फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   close shop, in asandh, karnal

मिलाजुला रहा असंध बंद का असर

Sun, 19 Jun 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल Updated Sun, 19 Jun 2016 01:13 AM IST
विज्ञापन
close shop, in asandh, karnal
असंध में बंद पड़ी दुकानें। - फोटो : amar ujala
असंध को जिला बनाने की मांग को लेकर असंध बंद का शनिवार को पहला दिन मिला-जुला रहा। बंद के दौरान जहां कई जगहों पर दुकानें पूर्णतया बंद रही वहीं, कई जगह अपील करने के बाद भी दुकानदारों ने दुकानें बंद नहीं की, जिससे पहला दिन मिला जुला रहा। बंद के कारण बाजार में आए ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। असंध के लगते खेड़ीशर्फअली गांव के सैकड़ों दुकानदारों ने सौ फीसदी असंध बंद को समर्थन देते हुए सब्जी, मीट व अन्य आवश्यक दूकानें बंद रखी। खेडीशर्फअली के अलावा निकटवर्ती दूपेड़ी व जलमाना गांव में भी असंध बंद को लेकर दुकानदारों में उत्साह था। नगर में भाजपा पदाधिकारियों की दुकानों को छोड़कर अन्य दूकानें बंद रही और करनाल रोड, कैथल, जींद रोड, सफीदो व सालवन रोड पर खुली दुकान मालिकों से संघर्ष समिति के सदस्यों द्वारा जब दूकानें बंद करने की अपील की तो दुकानदारों ने बिना बहस किए दूकानें बंद करके समर्थन दिया। 
विज्ञापन


असंध को जिला बनाने की मांग को लेकर शनिवार को असंध बंद रहा। असंध बंद के पहले दिन बाजार में मिलाजुला असर देखने को मिला। दोपहर तक जहां बाजार में ज्यादातर दुकाने बंद रही, वहीं दोपहर बाद ज्यादातर दुकानें खुली दिखाई दी। कुछ जगहों पर दुकानें पूरा दिन बंद रही। जिससे बाजार में आए ग्राहकों को काफी परेशानी हुई। कुछ दुकानदार ग्राहकों को आधा शटर खोलकर सामान देते नजर आए। जिला बनाने को लेकर शनिवार सुबह से ही जगदीश झींडा असंध बंद के लिए अकेले ही दुकानदारों से अपील करते दिखे। इसके बाद झींडा अपने साथियों के साथ बाजार के चक्कर लगाकर दुकानें बंद करवा रहे थे। दोपहर तक दुकानदारों ने लगभग 90 प्रतिशत दुकाने बंद रखी लेकिन दोपहर बाद बंद के समर्थक जहां दुकानों को बंद करवाकर आगे जा रहे थे वहीं, उनके जाते ही दुकानदार दुकानों को खोल रहे थे। जिस कारण बंद का पहला दिन दमदार नहीं रहा। 
विज्ञापन


थाना प्रभारी हरविंद्र सिंह पुलिस कर्मचारियो के साथ असंध बंद को लेकर लगातार बाजार व सभी सड़कों का निरीक्षण करते रहे। नगर के मैन बाजार व डाकखाना मार्केट के दुकानदारों ने सुबह 9 बजे से लेकर एक बजे तक पूर्णतया दूकानें बंद रखी। असंध बंद को लेकर समिति के प्रधान जगदीश झींडा ने बताया कि समिति के आग्रह पर दुकानदारों ने दूकानें बंद करके उनका समर्थन किया। उन्होंने दावा जताया कि असंध की जनता असंध को जिला बनाना चाहती है और असंध को जिला बनाने के लिए कडे़ संघर्ष की आवश्यकता है। झींडा ने कहा कि 3 नए जिले चरखीदादरी, गोहाना व हांसी की सिफारिश करने वाली कमेटी ने किन कारणों से असंध को शामिल नहीं किया। जब तक असंध को जिला बनाने की घोषणा सीएम नहीं करेंगे तब तक वह 3 जिलों का गठन नहीं होने देंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कई राजनीतिक दलों ने किया बंद का समर्थन
असंध को जिला बनोने की मांग को लेकर कई राजनीति दलों व विभिन्न संस्थाओं ने बंद का समर्थन किया। इस दोरान कांग्रेस, सीपीएम, भकयू व सीपीआई ने बंद का खुलकर समर्थन किया। इस दौरान कांग्रेसी नेता शेरप्रताप शेरी, साहब सिंह मर्दानखेड़ा ने दुकानदारों से दुकानों को बंद करने की अपील की। इस दौरान शेरी ने कहा कि पहले दिन असंध बंद सफल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नहीं चाहती असंध जिला बने, विधायक बख्शीश सिंह मजबूती के साथ हमारी मांगों को सीएम के सामने नहीं रख पा रहे हैं, जिससे असंध की जनता ऐसे विधायक को चुनकर पछता रही है। 


कई संस्थाओं ने किया विरोध
इस दौरान असंध बंद का कई संस्थाओं ने विरोध भी किया। जिला बनाने को लेकर पांच लाख हस्ताक्षर अभियान चला रही एचएचएफ ने असंध बंद से दूरी बनाकर रखी। एचएचएफ की अध्यक्ष रीना चौधरी ने कहा कि असंध को बंद करना सिर्फ एक राजनीति स्टंट है। लेकिन शनिवार को असंध बंद पूरी तरह से विफल रहा। जिसका कारण है कि इन लोगों ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए ये सब किया है। जगदीश झींडा केवल अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में ये सब कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed