फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Civil hospital, medical college water not fit for drinking

Karnal News: पीने लायक नहीं सिविल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज का पानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Aug 2023 02:16 AM IST
विज्ञापन
Civil hospital, medical college water not fit for drinking
- सिविल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सिविल सर्जन कार्यालय और 13 गांवों में पेयजल के नमूने फेल
विज्ञापन

- राज्य प्रयोगशाला की ओर से सीएचसी-पीएचसी को 89 स्थानों की पेयजल आपूर्ति बंद करने का निर्देश



अनुज शर्मा



करनाल। सिविल अस्पताल, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज और सिविल सर्जन कार्यालय का पानी भी पीने लायक नहीं है। इतना ही नहीं 13 गांवों का पानी भी सेहत के लिए सही नहीं पाया गया है। क्योंकि हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला करनाल की ओर से लिए गए पानी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। जिन जगहों पर नमूने फेल मिले हैं, उन्हें पानी की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

हरियाणा राज्य जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला ने जुलाई में 270 जगहों से पानी के नमूने लेकर जांच की। इनमें से 50 नमूने अनफिट और 39 में हाइपर क्लोरिन यानि अधिक मात्रा में क्लोरीन पाई गई। प्रयोगशाला की ओर से नोटिस जारी कर तत्काल पेयजल की आपूर्ति पर रोक लगाने और पानी में बैक्टीरिया मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। जिन क्षेत्रों के पानी में क्लोरिन की मात्रा अधिक पाई गई थी। उनमें क्लोरिन की मात्रा मापदंड के अनुसार लाने को कहा गया है। संवाद
विज्ञापन

इन जगहों के सैंपल मिले फेल
सिविल सर्जन कार्यालय, सिविल अस्पताल, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, खूखनी, ब्याना, जड़ौली कलां, मुगल माजरा, कुंजपुरा, जपती छपरा, कबुलपुर खेड़ा, फैजपुर खेड़ा, रत्तक, हलवाना, सरफाबाद माजरा, सुबरी और गगसीना।
विज्ञापन
विज्ञापन




वर्ष 2023 में अब तक 231 सैंपल मिले फेल
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला में 2023 की जनवरी से जुलाई तक कुल 1137 पेयजल के सैंपल जांच के लिए पहुंचे। इनमें से 906 ठीक तो 231 फेल मिले हैं। इन 231 में से 145 अनफिट और 86 में जरूरत से ज्यादा क्लोरिन मिला है।
उबालकर पीएं पानी तो होगा बेहतर



एमडी माइक्रोबायोलॉजी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि जिन क्षेत्रों के पेयजल के सैंपल अनफिट या हाइपर क्लोरिन के आए हैं। वहां के लोगों को करीब 15 दिनों तक पानी उबाल कर पीना चाहिए। जिससे वे पेट संबंधी बीमारी होने से खुद को बचा सकें, नहीं तो उन्हें दूषित पानी पीने से डायरिया संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ सकता है।

सात माह की पेयजल सैंपल रिपोर्ट पर एक नजर
माह कुल फिट अनफिट हाइपर क्लोरिन
जनवरी 142 125 08 09
फरवरी 124 84 30 10
मार्च 145 122 06 17
अप्रैल 141 136 05 00
मई 171 128 36 07
जून 144 130 10 04
जुलाई 270 181 50 39
कुल 1137 906 145 86
जुलाई में जिले के 270 अलग-अलग क्षेत्रों से पेयजल के नमूने लिए गए थे। इनमें से 50 अनफिट और 39 में हाइपर क्लोरिन मिला है। इन स्थानों का पानी पीने लायक नहीं है। उन्होंने संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को नोटिस भेजकर पानी की सप्लाई रोकने और उसे बेहतर करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिससे पानी पीने लायक हो सके।

- डॉ. रवि कुमार, एमडी, माइक्रोबायोलॉजी, हरियाणा राज्य जन-स्वास्थ्य प्रयोगशाला, करनाल

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज कैंपस के नौ स्थानों के नमूने फेल आए थे। जिन्हें दुरुस्त करवा दिया गया है। सभी अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है। जिससे भविष्य में पानी की नियमित मानदंड के अनुसार ही सप्लाई दी जा सके।




- डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, डायरेक्टर, केसीजीएमसी, करनाल

सिविल सर्जन कार्यालय व सिविल अस्पताल के पानी के सैंपल फेल होने की सूचना उनके संज्ञान में नहीं है। बुधवार को संबंधित नोडल अधिकारी से रिपोर्ट ली जाएगी।
- डॉ. विनोद कमल, सिविल सर्जन, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed