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बीस अवैध कॉलोनियों में तोड़े जाएंगे निर्माण
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लघु सचिवालय में अवैध कालोनी टास्कफोर्स की बैठक लेते उपायुक्त निशांत कुमार यादव।
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करनाल। लघु सचिवालय में बुधवार को हुई अवैध कॉलोनियों की टास्क फोर्स की बैठक में जिला नगर योजनाकार विक्रम कुमार ने 23 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने की बात कही। साथ ही बताया कि लोक निर्माण विभाग ने ऐसी 20 ऐसी कॉलोनियों व अवैध निर्माण को तीन सप्ताह का नोटिस जारी किया है, जो सड़क से 30 मीटर की परिधि में विकसित कर ली गई हैं। समयसीमा बीतने के बाद इन्हें तोड़ा जाएगा। उधर, लापरवाही पर असंध और इंद्री नगर पालिका के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
गौरतलब है कि जिले में लगातार अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। जिला प्रशासन के सख्त आदेशों के बावजूद अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। जिला नगर योजनाकार की टीम की तो महीने दो महीने एक दो अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई दिख जाती हैं लेकिन नगरपालिका, नगर निगम का ध्यान इस ओर कम ही जाता है। नगरपालिका असंध व इंद्री के सचिव के बैठक में न आने और पिछली बार निर्देश के बावजूद किसी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई न करने के मामले में टास्कफोर्स के चेयरमैन/उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने नाराजगी जताई।
दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ हिदायत भी दी कि यदि भविष्य में भी लापरवाही करते रहे तो मुख्यालय को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। बैठक में उन्होंने चेतावनी दी कि जिस भी अधिकारी के कार्यक्षेत्र में अवैध कॉलोनियां या निर्माण पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया, अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार, एसडीएम करनाल आयुष सिन्हा, एसडीएम घरौंडा डा. पूजा भारती, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग, एसडीएम असंध मनदीप कुमार, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके नैन, कार्यकारी अभियंता यूएचबीवीएनएल धर्म सिहाग भी उपस्थित रहे।
इन कॉलोनियों को चार माह में किया गया ध्वस्त
टास्कफोर्स की बैठक में जिला नगर योजनाकार विक्रम कुमार ने बताया कि चार महीनों में उन्होंने करीब 23 अवैध निर्माण व कॉलोनियों को ध्वस्त किया है। अप्रैल माह में घरौंडा क्षेत्र के गांव गुढ़ा में पनप रही कॉलोनी ध्वस्त की गई। मई में असंध अनाज मंडी के पास कॉलोनी को तीन-चार बार ध्वस्त किया जा चुका लेकिन फिर से निर्माण कर लिया जाता है।
मई में मधुबन में, जून में कुंजपुरा की दो कॉलोनियां, घरौंडा की तीन कॉलोनियां और असंध की छह कॉलोनियों को ढहाया गया। जून माह में ही नीलोखेड़ी में हैफेड के गोदामों के पास व कुंजपुरा में अवैध बन रहे शोरूम को ध्वस्त किया गया। जुलाई में छपरा खेड़ा तथा इंद्री में ग्रीन बेल्ट के पास बन रही कॉलोनी, घरौंडा रेलवे लाइन के पास बन रही कॉलोनी व असंध में ग्रीन बेल्ट से 30 मीटर की दूरी पर विकसित हो रहे निर्माण कार्य व अगस्त में सचिव नगरपालिका तरावड़ी द्वारा किले के पीछे पनप रही कॉलोनी को तोड़ा गया।
16 में सिर्फ सात को मिली भूमि श्रेणी परिवर्तन की स्वीकृति
हाईवे किनारे लगातार ढाबों के निर्माण जारी हैं। चूंकि यह भूमि कृषि योग्य होती है इसलिए ढाबा या कोई अन्य दुकान आदि खोलने के लिए भूमि श्रेणी परिवर्तन कराना आवश्यक है। बड़ी संख्या में ऐसे ढाबे भी हैं, जिन्होंने बिना भूमि परिवर्तन कराए ही काम शुरू कर दिया।
