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बढ़ा सर्दी का सितम, पर बचाव के इंतजाम कम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 02:30 AM IST
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Claims of facilities but locks in night shelters
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कड़ाके की सर्दी में नगर निगम ने छह छोटे-बड़े रैन बसेरे तो बना लिए लेकिन शुक्रवार को हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर के बीच कई स्थानों पर लोग ठिठुरते नजर आए। कुछ खुले में कंबल ओढ़े बैठे थे तो कुछ यात्री बस के इंतजार में लकड़ी एकत्र करके उन्हें जलाकर ठंड से बचाव के प्रयास करते मिले।
दूसरी ओर कहीं रैन बसेरे पर ताला लटका मिला तो कई घुप अंधेरा मिला। इनमें इंतजाम भी नाकाफी दिखाई दिए। सीएमओ कार्यालय के निकट रेडक्रास सोसायटी वाला रैन बसेरा इस बार खत्म कर दिया गया है, वहां बेघर लोग रात्रि विश्राम के लिए भटकते मिले।
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शहर में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से भी लोग मजदूरी के लिए आते हैं। जीटी रोड शहर से होकर गुजरता है, इसके लिए देर रात तक रहना पड़ता है लेकिन नगर निगम ने कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं कराई है। कई लोग खानपान की व्यवस्था के कारण निर्मल कुटिया के पास टिनशेड के नीचे रात गुजारते मिले। शुक्रवार से अचानक तापमान में गिरावट आने से सर्दी बढ़ गई है।
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निर्मल कुटिया बस क्यू सेंटर
सेक्टर 12 में ही एक रैन बसेरा है, लेकिन फिर भी झज्जर के जय सिंह, गोहाना के वेदप्रकाश, कैथल के जय प्रकाश क्यू सेंटर के पीछे पार्क में खुले में बैठे मिले। उन्होंने बताया कि यहां से उन्होंने रैन बसेरा जाकर देखा है, वहां कोई इंतजाम नहीं हैं। एक कंबल में दो दो लोग सोते हैं। पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। निर्मल कुटिया के पास रहते हैं तो रात को टीनशेड के नीचे लेट जाते हैं, सुबह चाय व भोजन करके काम पर चले जाते हैं। यहीं पर कुछ यात्री सर्दी से बचने के लिए लकड़ी व पत्ते एकत्र करके अलाव जलाते दिखे।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज गेट
यहां पर नगर निगम का रैन बसेरा बना है, लेकिन देर शाम 6:40 बजे रैन बसेरे में ताला लटका था। बाहर एक यात्री बाली निवासी अमृतपुर प्रतीक्षा कर रहा था। उसने बताया कि वह तीन दिनों से यहां रोज आता है। वैसे तो रैन बसेरा शाम छह बजे खुल जाता था लेकिन आज नहीं खुला। यहां छह गद्दे व इतने ही कंबल हैं, जबकि रात को लोग आठ से दस हो जाते हैं।
सीएमओ कार्यालय रेडक्रास सोसायटी
यहां नेपाल के निर्मल व किशन रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे। जहां हर साल रैन बसेरा बनता था, इस बार दरवाजा अंदर से बंद था। दस्तक देने पर भी नहीं खुला तो सीएमओ कार्यालय जाकर दोनों ने रैन बसेरा के बारे में जानकारी ली। बताया गया कि इस बार रेडक्रास सोसायटी ने रैन बसेरा नहीं बनाया है। इसलिए दोनों किसी और रैन बसेरे की तलाश में चले गए। रैन बसेरा तो खुला था, एक कर्मचारी भी मौजूद था लेकिन अंदर घुप अंधेरा था। लिहाफ व गद्दे भी छह ही दिखाई दिए। कर्मचारी ने बताया कि बिजली में शायद खराबी आ गई है, इसलिए आज अंधेरा है।
प्रेम नगर में स्थाई रैन बसेरा है, जहां करीब 85 व्यक्तियों के ठहरने का इंतजाम है। इसके अलावा पांच अस्थाई रैन बसेरे भी अलग-अलग जगहों पर बनाए गए हैं। इसमें सेक्टर-12 स्थित उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के समीप, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के पास, काछवा रेलवे फ्लाई ओवर के नीचे, पुराने बस स्टैंड के पीछे और मेरठ रोड चौक पर हैं। सभी में पर्याप्त सुविधाएं हैं।
डॉ. मनोज कुमार निगमायुक्त करनाल
सुबह शाम छाएगी धुंध
करनाल। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। चौधरी चरण सिंह कृषि विश्व विद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 22 दिसंबर तक मौसम के परिवर्तनशील लेकिन खुश्क बने रहने की संभावना है। पश्चिमी हवाएं चलने के कारण रात्रि के तापमान में गिरावट व सुबह और देर रात धुंध छाए रहने की भी संभावना है। कुछ स्थानों पर पाला भी पड़ सकता है।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18.4 सेंटीग्रेड व न्यूनतम तापमान 4.0 रहा। हवा में नमी-आद्रता 100 प्रतिशत रही। सुबह को धुंध छाई रही। जिससे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
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