काम में कोताही पर सीपीएस ने अधिकारियों को लगाई लताड़
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पंचायत भवन में बुधवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक एक ऐसा मामला सामने आया कि चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी बिफर पड़े। मामले के अनुसार, पानी का बिल ठीक करने की एवज में उपभोक्ता से रिश्वत लेने के बाद भी बिल ज्यादा आने और उससे दुर्व्यवहार के बावजूद विभाग की ओर से शिकायतकर्ता का संतुष्टि का पत्र बैठक में देना अधिकारियों को महंगा पड़ गया। सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि, वो संतुष्ट है, हम नहीं। इस मामले में कार्रवाई चाहिए। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई क्या हुई मुझे ये बताएं। एसडीओ के पास कोई जवाब नहीं होने पर सीपीएस ने कहा कि ये शर्मनाक बात है। सीपीएस ने मामले में लीपापोती करने पर विभाग के एसई और एसडीओ तक के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। साथ ही चेताया कि आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करें।
सीपीएस समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान कुल 12 शिकायतें सुनी र्गइं। इनमें से 7 का मौके पर ही समाधान हो गया, जबकि पांच को लंबित रखा गया है। सीपीएस ने जनस्वास्थ्य विभाग के तीनों अधिकारियों को कहा कि आपने अपनी जवाबदेही नहीं समझी, यह बहुत शर्मनाक बात है। विभाग के एसई ने बाद में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
रिश्वत देने पर अधिक आया पानी का बिल
दुग्गल कॉलोनी निवासी गुरदयाल सिंह ने बताया कि 13 जनवरी 2016 को पानी का ज्यादा बिल आया था। कर्मचारियों के कहने पर उसने नया मीटर लगवाया। इसके बाद भी उनका बिल ज्यादा आया। 31 अगस्त 2016 को दोबारा पानी का बिल 15 हजार 70 रुपये भेज दिया गया। जब वह विभाग के एक कर्मचारी से मिला तो उसने उसकी एक बार भी नहीं सुनी। बाद में बोला कि यदि बिल ठीक करवाना है तो इसके लिए 1 हजार रुपये देने पडे़ंगे। जब उसने एक हजार रुपये दे दिए तो आरोपी ने उसके बिल को 15 हजार 70 रुपये से घटाकर 9 हजार कर दिया और उसे 9 हजार रुपये की रसीद भी दे दी।
इसके बाद भी उसके साथ आरोपी कर्मचारी ने दुर्व्यवहार किया। जांच रिपोर्ट में कार्यकारी अभियंता ने कहा कि बिल को ठीक कर दिया गया था, इसके बाद शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे कार्रवाई नहीं करवानी है। इस पर सीपीएस ने कहा कि आप तो इससे संतुष्ट हैं पर मै संतुष्ट नहीं हूं। सीपीएस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की या नहीं? इस पर कार्यकारी अभियंता चुप रहे तो सीपीएस ने एसडीओ और एसई प्रेम सिंह को भी बुलाया। एसई व एसडीओ ने कहा कि कर्मचारी की ज्यादा गलती नहीं है, थोड़ी बहुत गलती है। सीपीएस ने एसई को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मामले की जांच करने के आदेश दिए।
एसई साहब आप सलाह नहीं, आदेश दिया करो
जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की ओर से बिल ठीक करने की एवज में 1 हजार रुपये मांगने के मामले में जब सीपीएस कमल गुप्ता और उपायुक्त मंदीप बराड़ ने एसई एमएल राणा से पूछा तो उन्होंने कहा कि एक्सईएन को सलाह दी थी। इस पर उपायुक्त बराड़ ने कहा कि आप विभाग के एसई हैं। आप सलाह नहीं आदेश देंगे। उपायुक्त ने भी आरोपी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए।
असली के खिलाफ केस दर्ज, नकली का पता नहीं
गांव ननदी खालसा के प्रवीन ने शिकायत दी कि एक व्यक्ति के पास जाली मुहरे हैं। वह जाली दस्तावेज तैयार करता है। इस पर डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा चुकी है। जबकि प्रवीन कुमार ने बताया कि राशनकार्ड धारक इंतजार अली के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी गई है, परंतु शिकायत गलत राशन कार्ड बनाने वाले के खिलाफ दर्ज होनी चाहिए थी। इस पर सीपीएस ने कड़ा संज्ञान लिया।
दो साल बाद भी एफएसएल ने नहीं दी रिपोर्ट
गांव माजरा रोड़ान वासी जैला राम ने शिकायत में बताया कि उसके बेटे की मृत्यु दो वर्ष पहले खेत में हो गई थी। मृत्यु से संबंधित नमूना एफएसएल में भेजा गया था, लेकिन दो साल बाद भी उसकी रिपोर्ट नहीं मिली। सीपीएस ने बैठक में एफएसएल के कर्मचारियों के न पहुंचने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने एसपी को मामले की जांच करने के आदेश दिए।
मेडिकल ऑफिसर नहीं देते ड्यूटी, एसडीएम करेंगे जांच
गांव बीड़बड़ालवा के लव कुमार ने शिकायत दी कि निगदू के स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल आफिसर इंचार्ज सप्ताह में कुछ घंटे ही सेवाएं देता है। इस पर सीएमओ ने बताया कि मामले की जांच की गई है। इस पर सीपीएस ने असंतुष्टि जाहिर की और कहा कि संबंधित शिकायत का हल अभी नहीं हुआ है। इसके लिए एसडीएम योगेश कुमार जांच करेंगे। वहीं, गांव हलवाना के शिव कुमार ने कहा कि गांव में बिना किसी डिग्री और लाइसेंस के एक झोलाछाप डॉक्टर प्रैक्टिस करता है।
टेंडर कॉल हुए कलवेहड़ी में बिछेगी पाइप लाइन
गांव कलवेहड़ी के अशोक कुमार ने शिकायत दी कि उनके गांव की कॉलोनी में पीने के पानी की किल्लत हो रही है। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि गांव में पाइप लाईन बिछाने से संबंधित एस्टीमेट मुख्यालय को भेजा गया था, जो स्वीकृत हो चुका है। टेंडर कॉल कर लिये गए हैं।
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रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
गांव अलीपुर खालसा के बाबुराम ने शिकायत में बताया कि अवैध तरीके से पंचायती भूमि में केमिकल युक्त पानी छोड़ा जा रहा है। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि पानी के सैंपल लिए गए हैं तथा रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर आ जाएगी।
करनाल में ही बैठेंगे बोर्ड के अधिकारी
जिला उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देश दिए कि वे प्रदूषण से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सप्ताह के सभी कार्यदिवसों के दिन करनाल में उपस्थित रहेंगे और संबंधित शिकायतों का हल करेंगे।