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Karnal News: सीएम फ्लाइंग का अस्पताल में छापा, नहीं मिले डॉक्टर
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- नौ कर्मचारी भी थे नदारद,
सीएम फ्लाइंग का छापा: सामुदायिक केंद्र में नदारद मिले डॉक्टर, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
सीएम फ्लाइंग टीम ने तरावड़ी के सामुदायिक केंद्र पर की छापामारी
- रिकॉर्ड किया जब्त, रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी मुख्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। सीएम फ्लाइंग स्क्वाॅयड की टीम ने मंगलवार को तरावड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापा मारा। सुबह सवा नौ बजे अस्पताल में पहुंची सीएम फ्लाइंग स्क्वाॅयड की टीम को तीन चिकित्सक और नौ कर्मचारी गैर हाजिर मिले। इसके बाद टीम ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो एक कमरा बंद मिला। इस दौरान अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को भी देखा गया। टीम ने अस्पताल का रिकॉर्ड जब्त किया और रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।
सीएम फ्लाइंग की टीम में सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र कौशिक, शेर सिंह, महेंद्र सिंह और एएसआई सुभाष व वीरेंद्र कुमार मौजूद रहे। उन्होंने छापामारी के दौरान अस्पताल के बजट के बारे में जानकारी जुटाई। साथ ही लेखा-जोखा देखा। बजट कहां-कहां खर्च किया गया, इसकी जानकारी ली। अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने बताया कि प्रसूति के दौरान महिलाओं को प्रतिदिन 100 रुपये की खुराक दी जाती है। जिसमें सुबह दूध, दो वक्त दलिया और खिचड़ी होती है। टीम ने इसकी पुष्टि करने के लिए वहां दाखिल एक महिला से पूछा तो उसने बताया कि उसे सुबह दूध के साथ बिस्किट दिए गए थे और रात के समय दलिया मिला।
टीम ने अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या का ब्योरा भी जुटाया। साथ ही लैब में प्रति माह कितने मरीजों की जांच की गई। सप्ताहभर में कितने एक्स-रे हुए हैं। इसका रिकॉर्ड जुटाया। अस्पताल में कार्यरत एसएमओ कृष्ण कांत ने बताया कि अस्पताल में एक्स-रे करने के लिए पिछले कुछ सप्ताह से एक कर्मचारी सप्ताह में एक ही दिन आता है, इसलिए बाकी दिन लोगों को एक्स-रे कराने के लिए नीलोखेड़ी या करनाल जाना पड़ता है।
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टीम ने अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए मरीजों से बात कर जानकारी ली कि दवाइयां दी जाती हैं या नहीं। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही नदारद कर्मचारी आनन-फानन ड्यूटी पर चले आए। टीम ने देरी से आने का कारण पूछ तो अलग-अलग तर्क दिए।
मरीज बोले, नहीं मिलता समय पर उपचार
सामुदायिक केंद्र में उपचार के लिए आए मरीजों ने बताया कि उन्हें यहां समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। दूर-दराज के गांवों से यहां आने वाले मरीजों को अव्यवस्थाओं के चलते भटकना पड़ता है। अस्पताल में एक्स-रे मशीन चलाने वाला ऑपरेटर सप्ताह में केवल एक ही दिन आता है, जबकि चिकित्सक से लेकर कर्मचारियों तक का अता-पता नहीं होता। डाॅक्टरों के आने का समय तय नहीं है। जिसके कारण लोगों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती है।
छापे के दौरान तीन डाॅक्टर और नौ अन्य कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इसके अलावा अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई। रिकॉर्ड में खामियां मिली हैं। जिसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- जोगिंद्र कौशिक, सब इंस्पेक्टर सीएम फ्लाइंग
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सीएम फ्लाइंग का छापा: सामुदायिक केंद्र में नदारद मिले डॉक्टर, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
सीएम फ्लाइंग टीम ने तरावड़ी के सामुदायिक केंद्र पर की छापामारी
- रिकॉर्ड किया जब्त, रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी मुख्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
तरावड़ी। सीएम फ्लाइंग स्क्वाॅयड की टीम ने मंगलवार को तरावड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापा मारा। सुबह सवा नौ बजे अस्पताल में पहुंची सीएम फ्लाइंग स्क्वाॅयड की टीम को तीन चिकित्सक और नौ कर्मचारी गैर हाजिर मिले। इसके बाद टीम ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो एक कमरा बंद मिला। इस दौरान अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को भी देखा गया। टीम ने अस्पताल का रिकॉर्ड जब्त किया और रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।
सीएम फ्लाइंग की टीम में सब इंस्पेक्टर जोगिंद्र कौशिक, शेर सिंह, महेंद्र सिंह और एएसआई सुभाष व वीरेंद्र कुमार मौजूद रहे। उन्होंने छापामारी के दौरान अस्पताल के बजट के बारे में जानकारी जुटाई। साथ ही लेखा-जोखा देखा। बजट कहां-कहां खर्च किया गया, इसकी जानकारी ली। अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने बताया कि प्रसूति के दौरान महिलाओं को प्रतिदिन 100 रुपये की खुराक दी जाती है। जिसमें सुबह दूध, दो वक्त दलिया और खिचड़ी होती है। टीम ने इसकी पुष्टि करने के लिए वहां दाखिल एक महिला से पूछा तो उसने बताया कि उसे सुबह दूध के साथ बिस्किट दिए गए थे और रात के समय दलिया मिला।
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टीम ने अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या का ब्योरा भी जुटाया। साथ ही लैब में प्रति माह कितने मरीजों की जांच की गई। सप्ताहभर में कितने एक्स-रे हुए हैं। इसका रिकॉर्ड जुटाया। अस्पताल में कार्यरत एसएमओ कृष्ण कांत ने बताया कि अस्पताल में एक्स-रे करने के लिए पिछले कुछ सप्ताह से एक कर्मचारी सप्ताह में एक ही दिन आता है, इसलिए बाकी दिन लोगों को एक्स-रे कराने के लिए नीलोखेड़ी या करनाल जाना पड़ता है।
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टीम ने अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए मरीजों से बात कर जानकारी ली कि दवाइयां दी जाती हैं या नहीं। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही नदारद कर्मचारी आनन-फानन ड्यूटी पर चले आए। टीम ने देरी से आने का कारण पूछ तो अलग-अलग तर्क दिए।
मरीज बोले, नहीं मिलता समय पर उपचार
सामुदायिक केंद्र में उपचार के लिए आए मरीजों ने बताया कि उन्हें यहां समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। दूर-दराज के गांवों से यहां आने वाले मरीजों को अव्यवस्थाओं के चलते भटकना पड़ता है। अस्पताल में एक्स-रे मशीन चलाने वाला ऑपरेटर सप्ताह में केवल एक ही दिन आता है, जबकि चिकित्सक से लेकर कर्मचारियों तक का अता-पता नहीं होता। डाॅक्टरों के आने का समय तय नहीं है। जिसके कारण लोगों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ती है।
छापे के दौरान तीन डाॅक्टर और नौ अन्य कर्मचारी गैरहाजिर मिले। इसके अलावा अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई। रिकॉर्ड में खामियां मिली हैं। जिसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजी जाएगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- जोगिंद्र कौशिक, सब इंस्पेक्टर सीएम फ्लाइंग