जिला नगर योजनाकार विक्रम कुमार ने बताया कि अब तक उनके पास कृषि योग्य भूमि को व्यावसायिक भूमि में परिवर्तन (सीएलयू) के लिए 16 आवेदन आए हैं। इसमें सात स्वीकृत कर दिए हैं। पांच पर काम चल रहा है। चार ऐसे हैं जिन्हें स्वीकृति नहीं मिली है। अवैध कॉलोनी वालों से मार्च में 1 लाख 86 हजार 548 रुपये की वसूली की गई है। अप्रैल माह में कोरोना के कारण वसूली स्थगित रही। मई और जून में 88 हजार 118 रुपये की वसूली की गई।
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गौरतलब है कि जिले में लगातार अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। जिला प्रशासन के सख्त आदेशों के बावजूद अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। जिला नगर योजनाकार की टीम की तो महीने दो महीने एक दो अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई दिख जाती हैं लेकिन नगरपालिका, नगर निगम का ध्यान इस ओर कम ही जाता है। नगरपालिका असंध व इंद्री के सचिव के बैठक में न आने और पिछली बार निर्देश के बावजूद किसी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई न करने के मामले में टास्कफोर्स के चेयरमैन/उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने नाराजगी जताई।
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दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ हिदायत भी दी कि यदि भविष्य में भी लापरवाही करते रहे तो मुख्यालय को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। बैठक में उन्होंने चेतावनी दी कि जिस भी अधिकारी के कार्यक्षेत्र में अवैध कॉलोनियां या निर्माण पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया, अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार, एसडीएम करनाल आयुष सिन्हा, एसडीएम घरौंडा डा. पूजा भारती, एसडीएम इंद्री सुमित सिहाग, एसडीएम असंध मनदीप कुमार, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके नैन, कार्यकारी अभियंता यूएचबीवीएनएल धर्म सिहाग भी उपस्थित रहे।
इन कॉलोनियों को चार माह में किया गया ध्वस्त
टास्कफोर्स की बैठक में जिला नगर योजनाकार विक्रम कुमार ने बताया कि चार महीनों में उन्होंने करीब 23 अवैध निर्माण व कॉलोनियों को ध्वस्त किया है। अप्रैल माह में घरौंडा क्षेत्र के गांव गुढ़ा में पनप रही कॉलोनी ध्वस्त की गई। मई में असंध अनाज मंडी के पास कॉलोनी को तीन-चार बार ध्वस्त किया जा चुका लेकिन फिर से निर्माण कर लिया जाता है।
मई में मधुबन में, जून में कुंजपुरा की दो कॉलोनियां, घरौंडा की तीन कॉलोनियां और असंध की छह कॉलोनियों को ढहाया गया। जून माह में ही नीलोखेड़ी में हैफेड के गोदामों के पास व कुंजपुरा में अवैध बन रहे शोरूम को ध्वस्त किया गया। जुलाई में छपरा खेड़ा तथा इंद्री में ग्रीन बेल्ट के पास बन रही कॉलोनी, घरौंडा रेलवे लाइन के पास बन रही कॉलोनी व असंध में ग्रीन बेल्ट से 30 मीटर की दूरी पर विकसित हो रहे निर्माण कार्य व अगस्त में सचिव नगरपालिका तरावड़ी द्वारा किले के पीछे पनप रही कॉलोनी को तोड़ा गया।
16 में सिर्फ सात को मिली भूमि श्रेणी परिवर्तन की स्वीकृति
हाईवे किनारे लगातार ढाबों के निर्माण जारी हैं। चूंकि यह भूमि कृषि योग्य होती है इसलिए ढाबा या कोई अन्य दुकान आदि खोलने के लिए भूमि श्रेणी परिवर्तन कराना आवश्यक है। बड़ी संख्या में ऐसे ढाबे भी हैं, जिन्होंने बिना भूमि परिवर्तन कराए ही काम शुरू कर दिया।
जिला नगर योजनाकार विक्रम कुमार ने बताया कि अब तक उनके पास कृषि योग्य भूमि को व्यावसायिक भूमि में परिवर्तन (सीएलयू) के लिए 16 आवेदन आए हैं। इसमें सात स्वीकृत कर दिए हैं। पांच पर काम चल रहा है। चार ऐसे हैं जिन्हें स्वीकृति नहीं मिली है। अवैध कॉलोनी वालों से मार्च में 1 लाख 86 हजार 548 रुपये की वसूली की गई है। अप्रैल माह में कोरोना के कारण वसूली स्थगित रही। मई और जून में 88 हजार 118 रुपये की वसूली की गई।