{"_id":"5929ba0c4f1c1bbf4753627e","slug":"cm-city-demonstrations-against-the-government-karnal","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों से गूंजी सीएम सिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों से गूंजी सीएम सिटी
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Sat, 27 May 2017 11:10 PM IST
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आम पार्टी के कार्यकर्ताओं को डंडों से रोकते पुलिसकर्मी।
- फोटो : आम पार्टी के कार्यकर्ताओं को डंडों से रोकते पुलिसकर्मी।
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सीएम सिटी शनिवार को धरना प्रदर्शनों के कारण अशांत नजर आया। महिला सुरक्षा को लेकर सीएम कैंप का घेराव करने पहुंचे आप पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा। पार्टी कार्यकर्ताओं को सीएम कैंप तक पहुंचने से रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग करने के साथ वाटर कैनन से पानी की बौछार करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आप कार्यकर्ताओं में जमकर धक्का-मुक्की हुई। वहीं, विभिन्न मांगों को लेकर हुडा ग्राउंड में जमे हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्लयूडी मेकेनिकल वर्कर यूनियन ने राज्य स्तरीय प्रदर्शन कर सरकार को अपनी ताकत दिखाई, सीएम कैंप का घेराव करने जा रहे कर्मचारियों को पुलिस प्रशासन ने बिजली निगम ऑफिस के सामने ही रोक लिया। दूसरी तरफ सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ ने शनिवार से 48 घंटे की भूखहड़ताल शुरू कर दी है। एक दिन में तीन प्रदर्शनों से दिनभर पुलिस व प्रशासन की चक्करघिन्नी बनी रही।
शनिवार को शहर में प्रदर्शन का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी ने महिला सुरक्षा की मांग को लेकर दोपहर को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद के नेतृत्व में सीएम कैंप का घेराव करने पहुंच गए। प्रदर्शन में लोकसभा अध्यक्ष अनूप संधु, जिलाध्यक्ष अमित परोचा, स्टेट आब्जर्वर शोएब आलम भी शामिल हुए। इस प्रदर्शन से निपटने के लिए प्रशासन ने भी पहले से तैयारी कर रखी थी, आप के पार्टी कार्यकर्ता जैसे ही सीएम कैंप के पास पहुंचे, उन्हें वहीं रोक लिया गया, इससे आक्रोशित पार्टी कार्यकर्ता व नेता बैरिकट के ऊपर से कूद कर आगे बढ़ने लगे। बिगड़ती स्थिति को देख प्रशासन के हाथपांव फूल गए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हलका बल प्रयोग करने के साथ वाटर कैनन से पानी का फव्वारा छोड़ना शुरू कर दिया। जिससे प्रदर्शनकारियों में खलबली मच गई।
तेजधार पानी से बचने के लिए कुछ कार्यकर्ता पास में खुले हुए गटर में भी गिर गए, जिससे उन्हें हल्की चोटें भी आई। करीब तीन मिनट तक पानी के बौछार के बाद जब प्रदर्शनकारी फिर से एकजुट होने लगे तो प्रशासन ने एनाउसमेंट शुरू कर दिया कि अगर अब भी वे आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे तो मजबूरन आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ेगा। प्रशासन के इस चेतावनी के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन व चूड़ियां सौंप रोष जताया। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। यहां पर हर रोज किसी ना किसी जिले से एक बलात्कार की खबर आती रहती है, प्रदेश में महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, छेड़खानी के कारण छात्राएं स्कूल तक नहीं जा पा रही। यह बहुत दुख की बात है कि जिस प्रदेश में गीता का उपदेश दिया गया है, उसी प्रदेश में हर तरफ अशांति का माहौल है।
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पुलिस ने रोका रास्ता, लिखित आश्वासन से माने
