{"_id":"66ea3a3fee3774214a0cfa37","slug":"congress-candidate-from-indri-rakesh-kamboj-admitted-in-icu-karnal-news-c-18-knl1008-477273-2024-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: इंद्री से कांग्रेस उम्मीदवार राकेश कांबोज आईसीयू में भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: इंद्री से कांग्रेस उम्मीदवार राकेश कांबोज आईसीयू में भर्ती
विज्ञापन
- फेफड़ों में संक्रमण के कारण दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इंद्री विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार राकेश कांबोज आईसीयू में भर्ती हैं। उनका इलाज दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अभी उनकी हालत ठीक है, जल्द ही वह स्वस्थ होकर लौटेंगे।
नामांकन के अगले दिन ही दिन उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में बुखार होने पर भर्ती करवाया गया था। फेफड़ों में संक्रमण व ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण उन्हें मेदांता में भर्ती करवाया गया था। वह चार दिनों से आईसीयू में दाखिल हैं। अस्पताल में उनके साथ पूर्व नगर पार्षद परमजीत लाठर व उनके रिश्तेदार डॉ. प्रवीन भी देखरेख के लिए गए हैं।
इंद्री से रह चुके विधायक
राकेश कांबोज ने लगातार पांच चुनाव लड़े हैं उनमें से वह एक बार इंद्री हलके के विधायक बने। 1982 में वह यूथ कांग्रेस से जुडे। 1984 में कांग्रेस सेवादल में काम किया। 1987 में कॉलेज में पढ़ते समय ही पिता के साथ चुनाव में कमान संभाली। उन्होंने राजनीति के गुर अपने पिता देशराज कांबोज पूर्व शिक्षा मंत्री से ही सीखे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इंद्री विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार राकेश कांबोज आईसीयू में भर्ती हैं। उनका इलाज दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अभी उनकी हालत ठीक है, जल्द ही वह स्वस्थ होकर लौटेंगे।
नामांकन के अगले दिन ही दिन उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में बुखार होने पर भर्ती करवाया गया था। फेफड़ों में संक्रमण व ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण उन्हें मेदांता में भर्ती करवाया गया था। वह चार दिनों से आईसीयू में दाखिल हैं। अस्पताल में उनके साथ पूर्व नगर पार्षद परमजीत लाठर व उनके रिश्तेदार डॉ. प्रवीन भी देखरेख के लिए गए हैं।
विज्ञापन
इंद्री से रह चुके विधायक
राकेश कांबोज ने लगातार पांच चुनाव लड़े हैं उनमें से वह एक बार इंद्री हलके के विधायक बने। 1982 में वह यूथ कांग्रेस से जुडे। 1984 में कांग्रेस सेवादल में काम किया। 1987 में कॉलेज में पढ़ते समय ही पिता के साथ चुनाव में कमान संभाली। उन्होंने राजनीति के गुर अपने पिता देशराज कांबोज पूर्व शिक्षा मंत्री से ही सीखे हैं।
विज्ञापन