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी-20 मैच में उन्होंने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट लिए थे। दूसरे मैच में उन्होंने चार ओवर में 30 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। उनकी इस उपलब्धि ने भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में सहयोग किया।
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भारतीय टीम में चयन गर्व की बात ः विक्रम
एसोसिएशन के अध्यक्ष और कोच विक्रम ठाकुर का कहना है कि पवन कुमार का भारतीय टीम में चयन हरियाणा राज्य के लिए गर्व की बात रही। यह भविष्य में ग्रामीण एवं शहरी परिवेश के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा। पवन कुमार की भारतीय टीम में चयन की कहानी उनके संघर्ष और कड़ी मेहनत का परिणाम है। खिलाड़ी पवन कुमार ने 12 वर्षों तक कर्ण स्टेडियम में क्रिकेट का अभ्यास किया है। उन्होंने बताया कि पवन कुमार को यह सफलता तब आई जब उन्होंने कई स्थानीय और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपनी उत्कृष्टता दिखाई।
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करनाल। हरियाणा एसोसिएशन के दिव्यांग क्रिकेटर पवन कुमार खिलाड़ियों के लिए उभरती प्रतिभा की मिसाल पेश कर रहे है। पवन कुमार ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण जीवन में क्रिकेट के सफर में कई दफा बहुत बाधाएं आईं। उन्होंने लक्ष्य पाने के दृढ संकल्प से ही यह मुकाम पाया है।
उनकी काबिलियत की बदौलत उनका चयन श्रीलंका में आयोजित पीडी चैंपियन ट्रॉफी के लिए हुआ, जोकि एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता है। विदित हो कि निसिंग के वार्ड 13 निवासी दिव्यांग क्रिकेटर पवन कुमार की कड़ी मेहनत, लगन एवं जीवन में कुछ कर पाने के जज्बे की बदौलत बड़ी उपलब्धि पाने के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है।
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विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में चार देशों की टीमों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें भारत श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमों ने भाग लिया। इससे पूर्व भी पवन कुमार ने अहमदाबाद में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी-20 मैच में उन्होंने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट लिए थे। दूसरे मैच में उन्होंने चार ओवर में 30 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। उनकी इस उपलब्धि ने भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में सहयोग किया।
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भारतीय टीम में चयन गर्व की बात ः विक्रम
एसोसिएशन के अध्यक्ष और कोच विक्रम ठाकुर का कहना है कि पवन कुमार का भारतीय टीम में चयन हरियाणा राज्य के लिए गर्व की बात रही। यह भविष्य में ग्रामीण एवं शहरी परिवेश के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा। पवन कुमार की भारतीय टीम में चयन की कहानी उनके संघर्ष और कड़ी मेहनत का परिणाम है। खिलाड़ी पवन कुमार ने 12 वर्षों तक कर्ण स्टेडियम में क्रिकेट का अभ्यास किया है। उन्होंने बताया कि पवन कुमार को यह सफलता तब आई जब उन्होंने कई स्थानीय और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपनी उत्कृष्टता दिखाई।