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कक्षा दसवीं के टर्म-1 के अंक जारी, लिखित परीक्षा में सभी विद्यार्थी पास
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से कक्षा दसवीं की टर्म-1 के अंक जारी कर दिए हैं। लिखित परीक्षा जिले के 120 स्कूलों से 8918 विद्यार्थियों ने दी थी, सभी विद्यार्थी पास हो गए हैं। आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षा के अंक स्कूलों के पास ही हैं, इसे परिणाम में वे स्वयं जोड़ेंगे। वहीं टर्म-2 के परीक्षा परिणाम को मिलाकर ही अंतिम एवं फाइनल परिणाम माना जाएगा। जो विद्यार्थी टर्म-1 की परीक्षा नहीं दे पाए थे। अब उन्हें भी बोर्ड परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
बोर्ड की ओर से स्कूलों को ई-मेल पर विद्यार्थियों के अंक भेजे गए हैं। टर्म-1 के परीक्षा परिणाम में किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया गया और न ही मार्कशीट जारी की जाएगी। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूलों की ओर से परिणाम की जानकारी दी गई। सीबीएसई ने इस बार परिणाम को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नहीं किया है। इससे पहले यही अंदाजा लगाया जा रहा था कि परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगा। परीक्षा परिणाम जानने के लिए विद्यार्थी काफी उत्साहित थे। 17 नवंबर से 11 दिसंबर 2021 तक टर्म-1 की परीक्षाएं आयोजित हुई थी। बोर्ड की ओर से जल्द 12वीं कक्षा का भी परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।
इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच भी तुरंत की गई थी। जहां पर केंद्र बने हुए थे, वहीं पर ही ड्यूटी स्टाफ ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करके उन्हें बोर्ड के पोर्टल पर अपडेट किया था। ऐसा भी पहली बार हुआ कि टर्म-1 की परीक्षा में विद्यार्थियों से केवल बहु विकल्पीय प्रश्न ही पूछे गए। इस प्रक्रिया के हिसाब से 15 जनवरी को परिणाम जारी होना था लेकिन कोरोना के मामले सामने आने से व्यवस्था बिगड़ गई और करीब दो माह की देरी से परिणाम जारी हुआ है।
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सीबीएसई ने पहले ही इस बात की सूचना जारी कर दी थी कि टर्म-1 के परीक्षा परिणाम में केवल छात्रों के विषयवार अंक हीं प्रदर्शित किए जाएंगे। उसी आधार पर ही अंक जारी किए गए हैं। छात्रों को फाइनल मार्कशीट मार्च-अप्रैल में आयोजित की जाने वाल टर्म-2 परीक्षा के परिणाम के बाद जारी किए जाएंगे।
टर्म-1 परीक्षाओं में इस साल कोई भी छात्र फेल और कंपार्टमेंट की श्रेणी में नहीं आया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह केवल आधे सत्र की ही परीक्षा है। टर्म 2 की परीक्षा के पूरा होने के बाद छात्रों के दोनों परीक्षाओं के अंकों का मिलान कर के पास, फेल या कंपार्टमेंट की घोषणा की जाएगी।
स्कूलों का कहना है कि जिन विद्यार्थियों को इस साल की बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन न कर पाने का मलाल है, वे अफसोस न करें। छात्रों के पास बेहतर प्रदर्शन का एक और मौका शेष है। छात्र जिन विषयों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, वह टर्म-2 परीक्षा के लिए उन विषयों की बेहतर ढंग से तैयारी कर लें। इस बार बोर्ड की ओर से टर्म-1 और टर्म-2 के परिणामों का एक साथ आंकलन कर के हीं अंतिम मार्कशीट जारी की जाएगी।
जो नंबर भेजे थे, वही परिणाम आया है। अंतिम परिणाम टर्म-2 की परीक्षा के आधार पर आएगा या इसके आधार पर, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते। - रीत नंदा, शिक्षिका
अब उन बच्चों को परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जो कोरोना के कारण परीक्षा नहीं दे पाए थे, बोर्ड ने ये निर्णय अच्छा लिया है। विद्यार्थियों को इस निर्णय से राहत मिली है। - आरती शर्मा, शिक्षिका
जितना उम्मीद था उतना ही परिणाम आया है। कई विद्यार्थियों के 97 प्रतिशत से भी ऊपर अंक हैं। परिणाम को लेकर जैसे बच्चे घबराए हुए थे, वैसा कुछ नहीं है। दूसरी टर्म के साथ ही प्रतिशत बनेंगे। - तनवीर सिंह, निदेशक, मोन्टफोर्ट वर्ल्ड स्कूल
परीक्षा परिणाम अच्छा रहा है। अभी केवल 40 प्रतिशत ही रिजल्ट आया है। टर्म-2 के बाद ही यह 100 प्रतिशत होगा। आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षा के अंक अभी जोड़े जाने हैं। रिजल्ट का प्रतिशत नहीं निकाल सकते। - राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स
---
टर्म-2 की तैयारी कर रहा हूं। पाठ्यक्रम टर्म में बंटने से पढ़ाई आसान हुई। पाठ्यक्रम भी बोर्ड की ओर से कम किया गया। दूसरी टर्म में भी अच्छे अंक आने की उम्मीद है।
- माधव, छात्र
95 प्रतिशत अंक रहे। पाठ्यक्रम को चरणों में बांटने का प्रारूप अच्छा है। इससे बोझ भी कम हो गया था। पढ़ाई में हमारे शिक्षकों ने भी मदद की। परिणाम भी अच्छा आया है।
- गोशन, छात्रा
