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Karnal News: स्टेज का निर्माण शुरू... क्लाइंबिंग वॉल पर जल्द कर सकेंगे अभ्यास
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क्लाइंबिंग वाॅल के स्टेज के लिए आया सामना संवाद
करनाल। कर्ण स्टेडियम में पिछले एक साल से अधर में लटके क्लाइंबिंग वॉल के स्टेज का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। स्मार्ट सिटी के वॉल का ढांचा तैयार करने के बाद नीचे स्टेज नहीं बनने से यह सुविधा खिलाड़ियों के लिए शुरू नहीं हो सकी थी। इस वॉल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद हरियाणा ही नहीं दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को भी यहां अभ्यास का अवसर मिल सकेगा।
ओलंपिक सहित वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं में रॉक क्लाइम्बिंग को जगह मिलने के बाद युवाओं में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ी है। करनाल और आसपास के जिलों में खिलाड़ियों के पास पेशेवर स्तर पर अभ्यास करने के लिए उपयुक्त सुविधा नहीं थी। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। कर्ण स्टेडियम में यह सुविधा शुरू होने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को अपने शहर में ही अभ्यास का अवसर मिलेगा।
तीन तरह की वॉल पर होगी प्रतियोगिता
क्लाइंबिंग वॉल के पास उगी घास कटवा दी गई है। जगह की सफाई भी कराई गई है। स्टेज तैयार होने के बाद यहां रोप, ऑटो बेले, टाइमर, स्पीड के लिए टाइमिंग सिस्टम, हारनेस और कैराबिनर जैसे उपकरण लगाए जाएंगे। इनकी मदद से खिलाड़ियों को सुरक्षा के साथ अभ्यास करने और निर्धारित समय में चढ़ाई पूरी करने का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। वॉल को शुरुआती और पेशेवर दोनों तरह के खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है।
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हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहली वॉल
स्टेडियम में लीड, स्पीड और बोल्डर श्रेणी की वॉल बनाई गई हैं। इनके अलावा अभ्यास के लिए अलग वॉल भी होगी। लीड और स्पीड वॉल 15-15 मीटर ऊंची होंगी जबकि बोल्डर वॉल की ऊंचाई साढ़े चार मीटर होगी। अभ्यास वॉल आठ मीटर ऊंची रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की यह पहली वॉल होगी। खेल विभाग की ओर से कोच नियुक्त किए जाने की भी योजना है।
ये है क्लाइंबिंग वॉल
क्लाइंबिंग वॉल यानी चढ़ाई करने के लिए बनाई गई विशेष दीवार। इस पर निर्धारित नियमों के तहत खिलाड़ी ऊपर चढ़ने का प्रयास करते हैं। इसकी तीन प्रमुख श्रेणियां हैं। लीड क्लाइम्बिंग में खिलाड़ी रस्सी की मदद से ऊंचाई तक चढ़ते हैं। स्पीड क्लाइम्बिंग में तय दीवार पर कम से कम समय में चढ़ाई पूरी करनी होती है। बोल्डरिंग में कम ऊंचाई वाली दीवार पर बिना ऊपरी रस्सी के छोटे, तकनीकी मार्गों पर चढ़ाई की जाती है। सुरक्षा के लिए नीचे विशेष मैट बिछाए जाते हैं। कर्ण स्टेडियम में तीनों श्रेणियों की वॉल तैयार की गई हैं।
ठेकेदार को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्मार्ट सिटी प्रशासन की कोशिश है कि बकाया काम को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। - रामफल, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी
कर्ण स्टेडियम में क्लाइंबिंग वॉल शुरू होने के बाद कई खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा, क्योंकि यह ओलंपिक स्तर का खेल है। खिलाड़ियों को अभ्यास कराने के लिए कोच भी नियुक्त किया जाएगा। - सत्यवीर सिंह, जिला खेल अधिकारी
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ओलंपिक सहित वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं में रॉक क्लाइम्बिंग को जगह मिलने के बाद युवाओं में इस खेल के प्रति रुचि बढ़ी है। करनाल और आसपास के जिलों में खिलाड़ियों के पास पेशेवर स्तर पर अभ्यास करने के लिए उपयुक्त सुविधा नहीं थी। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। कर्ण स्टेडियम में यह सुविधा शुरू होने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को अपने शहर में ही अभ्यास का अवसर मिलेगा।
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तीन तरह की वॉल पर होगी प्रतियोगिता
क्लाइंबिंग वॉल के पास उगी घास कटवा दी गई है। जगह की सफाई भी कराई गई है। स्टेज तैयार होने के बाद यहां रोप, ऑटो बेले, टाइमर, स्पीड के लिए टाइमिंग सिस्टम, हारनेस और कैराबिनर जैसे उपकरण लगाए जाएंगे। इनकी मदद से खिलाड़ियों को सुरक्षा के साथ अभ्यास करने और निर्धारित समय में चढ़ाई पूरी करने का प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। वॉल को शुरुआती और पेशेवर दोनों तरह के खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है।
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हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहली वॉल
स्टेडियम में लीड, स्पीड और बोल्डर श्रेणी की वॉल बनाई गई हैं। इनके अलावा अभ्यास के लिए अलग वॉल भी होगी। लीड और स्पीड वॉल 15-15 मीटर ऊंची होंगी जबकि बोल्डर वॉल की ऊंचाई साढ़े चार मीटर होगी। अभ्यास वॉल आठ मीटर ऊंची रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की यह पहली वॉल होगी। खेल विभाग की ओर से कोच नियुक्त किए जाने की भी योजना है।
ये है क्लाइंबिंग वॉल
क्लाइंबिंग वॉल यानी चढ़ाई करने के लिए बनाई गई विशेष दीवार। इस पर निर्धारित नियमों के तहत खिलाड़ी ऊपर चढ़ने का प्रयास करते हैं। इसकी तीन प्रमुख श्रेणियां हैं। लीड क्लाइम्बिंग में खिलाड़ी रस्सी की मदद से ऊंचाई तक चढ़ते हैं। स्पीड क्लाइम्बिंग में तय दीवार पर कम से कम समय में चढ़ाई पूरी करनी होती है। बोल्डरिंग में कम ऊंचाई वाली दीवार पर बिना ऊपरी रस्सी के छोटे, तकनीकी मार्गों पर चढ़ाई की जाती है। सुरक्षा के लिए नीचे विशेष मैट बिछाए जाते हैं। कर्ण स्टेडियम में तीनों श्रेणियों की वॉल तैयार की गई हैं।
ठेकेदार को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्मार्ट सिटी प्रशासन की कोशिश है कि बकाया काम को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए। - रामफल, महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी
कर्ण स्टेडियम में क्लाइंबिंग वॉल शुरू होने के बाद कई खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा, क्योंकि यह ओलंपिक स्तर का खेल है। खिलाड़ियों को अभ्यास कराने के लिए कोच भी नियुक्त किया जाएगा। - सत्यवीर सिंह, जिला खेल अधिकारी

क्लाइंबिंग वाॅल के स्टेज के लिए आया सामना संवाद