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कमीशनखोरी से निगम में खलबली, सीएम दरबार पहुंचा मामला
ब्यूरो/अमर उजाला/करनाल
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:23 PM IST
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खस्ताहाल सड़क
- फोटो : amarujala
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नगर निगम में 12 प्रतिशत कमीशनखोरी के सनसनीखेज आरोपों से निगम अधिकारियों में खलबली मच गई है। उधर, ठेकेदारों ने गुरुवार को चल रहे निर्माण कार्यों को रोक दिया है। इससे अधिकारियों के पसीने छूट गए हैं। मामला उछलने के बाद मुख्यमंत्री के दरबार भी पहुंच गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस मामले की पूरी जानकारी ली है और जांच कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। वहीं, मामला गरमाते देख पार्षदों के भी ताल ठोक दी है। ठेकेदारों की तरफ से घिरे अधिकारियों को घेरने के लिए अब पार्षद भी लामबंद होने लगे हैं। संभावना जताई जा रही है कि आगामी सप्ताह में दोबारा से सभी पार्षदों की अधिकारियों के साथ आपात बैठक हो सकती है।
बता दें कि बुधवार को नगर निगम ठेकदार एसोसिएशन ने निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला था। ठेकेदारों ने क्लर्क से लेकर ऊपर तक हर टेबल पर रिशवत देने के आरोप लगाए थे, साथ ही बिल पास नहीं होने के कारण गुस्साए ठेकेदारों ने काम बंद करने की चेतावनी दी थी। गुरुवार को ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों से मजदूर हटवा लिए और कार्य बंद कर दिए।
उधर, कमीशनखोरी का मामला उठने के बाद सीएम दरबार तक भी पहुंच गया। गुरुवार को सीएम दरबार में दिनभर निगम में कमीशनखोरी का मामला गूंजा। सीएम कैंप के अधिकारियों करनाल के अधिकारियों व पदाधिकारियों से इस बारे में अपडेट लेते रहे। सूत्रों का दावा है कि इस मामले को सीएम मनोहर लाल ने गंभीरता से लिया है और पूरे मामले में जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामला चंडीगढ़ तक जाने के बाद से निगम के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों व कर्मचारियों की सांसें फूल गई हैं कि कहीं वे इसके लपेटे में न आ जाएं। फिलहाल चर्चाओं का बाजार गर्म है और निगम का कोई अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
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बदला-बदला नजर आया निगम
गुरुवार को कमीशनखोरी के आरोपों से घिरे निगम के कर्मचारी और अधिकारियों की कार्यप्रणाली बदली बदली सी नजर आई। अमर उजाला टीम ने आयुक्त से लेकर कार्यकारी अधिकारी, अकाउंट ब्रांच व ऑडिट ब्रांच का मुआयना किया। इस दौरान हर कर्मचारी व अधिकारी अपनी टेबल पर पड़ी फाइलों को निपटाते नजर आए। अकाउंट ब्रांच ने भी गुरुवार को लाखों रुपये के चेक पर अधिकारियों के साइन कराए। इनके अलावा, एमई व एसई तक अपने कार्यालयों में फाइलें चेक कर उनको आगे बढ़ाते दिखे। बता दें कि इससे पहले अधिकारियों व कर्मचारियों की टेबल पर फाइलों के ढेर लगे रहते थे और कई बार चक्कर लगाने पर भी लोगों के कार्य नहीं होते थे।
अधिकारियों के मुंह हुए बंद
कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बाद से निगम का कोई भी अधिकारी इन आरोपों का जवाब तक देने को तैयार नहीं है और न ही इस मुद्दे पर बात करने के लिए उनके होंठ खुलते हैं। कमीशन का नाम सुनते ही अधिकारियों के मुंह सिल जाते हैं। कमीशनखोरी को लेकर आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया, एक्सइएन महिपाल समेत अन्य अधिकारी मीडिया कर्मियों के फोन तक नहीं उठा रहे हैं। फिलहाल कमीशन मामले को लेकर अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं और वे अपनी पेंडिंग फाइलों को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
हमें सबूत दें, हम कराएंगे कार्रवाई : मेयर
इस बारे में मेयर रेणुबाला गुप्ता ने कहा कि सिर्फ किसी के आरोप लगाने से कुछ नहीं होता, हमें ठेकेदार भ्रष्टाचार के सबूत दें, हम गलत लोगों पर कार्रवाई कराएंगे। इसके अलावा जिन ठेकेदारों के बिल रुके हुए वे हमें जानकारी दें, उनका समाधान किया जाएगा। वहीं, ठेकेदारों ने अगर निर्माण कार्य बंद किए हैं तो यह गलत रवैया है। जब तक ठेकेदार कोई साक्ष्य नहीं देंगे तो इस मामले में क्या कार्रवाई हो सकती है। ठेकेदारों को चाहिए वे आकर अपनी बात रखें।
मेयर ऑफिस में हुई बैठक, मंथन गुरुवार को