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97 प्रतिशत अंक आए हैं। बोर्ड की ओर से प्रश्नों को बहु विकल्पीय प्रारूप में दिया गया था। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रारूप का भी पता चला।
- राहुल, छात्र
हमने परीक्षा आसानी से दी। खूब मस्ती भी की थी। पाठ्यक्रम कम होने से बोझ भी कम था। दो टर्म के परीक्षा प्रारूप को लागू करना चाहिए।
निशांत, छात्र
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बोर्ड की ओर से स्कूलों को ई-मेल पर विद्यार्थियों के अंक भेजे गए हैं। टर्म-1 के परीक्षा परिणाम में किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया गया और न ही मार्कशीट जारी की जाएगी। ऐसे में विद्यार्थियों को स्कूलों की ओर से परिणाम की जानकारी दी गई। सीबीएसई ने इस बार परिणाम को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नहीं किया है। इससे पहले यही अंदाजा लगाया जा रहा था कि परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होगा। परीक्षा परिणाम जानने के लिए विद्यार्थी काफी उत्साहित थे। 17 नवंबर से 11 दिसंबर 2021 तक टर्म-1 की परीक्षाएं आयोजित हुई थी। बोर्ड की ओर से जल्द 12वीं कक्षा का भी परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।
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इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच भी तुरंत की गई थी। जहां पर केंद्र बने हुए थे, वहीं पर ही ड्यूटी स्टाफ ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करके उन्हें बोर्ड के पोर्टल पर अपडेट किया था। ऐसा भी पहली बार हुआ कि टर्म-1 की परीक्षा में विद्यार्थियों से केवल बहु विकल्पीय प्रश्न ही पूछे गए। इस प्रक्रिया के हिसाब से 15 जनवरी को परिणाम जारी होना था लेकिन कोरोना के मामले सामने आने से व्यवस्था बिगड़ गई और करीब दो माह की देरी से परिणाम जारी हुआ है।
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सीबीएसई ने पहले ही इस बात की सूचना जारी कर दी थी कि टर्म-1 के परीक्षा परिणाम में केवल छात्रों के विषयवार अंक हीं प्रदर्शित किए जाएंगे। उसी आधार पर ही अंक जारी किए गए हैं। छात्रों को फाइनल मार्कशीट मार्च-अप्रैल में आयोजित की जाने वाल टर्म-2 परीक्षा के परिणाम के बाद जारी किए जाएंगे।
टर्म-1 परीक्षाओं में इस साल कोई भी छात्र फेल और कंपार्टमेंट की श्रेणी में नहीं आया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह केवल आधे सत्र की ही परीक्षा है। टर्म 2 की परीक्षा के पूरा होने के बाद छात्रों के दोनों परीक्षाओं के अंकों का मिलान कर के पास, फेल या कंपार्टमेंट की घोषणा की जाएगी।
स्कूलों का कहना है कि जिन विद्यार्थियों को इस साल की बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन न कर पाने का मलाल है, वे अफसोस न करें। छात्रों के पास बेहतर प्रदर्शन का एक और मौका शेष है। छात्र जिन विषयों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं, वह टर्म-2 परीक्षा के लिए उन विषयों की बेहतर ढंग से तैयारी कर लें। इस बार बोर्ड की ओर से टर्म-1 और टर्म-2 के परिणामों का एक साथ आंकलन कर के हीं अंतिम मार्कशीट जारी की जाएगी।
जो नंबर भेजे थे, वही परिणाम आया है। अंतिम परिणाम टर्म-2 की परीक्षा के आधार पर आएगा या इसके आधार पर, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते। - रीत नंदा, शिक्षिका
अब उन बच्चों को परीक्षा देने का मौका मिलेगा। जो कोरोना के कारण परीक्षा नहीं दे पाए थे, बोर्ड ने ये निर्णय अच्छा लिया है। विद्यार्थियों को इस निर्णय से राहत मिली है। - आरती शर्मा, शिक्षिका
जितना उम्मीद था उतना ही परिणाम आया है। कई विद्यार्थियों के 97 प्रतिशत से भी ऊपर अंक हैं। परिणाम को लेकर जैसे बच्चे घबराए हुए थे, वैसा कुछ नहीं है। दूसरी टर्म के साथ ही प्रतिशत बनेंगे। - तनवीर सिंह, निदेशक, मोन्टफोर्ट वर्ल्ड स्कूल
परीक्षा परिणाम अच्छा रहा है। अभी केवल 40 प्रतिशत ही रिजल्ट आया है। टर्म-2 के बाद ही यह 100 प्रतिशत होगा। आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षा के अंक अभी जोड़े जाने हैं। रिजल्ट का प्रतिशत नहीं निकाल सकते। - राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स
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टर्म-2 की तैयारी कर रहा हूं। पाठ्यक्रम टर्म में बंटने से पढ़ाई आसान हुई। पाठ्यक्रम भी बोर्ड की ओर से कम किया गया। दूसरी टर्म में भी अच्छे अंक आने की उम्मीद है।
- माधव, छात्र
95 प्रतिशत अंक रहे। पाठ्यक्रम को चरणों में बांटने का प्रारूप अच्छा है। इससे बोझ भी कम हो गया था। पढ़ाई में हमारे शिक्षकों ने भी मदद की। परिणाम भी अच्छा आया है।
- गोशन, छात्रा
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97 प्रतिशत अंक आए हैं। बोर्ड की ओर से प्रश्नों को बहु विकल्पीय प्रारूप में दिया गया था। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रारूप का भी पता चला।
- राहुल, छात्र
हमने परीक्षा आसानी से दी। खूब मस्ती भी की थी। पाठ्यक्रम कम होने से बोझ भी कम था। दो टर्म के परीक्षा प्रारूप को लागू करना चाहिए।
निशांत, छात्र