करनाल। प्रदेश की पेयजल योजनाओं एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों, नहरों, पंप हाउसों तथा सड़कों के निजीकरण पर रोक लगाने एवं स्थाई कार्यों पर नियमित भर्ती करने की मांगों को लेकर हरियाणा गर्वमेंट पीडब्लयूडी मेकेनिकल वर्कर यूनियन से जुड़े हजारों कर्मचारियों ने शनिवार को हुडा ग्राउंड में एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व राज्य प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने और संचालन प्रांतीय महासचिव सीलक राम मलिक ने किया। विरेंद्र सिंह डंगवाल ने आला अधिकारियों पर विभाग का निजीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले विभाग में 32 हजार कर्मचारी थे, लेकिन लगातार सेेवानिवृति के कारण 12 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। पेयजल योजनाओं व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों, नहरों, सड़कों का निरंतर विस्तार हो रहा है, लेकिन बढ़ते वर्क लोड के अनुरूप नए कर्मचारियों को पदों की मंजूरी नहीं दी जा रही। न ही खाली पड़े पदों पर स्थाई भर्ती की जा रही है। अधिकारी ठेकेदारों को आमंत्रित करके ई टेंडरिंग के माध्यम से काम करने की मंजूरी दे रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा। सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश शास्त्री ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से आह्वान किया कि सभी मांगों को स्वीकार करे। संबोधन के बाद कर्मचारियों ने सीएम कैंप का घेराव करने के लिए कूच किया, लेकिन राजीव गांधी विद्युत सदन के पास ही पुलिस ने बैरीकेट लगा कर्मचारियों को रोक लिया। यहां पर कर्मचारियों से मिलने पहुंचे नायब तहसीलदार ने कर्मचारियों को लिखित में आश्वासन दिया कि 14 जून को कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की जाएगी, इसके बाद कर्मचारी शांत हुए।
वादाखिलाफी के खिलाफ भूख हड़ताल पर सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ
करनाल। सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों व सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में राज्य प्रधान संजय मुंडे के नेतृत्व में 48 घंटों की सामूहिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें राज्य की लगभग सभी आईटीआई से 500 कर्मचारियों भाग ले रहे हैं। सभी कर्मचारियों ने विगत दिनों में आईटीआई सढोरा में कार्यरत अनुबंध अनुदेशक की सेवाएं समाप्त करने पर सरकार व विभाग को जमकर कोसा। संघ ने मांग की कि संबंधित प्रधानाचार्य की तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर की जाए और निष्पक्ष रूप से जांच करवाई जाए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष धर्मबीर फौगाट, अखिल भारतीय खेतीहर मजदूर यूनियन से शीशपाल, हरियाणा रोडवेज यूनियन से प्रधान इंद्र सिंह बधाना, सतीश सेठी ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि इन कर्मचारियों की मांगों को हठधर्मिता छोडक़र बातचीत से सुलझा ले। अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव प्रमोद यादव, उपप्रधान अमित ढिल्लो, कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंहमार, प्रेस प्रवक्ता मोहन, आडिटर प्रदीप पानू, संगठन सचिव ऋषिपाल आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को शहर में प्रदर्शन का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी ने महिला सुरक्षा की मांग को लेकर दोपहर को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद के नेतृत्व में सीएम कैंप का घेराव करने पहुंच गए। प्रदर्शन में लोकसभा अध्यक्ष अनूप संधु, जिलाध्यक्ष अमित परोचा, स्टेट आब्जर्वर शोएब आलम भी शामिल हुए। इस प्रदर्शन से निपटने के लिए प्रशासन ने भी पहले से तैयारी कर रखी थी, आप के पार्टी कार्यकर्ता जैसे ही सीएम कैंप के पास पहुंचे, उन्हें वहीं रोक लिया गया, इससे आक्रोशित पार्टी कार्यकर्ता व नेता बैरिकट के ऊपर से कूद कर आगे बढ़ने लगे। बिगड़ती स्थिति को देख प्रशासन के हाथपांव फूल गए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हलका बल प्रयोग करने के साथ वाटर कैनन से पानी का फव्वारा छोड़ना शुरू कर दिया। जिससे प्रदर्शनकारियों में खलबली मच गई।
