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क्लोन पशुओं को शीघ्र फील्ड में टेस्ट किया जाएगा, : डॉ.धीर सिंह
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एनडीआरआई का स्थापना दिवस आज
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में स्थापित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) मंगलवार को 103 का हो गया है। एक शताब्दी की अपनी यात्रा में देश को डेयरी सेक्टर और दुग्ध उत्पादन में दुनिया में अग्रणी बनाने में संस्थान ने अहम भूमिका अदा की है। संस्थान ने 25 क्लोन तैयार करने के साथ साथ कई तकनीक किसानों, पशुपालकों को दी हैं, ताकि गुणवत्तापूर्ण दूध लोगों तक पहुंच सके। अब संस्थान क्लोन पशुओं को फील्ड में टेस्ट करने की तैयारी कर रहा है। एनडीआरआई करनाल के निदेशक एवं कुलपति डॉ.धीर सिंह ने बताया कि संस्थान अपना 103वां स्थापना दिवस मना रहा है, इस मौके पर बच्चों की प्रतियोगिताओं सहित कुछ कार्यक्रम होंगे। जहां तक तकनीक की बात है तो क्लोन तकनीक से पशु तैयार किए गए हैं, उनका सीमेन अब फील्ड में टेस्ट किया जाएगा। जिसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई हैं। जीन एडिटिंग और सेक्स सॉर्टिंग तकनीक से कई अन्य शोध भी चल रहे हैं, जिनके परिणाम शीघ्र सामने आएंगे। आगामी वर्षो में प्रति व्यक्ति एक लीटर दूध की उपलब्ध के लक्ष्य को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
एनडीआरआई की स्थापना ब्रिटिश शासन के दौरान एक जुलाई 1923 में इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हस्बेंडरी एंड डेयरी नाम से बेंगलुरु में हुई थी, आजादी के बाद 1955 में इसे करनाल में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के नाम से स्थापित किया गया।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में स्थापित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) मंगलवार को 103 का हो गया है। एक शताब्दी की अपनी यात्रा में देश को डेयरी सेक्टर और दुग्ध उत्पादन में दुनिया में अग्रणी बनाने में संस्थान ने अहम भूमिका अदा की है। संस्थान ने 25 क्लोन तैयार करने के साथ साथ कई तकनीक किसानों, पशुपालकों को दी हैं, ताकि गुणवत्तापूर्ण दूध लोगों तक पहुंच सके। अब संस्थान क्लोन पशुओं को फील्ड में टेस्ट करने की तैयारी कर रहा है। एनडीआरआई करनाल के निदेशक एवं कुलपति डॉ.धीर सिंह ने बताया कि संस्थान अपना 103वां स्थापना दिवस मना रहा है, इस मौके पर बच्चों की प्रतियोगिताओं सहित कुछ कार्यक्रम होंगे। जहां तक तकनीक की बात है तो क्लोन तकनीक से पशु तैयार किए गए हैं, उनका सीमेन अब फील्ड में टेस्ट किया जाएगा। जिसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई हैं। जीन एडिटिंग और सेक्स सॉर्टिंग तकनीक से कई अन्य शोध भी चल रहे हैं, जिनके परिणाम शीघ्र सामने आएंगे। आगामी वर्षो में प्रति व्यक्ति एक लीटर दूध की उपलब्ध के लक्ष्य को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।
एनडीआरआई की स्थापना ब्रिटिश शासन के दौरान एक जुलाई 1923 में इंपीरियल इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हस्बेंडरी एंड डेयरी नाम से बेंगलुरु में हुई थी, आजादी के बाद 1955 में इसे करनाल में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के नाम से स्थापित किया गया।
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