मेयर रेणुबाला गुप्ता के कार्यालय मेें आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया समेत अन्य पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में कमीशनखोरी के मामले को लेकर भी मंथन किया। बैठक में पार्षद बलविंद्र सिंह, विनोद तितोरिया, रोहताश लाठर, मोहित कांबोज समेत अन्य पार्षद मौजूद रहे। बताया जाता है पार्षदों ने मांग रखी है कि इस मामले का पटाक्षेप होना चाहिए, ताकि गलत कार्य करने वाले लोग सामने आ सकें। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर आगामी सप्ताह में सभी पार्षदों की बैठक हो सकती है। उधर, कुछ पार्षद ठेकेदारों को भी साध रहे हैं।
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बता दें कि बुधवार को नगर निगम ठेकदार एसोसिएशन ने निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला था। ठेकेदारों ने क्लर्क से लेकर ऊपर तक हर टेबल पर रिशवत देने के आरोप लगाए थे, साथ ही बिल पास नहीं होने के कारण गुस्साए ठेकेदारों ने काम बंद करने की चेतावनी दी थी। गुरुवार को ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों से मजदूर हटवा लिए और कार्य बंद कर दिए।
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उधर, कमीशनखोरी का मामला उठने के बाद सीएम दरबार तक भी पहुंच गया। गुरुवार को सीएम दरबार में दिनभर निगम में कमीशनखोरी का मामला गूंजा। सीएम कैंप के अधिकारियों करनाल के अधिकारियों व पदाधिकारियों से इस बारे में अपडेट लेते रहे। सूत्रों का दावा है कि इस मामले को सीएम मनोहर लाल ने गंभीरता से लिया है और पूरे मामले में जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामला चंडीगढ़ तक जाने के बाद से निगम के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों व कर्मचारियों की सांसें फूल गई हैं कि कहीं वे इसके लपेटे में न आ जाएं। फिलहाल चर्चाओं का बाजार गर्म है और निगम का कोई अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
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बदला-बदला नजर आया निगम
गुरुवार को कमीशनखोरी के आरोपों से घिरे निगम के कर्मचारी और अधिकारियों की कार्यप्रणाली बदली बदली सी नजर आई। अमर उजाला टीम ने आयुक्त से लेकर कार्यकारी अधिकारी, अकाउंट ब्रांच व ऑडिट ब्रांच का मुआयना किया। इस दौरान हर कर्मचारी व अधिकारी अपनी टेबल पर पड़ी फाइलों को निपटाते नजर आए। अकाउंट ब्रांच ने भी गुरुवार को लाखों रुपये के चेक पर अधिकारियों के साइन कराए। इनके अलावा, एमई व एसई तक अपने कार्यालयों में फाइलें चेक कर उनको आगे बढ़ाते दिखे। बता दें कि इससे पहले अधिकारियों व कर्मचारियों की टेबल पर फाइलों के ढेर लगे रहते थे और कई बार चक्कर लगाने पर भी लोगों के कार्य नहीं होते थे।
अधिकारियों के मुंह हुए बंद
कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बाद से निगम का कोई भी अधिकारी इन आरोपों का जवाब तक देने को तैयार नहीं है और न ही इस मुद्दे पर बात करने के लिए उनके होंठ खुलते हैं। कमीशन का नाम सुनते ही अधिकारियों के मुंह सिल जाते हैं। कमीशनखोरी को लेकर आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया, एक्सइएन महिपाल समेत अन्य अधिकारी मीडिया कर्मियों के फोन तक नहीं उठा रहे हैं। फिलहाल कमीशन मामले को लेकर अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं और वे अपनी पेंडिंग फाइलों को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
हमें सबूत दें, हम कराएंगे कार्रवाई : मेयर
इस बारे में मेयर रेणुबाला गुप्ता ने कहा कि सिर्फ किसी के आरोप लगाने से कुछ नहीं होता, हमें ठेकेदार भ्रष्टाचार के सबूत दें, हम गलत लोगों पर कार्रवाई कराएंगे। इसके अलावा जिन ठेकेदारों के बिल रुके हुए वे हमें जानकारी दें, उनका समाधान किया जाएगा। वहीं, ठेकेदारों ने अगर निर्माण कार्य बंद किए हैं तो यह गलत रवैया है। जब तक ठेकेदार कोई साक्ष्य नहीं देंगे तो इस मामले में क्या कार्रवाई हो सकती है। ठेकेदारों को चाहिए वे आकर अपनी बात रखें।
मेयर ऑफिस में हुई बैठक, मंथन गुरुवार को
मेयर रेणुबाला गुप्ता के कार्यालय मेें आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया समेत अन्य पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में कमीशनखोरी के मामले को लेकर भी मंथन किया। बैठक में पार्षद बलविंद्र सिंह, विनोद तितोरिया, रोहताश लाठर, मोहित कांबोज समेत अन्य पार्षद मौजूद रहे। बताया जाता है पार्षदों ने मांग रखी है कि इस मामले का पटाक्षेप होना चाहिए, ताकि गलत कार्य करने वाले लोग सामने आ सकें। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर आगामी सप्ताह में सभी पार्षदों की बैठक हो सकती है। उधर, कुछ पार्षद ठेकेदारों को भी साध रहे हैं।