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Karnal News: मूसलाधार बारिश से जलभराव रोकने के दावों की निकली हवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2024 06:27 AM IST
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Claims of preventing waterlogging due to torrential rains fell flat
- करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर के कई चौराहों, मुख्य सड़कों पर भरा पानी, लोगों को हुई परेशानी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मौसम की पहली मूसलाधार बारिश ने नगर निगम की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर जलभराव रोकने के दावों की हवा निकाल दी। गलियों से लेकर मुख्य सड़कों और चौराहे तक लबालब हो गए। गनीमत ये रही कि बारिश रात को हुई। अधिकतर पानी का निकास सुबह तक हो गया है लेकिन कई सड़कें ऐसी रहीं, जिन पर वीरवार की शाम तक भी पानी भरा रहा। जिसके कारण लोगों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ा।
नगर निगम ने मानसून से पहले शहर के सभी मुख्य नालों की सफाई कराने का दावा किया था। जिसमें खास तौर पर शहर के मुख्य 24 बड़े नालों की सफाई कराई गई थी। इसके साथ-साथ 4200 मीटर लंबाई वाले मीरा घाटी नाले के साथ-साथ नेशनल हाईवे से आगे की ओर जाने वाली ड्रेन नंबर-एक की सफाई कराई गई। निगम की ओर से नालों व ड्रेन की सफाई, आईपीएस व डिस्पोजल आदि पर करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय की थी।
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जुलाई की अंतिम रात्रि को जब मेघा बरसे तो सारी व्यवस्था धुलती नजर आई। बारिश करीब रात्रि नौ बजे शुरू हुई और रुक-रुक कर मध्यरात्रि के बाद तक चलती रही। परिणाम ये हुआ कि शहर में कमेटी चौक, बांसों गेट के सामने, पुराने बस स्टैंड के निकट, कर्ण कैनाल पार्ट-2, कुंजपुरा रोड, सेक्टर-13 गीता मंदिर के पास तो गलियों से लेकर मुख्य सड़कें जलप्लावित हो गईं। मौका रात का था, इसलिए ट्रैफिक कम था, लोग घरों में थे, लेकिन फिर भी जो लोग घरों को लौट रहे थे, या बाहर से लौटे थे, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहा लेकिन सुबह तक अधिकतर सड़कों से पानी का निकास हो गया।
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शहर में निगम के अधीन 11 डिस्पोजल लगाए गए हैं। हालांकि इन पर अभी कार्य चल रहा है। सभी जगह जेनरेटर सेट और कर्मचारी भी लगाए गए हैं। कर्मचारियों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई गई है। इनका कार्य जलभराव के दौरान तेजी के साथ चल को आगे नालों की ओर पहुंचाना है।
चार आईपीएस भी लगाए
नगर निगम क्षेत्र में अमृत योजना के तहत बरसाती पानी निकासी के लिए चार आईपीएस (इंटरमिडिएट पंपिंग स्टेशन) बनाए गए हैं। इनमें आईपीएस हैरीटेज, मीरा घाटी, हकीकत नगर व सैदपुरा शामिल हैं। संचालन के लिए निजी एजेंसी की मार्फत 12 ऑप्रेटर रखे गए हैं। कई स्थानों पर लगे रेन वाटर हार्वेस्टर की साफ-सफाई भी कराई गई है।


करोड़ो रुपये किए बर्बाद : त्रिलोचन सिंह
कांग्रेस के जिला संयोजक सरदार त्रिलोचन सिंह ने एक बयान जारी कर कहा है कि बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ है। जिससे स्मार्ट सिटी की पोल खुल गई है। सरकार ने बरसाती पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। यही स्थिति रही तो शहर के हालात बदत्तर हो जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मार्ट सिटी पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। जो करोड़ों रुपए खर्च किए गए, वो कहां बर्बाद हुए।


आज भी बारिश के आसार
करनाल। बुधवार की रात को बारिश के बाद वीरवार सूखा रहा। हालांकि बादलों की आवाजाही रही। तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार को कहीं-कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की संभावना है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) की जिला मौसम वेधशाला में वीरवार को 34.5 व न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो बुधवार को 36.4 व 29.2 था। बुधवार की रात 38.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार को मौसम परिवर्तशील रहेगा। कहीं-कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।
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