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स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था से बढ़ेगी शहर की रफ्तार
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Wed, 09 Dec 2015 01:34 AM IST
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स्मार्ट बनने का सपना संजोए शहर करनाल के लिए स्मार्ट बनने में कई रोड़े हैं। इनमें से मुख्य है शहर का अव्यवस्थित ट्रैफिक और जाम की समस्या। शहर में ऑटो से लेकर बस और ट्रैक्टर-ट्राली से लेकर ओवरलोड ट्रक बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए चुनौती से कम नहीं है। अधिकांश वाहनों के पास न तो कागज है और न ही चलाने के लिए लाइसेंस। बेतरतीब वाहनों के खड़ा होने से शहर के सभी मुख्य स्थानों पर जाम ही जाम नजर आता है। शहरवासियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी के लिए स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था की भी जरूरत है।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। बाजार से लेकर मेन सड़कों पर जाम की स्थिति हर वक्त रहती है। कहीं पर पार्किंग व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर वाहनों ज्यादा आवाजाही के चलते ट्रैफिक नियम लागू करवाना पुलिस के लिए आफत बन गए हैं। स्मार्ट सिटी की लाइन में मंगलवार को कुछ चिन्हित एरिया में कार फ्री डे घोषित किया हुआ है और साइकिल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन पब्लिक की तरफ से अच्छे परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं, जाम और ओवरलोडेड वाहनों और अनियंत्रित ट्रैफिक के कारण शहर में रोजाना हादसे हो रहे हैं। अनुमान है कि हर माह करनाल में सड़क हादसों से दस से 15 लोगों की जान जा रही है।
दूसरी तरफ ट्रैफिक नियमों को लागू करवाने में आरटीए के आंकड़े साफ बता रहे हैं कि सीएम सिटी के लोग जमकर यातायात नियमों का उलल्घंन कर रहे हैं। हर महीने 40 लाख रुपये से ज्यादा के चालान होने के बाद भी ट्रैफिक नियमों में सुधार नहीं हो रहा है। हर महीने चालान की औसतन 40 लाख रुपये है। मजे की बात यह है कि कुछ वाहन चालक नियमों को मानने की बजाय चालान कटवाने के लिए तैयार हैं।
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बॉक्स
वाहनों के कागज से लेकर नहीं है लाइसेंस
आरटीए टीम में चेकिंग स्टाफ ने बताया कि भारी व छोटे वाहनों कई चालकों के पास कागजात से लेकर लाइसेंस तक नहीं मिलता। इसमें स्कूली बस, निजी बस, ऑटो, ट्रैक्टर-ट्राली सहित ट्रकों के चालान किये गये हैं। नियमों को ताक पर रखकर वाहन चालक वाहन चला रहे हैं। ओवरलोड, विदाउट लाइसेंस, आरसी, रिफ्लेक्टर टेप, सीट बेल्ट न लगाने के उल्लंघन पर चालान किये गये।
बॉक्स
आरटीए द्वारा चालान किये गये आंकड़े-
माह बस ऑटो ट्रक ट्रैक्टर-ट्राली जमा राशि
जून 01 01 236 01 45 लाख 34 हजार 700
जुलाई 01 03 189 14 47 लाख 67 हजार 200
अगस्त 06 05 168 - 37 लाख 40 हजार
सितंबर 06 03 172 08 41 लाख 69 हजार
अक्टूबर 06 04 149 32 44 लाख 8 हजार 450
नवंबर 05 03 4ि2 08 40 लाख 74 हजार 300
वर्जन
नियमों की उल्लंघन करने वालों के चालान किये जा रहे हैं। चालान करने के बाद भी वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। हर महीने चालान से लाखों रुपये का राजस्व जमा हो रहा है। लोगों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
-योगेश कुमार, आरटीए सेक्रेटरी करनाल।
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इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू हो (फोटो-20)
