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Karnal News: स्वयं सहायता समूह व क्षेत्र स्तरीय संघ बनाने में निगम प्रथम
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- प्रदेश में पहले नंबर पर करनाल, पीएमएवाई, स्वनिधि व एनयूएलएम योजना की समीक्षा भी की
- लक्ष्य पूरा करने तथा पात्र व्यक्तियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह व क्षेत्र स्तरीय संघ (एरिया लेवल फेडरेशन) बनाने में नगर निगम करनाल प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत नगर निगम करनाल क्षेत्र में 723 स्वयं सहायता समूह और 26 क्षेत्र स्तरीय संघ का गठन किया गया है। पूरे प्रदेश में कुल 33 क्षेत्र स्तरीय संघ बनाए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सीपीओ शाखा के कर्मचारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी और कर्मचारियों को बधाई दी। योजना को देख रहे कर्मचारी को कहा कि योजना से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाए। उन्होंने ऐसी महिलाओं की सेविंग बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि जो महिलाएं सरकार की दूसरी योजनाओं में भी काम शुरू करना चाहती हैं, उन्हें उनकी भी जानकारी दी जाए।
बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू), प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) जैसी प्रधानमंत्री की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उपस्थित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे सभी योजनाओं में और कार्य करें। प्रगति को और अधिक बढ़ाया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले, इसके लिए निजी रूचि लेकर काम करें। लक्ष्य निर्धारित कर कार्य को करें और परिणाम लेकर आएं। लाभार्थियों को घर निर्माण की तीनों किश्तों की पेमेंट समय पर मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का लाभ लेने वाले आवेदकों के मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। अगर बैंक स्तर पर लंबित हैं तो शाखा प्रबंधक से बात कर उसे करवाया जाए। ब्यूरो
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19029 स्ट्रीट वेंडरों को मिला ऋण
पीएम स्वनिधि योजना प्रधानमंत्री द्वारा कोविड के दौर में ऐसे रेहड़ी-पटरी वालों के लिए शुरू की गई थी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हो गए थे। उनका काम-धंधा दोबारा शुरू करवाने के लिए 10 हजार रुपये का ऋण देने की सुविधा दी गई थी। जो व्यक्ति नियमित रूप से ऋण की किश्तें चुका देता है, उसे 20 हजार रुपये का और 20 हजार रुपये के लोन की भी नियमित किश्तें चुकाने वाले वैंडर को 50 हजार रुपये का ऋण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि योजना में ऋण के ब्याज पर आकर्षक सब्सिडी दी जाती है, जिसमें सात प्रतिशत केंद्र की ओर से और दो प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान है। अब तक करनाल जिले में 19029 स्ट्रीट वैंडरों को प्रायोजित किया गया है। इनमें से 10892 रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार रुपये, 2752 को 20 हजार और 872 को 50 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया जा चुका है।
आवास योजना में जारी हुए साढ़े 46 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना, हाऊसिंग फॉर आल यानी सभी के लिए घर के विषया को लेकर शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत नया मकान बनाने को लेकर 2.50 लाख रुपये और मकान विस्तार करने को लेकर 1.50 लाख रुपये अनुदान राशि प्रदान की जाती है। जिला में कुल 2190 लाभार्थियों को आशय पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त 2129 लाभार्थियों को पहली, 1976 को दूसरी और 1697 को तीसरी किश्त जारी की जा चुकी है। अब तक करीब साढे़ 46 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी हुई है।
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- लक्ष्य पूरा करने तथा पात्र व्यक्तियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह व क्षेत्र स्तरीय संघ (एरिया लेवल फेडरेशन) बनाने में नगर निगम करनाल प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत नगर निगम करनाल क्षेत्र में 723 स्वयं सहायता समूह और 26 क्षेत्र स्तरीय संघ का गठन किया गया है। पूरे प्रदेश में कुल 33 क्षेत्र स्तरीय संघ बनाए गए हैं।
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सीपीओ शाखा के कर्मचारियों के साथ की गई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी और कर्मचारियों को बधाई दी। योजना को देख रहे कर्मचारी को कहा कि योजना से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जाए। उन्होंने ऐसी महिलाओं की सेविंग बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि जो महिलाएं सरकार की दूसरी योजनाओं में भी काम शुरू करना चाहती हैं, उन्हें उनकी भी जानकारी दी जाए।
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बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू), प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) जैसी प्रधानमंत्री की फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उपस्थित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे सभी योजनाओं में और कार्य करें। प्रगति को और अधिक बढ़ाया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिले, इसके लिए निजी रूचि लेकर काम करें। लक्ष्य निर्धारित कर कार्य को करें और परिणाम लेकर आएं। लाभार्थियों को घर निर्माण की तीनों किश्तों की पेमेंट समय पर मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का लाभ लेने वाले आवेदकों के मामले लंबित नहीं रहने चाहिए। अगर बैंक स्तर पर लंबित हैं तो शाखा प्रबंधक से बात कर उसे करवाया जाए। ब्यूरो
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19029 स्ट्रीट वेंडरों को मिला ऋण
पीएम स्वनिधि योजना प्रधानमंत्री द्वारा कोविड के दौर में ऐसे रेहड़ी-पटरी वालों के लिए शुरू की गई थी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हो गए थे। उनका काम-धंधा दोबारा शुरू करवाने के लिए 10 हजार रुपये का ऋण देने की सुविधा दी गई थी। जो व्यक्ति नियमित रूप से ऋण की किश्तें चुका देता है, उसे 20 हजार रुपये का और 20 हजार रुपये के लोन की भी नियमित किश्तें चुकाने वाले वैंडर को 50 हजार रुपये का ऋण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि योजना में ऋण के ब्याज पर आकर्षक सब्सिडी दी जाती है, जिसमें सात प्रतिशत केंद्र की ओर से और दो प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान है। अब तक करनाल जिले में 19029 स्ट्रीट वैंडरों को प्रायोजित किया गया है। इनमें से 10892 रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार रुपये, 2752 को 20 हजार और 872 को 50 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया जा चुका है।
आवास योजना में जारी हुए साढ़े 46 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री आवास योजना, हाऊसिंग फॉर आल यानी सभी के लिए घर के विषया को लेकर शुरू की गई थी। इसके अंतर्गत नया मकान बनाने को लेकर 2.50 लाख रुपये और मकान विस्तार करने को लेकर 1.50 लाख रुपये अनुदान राशि प्रदान की जाती है। जिला में कुल 2190 लाभार्थियों को आशय पत्र जारी किए गए। इसके अतिरिक्त 2129 लाभार्थियों को पहली, 1976 को दूसरी और 1697 को तीसरी किश्त जारी की जा चुकी है। अब तक करीब साढे़ 46 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी हुई है।