कॉलोनियों को वैध कराने के लिए सड़कों पर उतरे 66 कॉलोनियों के लोग
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पिछले काफी दिनों से अवैध कॉलोनियों को वैध कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोेगों की जब सरकार ने कोई सुध नहीं ली तो उनके सब्र का बांध टूट गया। शुक्रवार को 66 कॉलोनियों के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। कॉलोनिवासियों ने कर्ण पार्क से लेकर सीएम कैंप आफिस तक जुलूस मार्च निकाला, साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर गुस्सा भी निकाला। हालांकि, उन्हेें कैंप आफिस से पहले ही रोक दिया गया। इस दौरान कॉलोनिवासियों ने आगे जाने की कोशिश की, लेकिन भारी पुलिस ने बेरिकेट्स लगा दिए गए। इस दौरान पुलिस और लोगों में कहासुनी भी हुई। बाद में कॉलोनिवासियों ने नायब तहसीलदार राज बक्श को ज्ञापन सौंपा।
जागरूक संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार को 26 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया और कहा कि अगर इससे पहले अवैध कॉलोनियों को वैध नहीं किया तो वे आगामी रणनीति के तहत आंदोलन चलाएंगे। अवैध कॉलोनियों को वैध करवाने मांग को लेकर दो माह से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को हजारों की संख्या में लोग कर्ण पार्क में एकजुट हुए। यहां से एकत्रित होकर लोग शहर में से प्रदर्शन करते हुए सीएम कैंप हाउस की ओर रुख किया। पुलिस ने कैंप हाउस से 400 मीटर पहले ही बैरिकेट लगाकर लोगों को रोक लिया। इसी दौरान डीएसपी विवेक चौधरी, सिविल लाइन थाना प्रभारी मनोज कुमार, सदर प्रभारी प्रतीक और महिला थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। लोगों को बैरिकेटस से आगे नही बढ़ने दिया। पुलिस के रोकने के बावजूद लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी वहीं आधे घंटे तक नारे लगाते रहे। उसके बाद नगर निगम के वार्ड एक के पार्षद बाघ सिंह और जागरूक संघर्ष समिति की अगुवाई में लोगों ने नायब तहसीलदार राजबक्स को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उसके बाद सभी कॉलोनीवासी वहां से चल दिए। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान बीर सिंह लाठर, टीटा नंबरदार, भूपेंद्र, चेतन आनंद, निर्मल यादव, विनोद, महाबीर मान, रजनीश सैन, हिशम सिंह पांचाल, दौलत प्रधान, भीम सिंह लाठर, सुनीता, प्रोमिला, सलोचना, बाला देवी, सरोजबाला, जगदीश आदि मौजूद रहेंगे।
दो माह से चल रहा आंदोलन
बता दें कि शहर की 66 कॉलोनियों को वैध करवाने की मांग को लेकर लोग पिछले दो माह से निरंतर आंदोलन कर रहे हैं। पहले एक माह नगर निगम परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट किया। उसके बाद पूरे नवंबर माह में 24 घंटे सात लोगों ने सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस पर जब सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली तो लोगों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शहर में 66 अवैध कालोनियां हैं और इनमें लाखों की आबादी रहती है। कॉलोनियों को वैध करने की शर्तें 43 कालोनियां पूरी करती हैं। कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार ने एक हजार वर्ग गज के हिसाब से रेट निर्धारित कर दिया। जब कॉलोनी का 50 प्रतिशत शुल्क जमा हो जाएगा सरकार मूलभूत सुविधाएं देनी शुरू कर देगी। एक हजार विकास शुल्क से खफा सैकड़ों लोग सरकार के खिलाफ सडक़ों पर उतरे और विरोध प्रकट किया।
विकास शुल्क के नाम पर नहीं देंगे एक भी पैसा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वार्ड एक के पार्षद बाघ सिंह ने कहा कि वह विकास शुल्क के नाम पर एक पैसा भी नहीं देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें कुछ भी करना पड़े। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 16 गांव और 66 अवैध कॉलोनियों में अगर 26 जनवरी तक सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं र्हुइं तो वह एक उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। मांगें पूरी न होने पर 23 मार्च को सेक्टर-12 में सरकार के खिलाफ एक विशाल रैली की जाएगी। यह रैली सरकार के खिलाफ एक आंदोलन होगा।
प्रदर्शन के कारण लगा रहा जाम
लोगों के प्रदर्शन के दौरान शहर में जाम की समस्या बनी रही। प्रदर्शनकारियों के कर्ण पार्क से निकलने के बाद लोगों को सड़क से निकलने की जगह नहीं मिली। प्रदर्शनकारी कर्ण पार्क से गांधी चौक, अस्पताल चौक से होते हुए लघु सचिवालय के सामने से माडल टाउन सीएम कैंप ऑफिस तक जुलूस निकालते हुए गए। जहां से भी प्रदर्शनकारी गुजरे वहां ट्रैफिक रूक गया और जाम की स्थिति पैदा हो गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी साथ रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।