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तेजधार पानी से बचने के लिए कुछ कार्यकर्ता पास में खुले हुए गटर में भी गिर गए, जिससे उन्हें हल्की चोटें भी आई। करीब तीन मिनट तक पानी के बौछार के बाद जब प्रदर्शनकारी फिर से एकजुट होने लगे तो प्रशासन ने एनाउसमेंट शुरू कर दिया कि अगर अब भी वे आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे तो मजबूरन आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ेगा। प्रशासन के इस चेतावनी के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन व चूड़ियां सौंप रोष जताया। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। यहां पर हर रोज किसी ना किसी जिले से एक बलात्कार की खबर आती रहती है, प्रदेश में महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, छेड़खानी के कारण छात्राएं स्कूल तक नहीं जा पा रही। यह बहुत दुख की बात है कि जिस प्रदेश में गीता का उपदेश दिया गया है, उसी प्रदेश में हर तरफ अशांति का माहौल है।
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पुलिस ने रोका रास्ता, लिखित आश्वासन से माने
करनाल। प्रदेश की पेयजल योजनाओं एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों, नहरों, पंप हाउसों तथा सड़कों के निजीकरण पर रोक लगाने एवं स्थाई कार्यों पर नियमित भर्ती करने की मांगों को लेकर हरियाणा गर्वमेंट पीडब्लयूडी मेकेनिकल वर्कर यूनियन से जुड़े हजारों कर्मचारियों ने शनिवार को हुडा ग्राउंड में एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व राज्य प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने और संचालन प्रांतीय महासचिव सीलक राम मलिक ने किया। विरेंद्र सिंह डंगवाल ने आला अधिकारियों पर विभाग का निजीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले विभाग में 32 हजार कर्मचारी थे, लेकिन लगातार सेेवानिवृति के कारण 12 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। पेयजल योजनाओं व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों, नहरों, सड़कों का निरंतर विस्तार हो रहा है, लेकिन बढ़ते वर्क लोड के अनुरूप नए कर्मचारियों को पदों की मंजूरी नहीं दी जा रही। न ही खाली पड़े पदों पर स्थाई भर्ती की जा रही है। अधिकारी ठेकेदारों को आमंत्रित करके ई टेंडरिंग के माध्यम से काम करने की मंजूरी दे रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा। सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश शास्त्री ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से आह्वान किया कि सभी मांगों को स्वीकार करे। संबोधन के बाद कर्मचारियों ने सीएम कैंप का घेराव करने के लिए कूच किया, लेकिन राजीव गांधी विद्युत सदन के पास ही पुलिस ने बैरीकेट लगा कर्मचारियों को रोक लिया। यहां पर कर्मचारियों से मिलने पहुंचे नायब तहसीलदार ने कर्मचारियों को लिखित में आश्वासन दिया कि 14 जून को कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की जाएगी, इसके बाद कर्मचारी शांत हुए।
वादाखिलाफी के खिलाफ भूख हड़ताल पर सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ
करनाल। सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ हरियाणा संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों व सरकार की वादा खिलाफी के विरोध में राज्य प्रधान संजय मुंडे के नेतृत्व में 48 घंटों की सामूहिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इसमें राज्य की लगभग सभी आईटीआई से 500 कर्मचारियों भाग ले रहे हैं। सभी कर्मचारियों ने विगत दिनों में आईटीआई सढोरा में कार्यरत अनुबंध अनुदेशक की सेवाएं समाप्त करने पर सरकार व विभाग को जमकर कोसा। संघ ने मांग की कि संबंधित प्रधानाचार्य की तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर की जाए और निष्पक्ष रूप से जांच करवाई जाए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष धर्मबीर फौगाट, अखिल भारतीय खेतीहर मजदूर यूनियन से शीशपाल, हरियाणा रोडवेज यूनियन से प्रधान इंद्र सिंह बधाना, सतीश सेठी ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि इन कर्मचारियों की मांगों को हठधर्मिता छोडक़र बातचीत से सुलझा ले। अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव प्रमोद यादव, उपप्रधान अमित ढिल्लो, कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंहमार, प्रेस प्रवक्ता मोहन, आडिटर प्रदीप पानू, संगठन सचिव ऋषिपाल आदि मौजूद रहे।