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Karnal News: गेंदा के फूल-पत्तियों से बने गुलाल की सीएम ने की सराहना
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल के वैज्ञानिकों की ओर से गेंदा के फूल-पत्तियों से तैयार हर्बल रंग को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी दिखाया गया। उन्होंने हर्बल रंग की सराहना करते हुए इसका उत्पादन बढ़ाने को कहा है, ताकि लोगों को अधिक मात्रा में हर्बल रंग उपलब्ध हो सकें।
एमएचयू के कुलसचिव सुरेश सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार हर्बल रंग दिखाया। कुलसचिव ने बताया कि सीएम ने इसकी तारीफ की और कहा कि इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोग बिना कैमिकल वाले हर्बल गुलाल से होली मना सकें।
एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी एमएचयू तेजी से काम कर रहा है। हर्बल रंगों की ओर लोगों का रुझान हो और लोगों को केमिकलयुक्त रंगों से बचाने के लिए वैज्ञानिक फूलों और फूल पत्तियों से गुलाल बनाने पर शोध कर रहे हैं, लेकिन अभी एमएचयू ने होली पर्व को देखते हुए गेंदे के फूल ओर पत्तियों से हर्बल गुलाल तैयार किया है, जो कैमिकल रहित है। एमएचयू द्वारा हर्बल रंगों की मांग पूरी करने के लिए इनका व्यापारीकरण किया जाएगा।
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करनाल। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय (एमएचयू) करनाल के वैज्ञानिकों की ओर से गेंदा के फूल-पत्तियों से तैयार हर्बल रंग को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी दिखाया गया। उन्होंने हर्बल रंग की सराहना करते हुए इसका उत्पादन बढ़ाने को कहा है, ताकि लोगों को अधिक मात्रा में हर्बल रंग उपलब्ध हो सकें।
एमएचयू के कुलसचिव सुरेश सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार हर्बल रंग दिखाया। कुलसचिव ने बताया कि सीएम ने इसकी तारीफ की और कहा कि इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोग बिना कैमिकल वाले हर्बल गुलाल से होली मना सकें।
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एमएचयू के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी एमएचयू तेजी से काम कर रहा है। हर्बल रंगों की ओर लोगों का रुझान हो और लोगों को केमिकलयुक्त रंगों से बचाने के लिए वैज्ञानिक फूलों और फूल पत्तियों से गुलाल बनाने पर शोध कर रहे हैं, लेकिन अभी एमएचयू ने होली पर्व को देखते हुए गेंदे के फूल ओर पत्तियों से हर्बल गुलाल तैयार किया है, जो कैमिकल रहित है। एमएचयू द्वारा हर्बल रंगों की मांग पूरी करने के लिए इनका व्यापारीकरण किया जाएगा।
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