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उपभोक्ताओं ने बैंक के बाहर काटा बवाल
करनाल
Updated Tue, 10 Dec 2013 04:35 PM IST
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करनाल शहर के सिंडिकेट बैंक में हुए धोखाधड़ी के मामले में सोमवार को उपभोक्ताओं ने दिन भर बैंक के मुख्यद्वार पर हंगामा किया।
बैंक के एजेंट की धोखाधड़ी के शिकार करीब पचास से अधिक उपभोक्ताओं ने बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उपभोक्ताओं ने कहा कि बैंक अधिकारियों और कर्मियों की मिलिभगत के बिना फ्रॉड होना संभव नहीं।
उपभोक्ताओं से बैंक ने दो दिन में जांच कर पूरा मामला साफ करने का समय मांगा है, लेकिन उपभोक्ताओं का गुस्सा बैंक के प्रति कतई कमजोर नहीं हो रहा है।
उधर, मामले की जांच करने के लिए चंडीगढ़ से तीन अधिकारियों की टीम सोमवार को बैंक पहुंची। टीम ने जांच करने का अपना काम प्रारंभ कर दिया।
सोमवार को बैंक के बाहर सुबह नौ बजे से पहले ही जमा होना प्रारंभ हो गए थे। इससे पूर्व बैंक के सीनियर प्रबंधक समेत स्टाफ के कई लोग बैंक में पहुंच चुके थे।
बैंक के बाहर जमा हुए उपभोक्ताओं ने बैंक के मुख्यद्वार पर ही धरना दिया। पुलिस भी आई, लेकिन उपभोक्ता डटे रहे। विरोध जताने वाले लोगों में शामिल कमल सचदेवा, गगन लूथरा, अरूण पासी, नवीन जैन, जितेंद्र कुमार, संदीप, पवन गुप्ता, प्रदीप अरोडा, आनंद कुमार, सुभाष चंद, मोहित कथूरिया, उर्मिला, उपेंद्र सिंह, अजय कुमार, सीमा, किशन, विक्की, रीतू, सुखबीर, राजेश, रोहित कथूरिया, वैभव सरदाना व ओप्रकाश समेत काफी लोगों ने बैंक के मुख्य गेट पर धरना दिया। इन लोगों ने बैंक विरोधी नारे कागज पर लिख कर बैंक के बाहर चस्पा कर दिए।
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इन लोगों ने बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सुरेश नारंग को साफ कहा कि उन लोगों को कुछ मालूम नहीं। वह लोग तो केवल अपना पैसा चाहते है।
लोगों से धोखाधड़ी करने वाले बैंक अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ बैंक मामला दर्ज कराए।
दूसरी ओर इस मामले में चंडीगढ़ स्थित आरएम ऑफि स से उच्चाधिकारियों की टीम ने अपना जांच का काम प्रारंभ कर दिया है।
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बैंक के एजेंट की धोखाधड़ी के शिकार करीब पचास से अधिक उपभोक्ताओं ने बैंक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उपभोक्ताओं ने कहा कि बैंक अधिकारियों और कर्मियों की मिलिभगत के बिना फ्रॉड होना संभव नहीं।
उपभोक्ताओं से बैंक ने दो दिन में जांच कर पूरा मामला साफ करने का समय मांगा है, लेकिन उपभोक्ताओं का गुस्सा बैंक के प्रति कतई कमजोर नहीं हो रहा है।
उधर, मामले की जांच करने के लिए चंडीगढ़ से तीन अधिकारियों की टीम सोमवार को बैंक पहुंची। टीम ने जांच करने का अपना काम प्रारंभ कर दिया।
सोमवार को बैंक के बाहर सुबह नौ बजे से पहले ही जमा होना प्रारंभ हो गए थे। इससे पूर्व बैंक के सीनियर प्रबंधक समेत स्टाफ के कई लोग बैंक में पहुंच चुके थे।
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बैंक के बाहर जमा हुए उपभोक्ताओं ने बैंक के मुख्यद्वार पर ही धरना दिया। पुलिस भी आई, लेकिन उपभोक्ता डटे रहे। विरोध जताने वाले लोगों में शामिल कमल सचदेवा, गगन लूथरा, अरूण पासी, नवीन जैन, जितेंद्र कुमार, संदीप, पवन गुप्ता, प्रदीप अरोडा, आनंद कुमार, सुभाष चंद, मोहित कथूरिया, उर्मिला, उपेंद्र सिंह, अजय कुमार, सीमा, किशन, विक्की, रीतू, सुखबीर, राजेश, रोहित कथूरिया, वैभव सरदाना व ओप्रकाश समेत काफी लोगों ने बैंक के मुख्य गेट पर धरना दिया। इन लोगों ने बैंक विरोधी नारे कागज पर लिख कर बैंक के बाहर चस्पा कर दिए।
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इन लोगों ने बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सुरेश नारंग को साफ कहा कि उन लोगों को कुछ मालूम नहीं। वह लोग तो केवल अपना पैसा चाहते है।
लोगों से धोखाधड़ी करने वाले बैंक अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ बैंक मामला दर्ज कराए।
दूसरी ओर इस मामले में चंडीगढ़ स्थित आरएम ऑफि स से उच्चाधिकारियों की टीम ने अपना जांच का काम प्रारंभ कर दिया है।