स्मार्ट सिटी के लोगों को हर प्रकार की सुविधा चाहिए। प्रशासन को लोगों तक पैन सिटी योजना के तहत शहर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना चाहिए। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में परिवर्तन होगा। इसके अलावा नगर निगम और पुलिस की सख्ती से ही नियमों की पालना हो सकती है। सबसे जरूरी है कि पार्किंग की व्यवस्था हो, तभी जाम से मुक्ति मिलेगी।
देवेंद्र सचदेवा, समाजसेवी।
वर्जन (फोटो-19)
शहर के लिए जाम और ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या है। हम स्मार्ट तभी होंगे, जब जाम से मुक्ति होगी और शहर में ट्रैफिक बेहतर होगा। फिलहाल स्थिति खराब है। केवल सड़कें बनने से स्मार्ट नहीं होगा, जरूरत है लोगों में ट्रैफिक के प्रति जागरूकता पैदा करने की और उन्हें अपने कर्तव्य को याद दिलाने की। शहर में सिटी बस शुरू होगी, इससे काफी हद तक ट्रैफिक कंट्रोल होगा।
एमएस बाठ, शिक्षाविद।
वर्जन (फोटो-18)
ट्रैफिक नियमों की पालना के लिए सख्ती के साथ लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। लोगों की सेफ्टी के लिए यह किया जा रहा है। नियमों की उल्लंघन करने वालों को सख्ती से निपटा जाएगा। ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए बेहतर पुलिस कर्मचारियों को लगाया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में जाकर लोगों को ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-पंकज नैन, एसपी करनाल।
वर्जन (फोटो-17)
जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक शहर के लिए बड़ी समस्या है। लोगों ने इसे प्रमुख समस्या बताया है। स्मार्ट सिटी के तहत हम सिटी बस शुरू करेंगे, इससे काफी हद तक ट्रैफिक कंट्रोल होगा। दूसरा, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत ई परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा। जाम से मुक्ति के लिए शहर के अंदर ही निगम द्वारा पार्किंग स्थान बनाए जाएंगे। पुरानी सब्जी मंडी के स्थान पर पार्किंग प्रस्तावित है। स्मार्ट बनने से पहले हम ट्रैफिक सेंस लाएंगे। इसके तहत लोगों को वर्कशाप के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
सुमेधा कटारिया, आयुक्त, नगर निगम।
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शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। बाजार से लेकर मेन सड़कों पर जाम की स्थिति हर वक्त रहती है। कहीं पर पार्किंग व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर वाहनों ज्यादा आवाजाही के चलते ट्रैफिक नियम लागू करवाना पुलिस के लिए आफत बन गए हैं। स्मार्ट सिटी की लाइन में मंगलवार को कुछ चिन्हित एरिया में कार फ्री डे घोषित किया हुआ है और साइकिल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन पब्लिक की तरफ से अच्छे परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। वहीं, जाम और ओवरलोडेड वाहनों और अनियंत्रित ट्रैफिक के कारण शहर में रोजाना हादसे हो रहे हैं। अनुमान है कि हर माह करनाल में सड़क हादसों से दस से 15 लोगों की जान जा रही है।
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दूसरी तरफ ट्रैफिक नियमों को लागू करवाने में आरटीए के आंकड़े साफ बता रहे हैं कि सीएम सिटी के लोग जमकर यातायात नियमों का उलल्घंन कर रहे हैं। हर महीने 40 लाख रुपये से ज्यादा के चालान होने के बाद भी ट्रैफिक नियमों में सुधार नहीं हो रहा है। हर महीने चालान की औसतन 40 लाख रुपये है। मजे की बात यह है कि कुछ वाहन चालक नियमों को मानने की बजाय चालान कटवाने के लिए तैयार हैं।
