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Karnal News: प्रतिभा को तराशने में अहम भूमिका निभा रही हैं कोच मीना कुमारी
Wed, 14 Jan 2026 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 14 Jan 2026 02:27 AM IST
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बाॅक्सिंग में जीते पदकों के साथ इंस्पेक्टर व कोच मीना कुमारी स्वयं
करनाल। बॉक्सिंग में भीम अवार्ड विजेता अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज एवं प्रशिक्षक मीना कुमारी युवाओं की प्रतिभा को तराशने में अहम भूमिका निभा रही हैं। वह वर्तमान में हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर स्पोर्ट्स सेल मधुबन में कार्यरत हैं। हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में बॉक्सिंग के खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने बताया कि वह सात बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी हैं।
ग्रामीण परिवेश से निकली मीना ने तमाम पाबंदियों के बावजूद कामयाबी की पटकथा खुद लिखी। उन्होंने बताया कि पिता रघुवीर सिंह कड़क स्वभाव के थे। परिवार में बेटियों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल था। बॉक्सिंग अकादमी के सामने से निकलते समय खिलाड़ियों को अभ्यास करते देख बॉक्सर बनने का ख्याल आया। घर आकर अभ्यास करती। आखिर हिम्मत कर पिता को अपने सपने के बारे में बताया। उन्होंने बॉक्सिंग अकादमी में दाखिला लेने के लिए हां कर दी। भाई अजय कुमार रोजाना उन्हें अकादमी लेकर जाते। भारतीय सेना में कार्यरत भाई दिनेश कुमार ने भी साथ दिया। शादी के बाद पति सुनील कुमार भी उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। बेटी पद्म विभूति भी गोल्फ की अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं।
मीना कुमारी ने बताया कि बॉक्सिंग के गुर मुख्य कोच गुरुचरण से सीखे। बॉक्सर मोहम्मद अली की कहानी उनके पाठ्यक्रम में आई तो प्रेरणा ली। रोजाना के अभ्यास से जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचीं। संवाद
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उपलब्धियां
- राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सात बार प्रदेश से महिला चैंपियन रहीं।
- एशियन चैंपियनशिप में पहला पदक लाकर देश का नाम रोशन किया।
- ऑल इंडिया पुलिस गेम में सात बार स्वर्ण पदक विजेता रही हैं।
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ग्रामीण परिवेश से निकली मीना ने तमाम पाबंदियों के बावजूद कामयाबी की पटकथा खुद लिखी। उन्होंने बताया कि पिता रघुवीर सिंह कड़क स्वभाव के थे। परिवार में बेटियों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल था। बॉक्सिंग अकादमी के सामने से निकलते समय खिलाड़ियों को अभ्यास करते देख बॉक्सर बनने का ख्याल आया। घर आकर अभ्यास करती। आखिर हिम्मत कर पिता को अपने सपने के बारे में बताया। उन्होंने बॉक्सिंग अकादमी में दाखिला लेने के लिए हां कर दी। भाई अजय कुमार रोजाना उन्हें अकादमी लेकर जाते। भारतीय सेना में कार्यरत भाई दिनेश कुमार ने भी साथ दिया। शादी के बाद पति सुनील कुमार भी उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। बेटी पद्म विभूति भी गोल्फ की अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं।
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मीना कुमारी ने बताया कि बॉक्सिंग के गुर मुख्य कोच गुरुचरण से सीखे। बॉक्सर मोहम्मद अली की कहानी उनके पाठ्यक्रम में आई तो प्रेरणा ली। रोजाना के अभ्यास से जिला स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचीं। संवाद
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उपलब्धियां
- राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सात बार प्रदेश से महिला चैंपियन रहीं।
- एशियन चैंपियनशिप में पहला पदक लाकर देश का नाम रोशन किया।
- ऑल इंडिया पुलिस गेम में सात बार स्वर्ण पदक विजेता रही हैं।