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Karnal News: ग्रैप-4 हटने पर तेज होगा एमएचयू कैंपस का निर्माण
Mon, 02 Dec 2024 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 02 Dec 2024 02:30 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। देश की सातवें महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल का निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है। इसका सिविल कार्य शुरू कर दिया गया है, हालांकि ग्रैप-4 लागू होने के कारण खोदाई की गतिविधियां रोकी गई हैं। कैंपस निर्माण का शिलान्यास नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पानीपत से करेंगे। 65 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित कैंपस निर्माण पर करीब 400 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसे करनाल के लिए एक बड़ी सौगात कहा जा सकता है।
ये सौगात तो करनाल को करीब आठ साल पहले मिली थी, इसके बाद से ही इसे अंजनथली और करनाल के एचटीआई के परिसर में वैकल्पिक रूप में संचालित किया जा रहा है। पढ़ाई व शोध कार्य तो चल रहा है लेकिन कैंपस का निर्माण लंबे समय से टलता रहा है। प्रो. समर सिंह के बाद लंबे समय तक विश्वविद्यालय को स्थायी कुलपति नहीं मिल पाया।
जब डॉ. एसके मल्होत्रा के रूप में कुलपति की नियुक्ति हुई तो विश्वविद्यालय के कार्य ने भी जोर पकड़ा। सिर्फ कैंपस निर्माण की दिशा में ही नहीं बल्कि शोध व अन्य क्षेत्रों में भी विश्वविद्यालय आगे बढ़ा है। पिछले करीब चार माह में एमएचयू के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया ओर इग्लैंड के साथ अनुसंधानिक व तकनीकि आधारित समझौते भी हुए हैं। उद्यान विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। अब विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है, इसके लिए कुछ धनावंटन भी हो चुका है। इसके लिए जमीन तो पहले से ही आवंटित कर दी गई थी।
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अब इस पर निर्माणदायी संस्था ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कुछ हिस्से में सिविल वर्क भी शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक कार्य तो शुरू किए गए हैं। इन दिनों ग्रैप-4 की शर्ते लागू होने के कारण खोदाई आदि का कार्य ठहरा हुआ है, जो ग्रैप-चार की पाबंदी हटने के बाद शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय कैंपस निर्माण के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समय हरियाणा सरकार के माध्यम से मांगा गया था।
अब प्रधानमंत्री नौ दिसंबर को पानीपत आ रहे हैं, वह वहीं से कैंपस निर्माण का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद तीव्रगति से कैंपस निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में एमएचयू देश ही नहीं पूरे विश्व में मॉडल यूनिवर्सिटी बनकर उभरेगी।
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करनाल। देश की सातवें महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल का निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है। इसका सिविल कार्य शुरू कर दिया गया है, हालांकि ग्रैप-4 लागू होने के कारण खोदाई की गतिविधियां रोकी गई हैं। कैंपस निर्माण का शिलान्यास नौ दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पानीपत से करेंगे। 65 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित कैंपस निर्माण पर करीब 400 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसे करनाल के लिए एक बड़ी सौगात कहा जा सकता है।
ये सौगात तो करनाल को करीब आठ साल पहले मिली थी, इसके बाद से ही इसे अंजनथली और करनाल के एचटीआई के परिसर में वैकल्पिक रूप में संचालित किया जा रहा है। पढ़ाई व शोध कार्य तो चल रहा है लेकिन कैंपस का निर्माण लंबे समय से टलता रहा है। प्रो. समर सिंह के बाद लंबे समय तक विश्वविद्यालय को स्थायी कुलपति नहीं मिल पाया।
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जब डॉ. एसके मल्होत्रा के रूप में कुलपति की नियुक्ति हुई तो विश्वविद्यालय के कार्य ने भी जोर पकड़ा। सिर्फ कैंपस निर्माण की दिशा में ही नहीं बल्कि शोध व अन्य क्षेत्रों में भी विश्वविद्यालय आगे बढ़ा है। पिछले करीब चार माह में एमएचयू के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया ओर इग्लैंड के साथ अनुसंधानिक व तकनीकि आधारित समझौते भी हुए हैं। उद्यान विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। अब विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है, इसके लिए कुछ धनावंटन भी हो चुका है। इसके लिए जमीन तो पहले से ही आवंटित कर दी गई थी।
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अब इस पर निर्माणदायी संस्था ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कुछ हिस्से में सिविल वर्क भी शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक कार्य तो शुरू किए गए हैं। इन दिनों ग्रैप-4 की शर्ते लागू होने के कारण खोदाई आदि का कार्य ठहरा हुआ है, जो ग्रैप-चार की पाबंदी हटने के बाद शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश कुमार मल्होत्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय कैंपस निर्माण के शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समय हरियाणा सरकार के माध्यम से मांगा गया था।
अब प्रधानमंत्री नौ दिसंबर को पानीपत आ रहे हैं, वह वहीं से कैंपस निर्माण का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद तीव्रगति से कैंपस निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में एमएचयू देश ही नहीं पूरे विश्व में मॉडल यूनिवर्सिटी बनकर उभरेगी।