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वाहनों के कागज से लेकर नहीं है लाइसेंस
आरटीए टीम में चेकिंग स्टाफ ने बताया कि भारी व छोटे वाहनों कई चालकों के पास कागजात से लेकर लाइसेंस तक नहीं मिलता। इसमें स्कूली बस, निजी बस, ऑटो, ट्रैक्टर-ट्राली सहित ट्रकों के चालान किये गये हैं। नियमों को ताक पर रखकर वाहन चालक वाहन चला रहे हैं। ओवरलोड, विदाउट लाइसेंस, आरसी, रिफ्लेक्टर टेप, सीट बेल्ट न लगाने के उल्लंघन पर चालान किये गये।
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आरटीए द्वारा चालान किये गये आंकड़े-
माह बस ऑटो ट्रक ट्रैक्टर-ट्राली जमा राशि
जून 01 01 236 01 45 लाख 34 हजार 700
जुलाई 01 03 189 14 47 लाख 67 हजार 200
अगस्त 06 05 168 - 37 लाख 40 हजार
सितंबर 06 03 172 08 41 लाख 69 हजार
अक्टूबर 06 04 149 32 44 लाख 8 हजार 450
नवंबर 05 03 4ि2 08 40 लाख 74 हजार 300
वर्जन
नियमों की उल्लंघन करने वालों के चालान किये जा रहे हैं। चालान करने के बाद भी वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। हर महीने चालान से लाखों रुपये का राजस्व जमा हो रहा है। लोगों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
-योगेश कुमार, आरटीए सेक्रेटरी करनाल।
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इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू हो (फोटो-20)
स्मार्ट सिटी के लोगों को हर प्रकार की सुविधा चाहिए। प्रशासन को लोगों तक पैन सिटी योजना के तहत शहर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना चाहिए। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में परिवर्तन होगा। इसके अलावा नगर निगम और पुलिस की सख्ती से ही नियमों की पालना हो सकती है। सबसे जरूरी है कि पार्किंग की व्यवस्था हो, तभी जाम से मुक्ति मिलेगी।
देवेंद्र सचदेवा, समाजसेवी।
वर्जन (फोटो-19)
शहर के लिए जाम और ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या है। हम स्मार्ट तभी होंगे, जब जाम से मुक्ति होगी और शहर में ट्रैफिक बेहतर होगा। फिलहाल स्थिति खराब है। केवल सड़कें बनने से स्मार्ट नहीं होगा, जरूरत है लोगों में ट्रैफिक के प्रति जागरूकता पैदा करने की और उन्हें अपने कर्तव्य को याद दिलाने की। शहर में सिटी बस शुरू होगी, इससे काफी हद तक ट्रैफिक कंट्रोल होगा।
एमएस बाठ, शिक्षाविद।
वर्जन (फोटो-18)
ट्रैफिक नियमों की पालना के लिए सख्ती के साथ लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। लोगों की सेफ्टी के लिए यह किया जा रहा है। नियमों की उल्लंघन करने वालों को सख्ती से निपटा जाएगा। ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए बेहतर पुलिस कर्मचारियों को लगाया जा रहा है। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में जाकर लोगों को ट्रैफिक के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-पंकज नैन, एसपी करनाल।
वर्जन (फोटो-17)
जाम और अव्यवस्थित ट्रैफिक शहर के लिए बड़ी समस्या है। लोगों ने इसे प्रमुख समस्या बताया है। स्मार्ट सिटी के तहत हम सिटी बस शुरू करेंगे, इससे काफी हद तक ट्रैफिक कंट्रोल होगा। दूसरा, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत ई परिवहन को बढ़ावा दिया जाएगा। जाम से मुक्ति के लिए शहर के अंदर ही निगम द्वारा पार्किंग स्थान बनाए जाएंगे। पुरानी सब्जी मंडी के स्थान पर पार्किंग प्रस्तावित है। स्मार्ट बनने से पहले हम ट्रैफिक सेंस लाएंगे। इसके तहत लोगों को वर्कशाप के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
सुमेधा कटारिया, आयुक्त, नगर निगम।