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निगम अफसरों ने किया गोशाला का निरीक्षण
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करनाल। गोशाला का संचालन किसे दिया, इसे लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो सकी है। हालांकि नगरनिगम के अधिकारियों ने गोशाला का निरीक्षण कर यहां की व्यवस्थाएं देखी। यहां साफ सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। नगरनिगम हाउस की बैठक भी 27 जुलाई को बुलाए जाने की बात कही गई थी लेकिन तकनीकि कारणों से बैठक नहीं बुलाई जा सकी है।
बाबा बंसी वाले संस्था के इनकार के बाद नगरनिगम ने गोशाला के संचालन की व्यवस्था अपने हाथों में ले ली थी। इसके लिए पांच लाख रुपये का तत्कालिक बजट भी दे दिया गया है। हालांकि नगरनिगम से कुछ लोग चाहते हैं कि व्यवस्था पहले जैसी ही हो। इसके लिए 75 दिन पहले गठित कमेटी ने अपने निर्णय भी तैयार किया लेकिन इसमें मेयर व कमेटी की अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं हो सके थे, इस कारण कमेटी की सिफारिशे लागू नहीं हो सकी थी। मेयर का कहना है कि कमेटी अभी उचित निर्णय नहीं ले सकी है, इसके लिए हाउस की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसे लेकर इन दिनों नगरनिगम में राजनीति गर्म है। मेयर ने इसके लिए 27 जुलाई को निगम की बैठक बुलाने की बात कही थी लेकिन तकनीकि कारणों से फिलहाल 27 जुलाई को बैठक नहीं हो सकती है। इसकी तिथि बाद में तय की जा सकती है। इधर, अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव कुमार, उप निगमायुक्त अरुण भार्गव, मुख्य अभियंता महिपाल सिंह, एसओ महावीर सोढ़ी आदि ने मंगलवार को गोशाला का निरीक्षण किया। यहां काफी समय से चारे की टंकियों को साफ नहीं किए जाने पर अफसरों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनकी तत्काल सफाई के निर्देश दिए। बछड़ों आदि कम उम्र के गोवंशीय पशुओं की खासतौर पर देखभाल करने को कहा गया है।
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बाबा बंसी वाले संस्था के इनकार के बाद नगरनिगम ने गोशाला के संचालन की व्यवस्था अपने हाथों में ले ली थी। इसके लिए पांच लाख रुपये का तत्कालिक बजट भी दे दिया गया है। हालांकि नगरनिगम से कुछ लोग चाहते हैं कि व्यवस्था पहले जैसी ही हो। इसके लिए 75 दिन पहले गठित कमेटी ने अपने निर्णय भी तैयार किया लेकिन इसमें मेयर व कमेटी की अध्यक्ष के हस्ताक्षर नहीं हो सके थे, इस कारण कमेटी की सिफारिशे लागू नहीं हो सकी थी। मेयर का कहना है कि कमेटी अभी उचित निर्णय नहीं ले सकी है, इसके लिए हाउस की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसे लेकर इन दिनों नगरनिगम में राजनीति गर्म है। मेयर ने इसके लिए 27 जुलाई को निगम की बैठक बुलाने की बात कही थी लेकिन तकनीकि कारणों से फिलहाल 27 जुलाई को बैठक नहीं हो सकती है। इसकी तिथि बाद में तय की जा सकती है। इधर, अतिरिक्त निगमायुक्त गौरव कुमार, उप निगमायुक्त अरुण भार्गव, मुख्य अभियंता महिपाल सिंह, एसओ महावीर सोढ़ी आदि ने मंगलवार को गोशाला का निरीक्षण किया। यहां काफी समय से चारे की टंकियों को साफ नहीं किए जाने पर अफसरों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनकी तत्काल सफाई के निर्देश दिए। बछड़ों आदि कम उम्र के गोवंशीय पशुओं की खासतौर पर देखभाल करने को कहा गया है।
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