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चोपड़ा को आचार संहिता के उल्लंघन का नोटिस
करनाल
Updated Sun, 23 Mar 2014 11:22 PM IST
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आचार संहिता की सीमाएं लांघने के चलते जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी बलराज
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सिंह ने भाजपा प्रत्याशी अश्विनी कुमार चोपड़ा और जिला प्रधान अशोक सुखीजा
को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता के उल्लंघन के लिए क्यों न उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि 24 घंटे में नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो यह समझा जाएगा कि वे इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते और उसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के अनुसार 21 मार्च को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अश्विनी कुमार चोपड़ा ने बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और 30-35 वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला था। वे नमस्ते चौक से घंटाघर चौक और उसके बाद श्री कृष्णा मंदिर सेक्टर-14 में एक जुलूस के रूप में गए थे। पार्टी की ओर से इस जुलूस के लिए अधिकारियों से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
जांच में पाया गया कि पार्टी के उम्मीदवार और पार्टी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इस क्षेत्र में तैनात तहसीलदार हरिओम अत्री ने जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी बलराज सिंह के संज्ञान में उल्लंघन की सूचना दी। इसके चलते पार्टी प्रत्याशी व जिला प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में रिटर्निंग अधिकारी की ओर से दो बिंदुओं में लिखा गया है कि जुलूस की कोई सूचना नहीं दी गई। इसी प्रकार सेक्टर-14 स्थित श्री कृष्ण मंदिर को राजनीतिक व चुनावी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया गया, जिसकी आदर्श आचार संहिता में मनाही है। बता दें कि जब भाजपा प्रत्याशी शनिवार को नामांकन करने पहुंचे थे तो जिला निर्वाचन अधिकारी ने वहां भी उन्हें बैठक या सभा के लिए मंदिर का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी थी। इसके बाद रविवार को नोटिस भी जारी कर दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी बलराज सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत चुनाव आयोग की ओर से लागू आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित बनाने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। पूरे जिले में अधिकारियों के उड़नदस्ते बनाए गए हैं। विभिन्न मार्गाें पर नाके और निगरानी टीमें तैनात की गई हैं, जो चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे है। किसी भी व्यक्ति, पार्टी या उम्मीदवार को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की इजाजत नहीं है।
नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता के उल्लंघन के लिए क्यों न उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि 24 घंटे में नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो यह समझा जाएगा कि वे इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहते और उसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस के अनुसार 21 मार्च को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अश्विनी कुमार चोपड़ा ने बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और 30-35 वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला था। वे नमस्ते चौक से घंटाघर चौक और उसके बाद श्री कृष्णा मंदिर सेक्टर-14 में एक जुलूस के रूप में गए थे। पार्टी की ओर से इस जुलूस के लिए अधिकारियों से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
जांच में पाया गया कि पार्टी के उम्मीदवार और पार्टी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इस क्षेत्र में तैनात तहसीलदार हरिओम अत्री ने जिला निर्वाचन अधिकारी डीसी बलराज सिंह के संज्ञान में उल्लंघन की सूचना दी। इसके चलते पार्टी प्रत्याशी व जिला प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में रिटर्निंग अधिकारी की ओर से दो बिंदुओं में लिखा गया है कि जुलूस की कोई सूचना नहीं दी गई। इसी प्रकार सेक्टर-14 स्थित श्री कृष्ण मंदिर को राजनीतिक व चुनावी उद्देश्य के लिए प्रयोग किया गया, जिसकी आदर्श आचार संहिता में मनाही है। बता दें कि जब भाजपा प्रत्याशी शनिवार को नामांकन करने पहुंचे थे तो जिला निर्वाचन अधिकारी ने वहां भी उन्हें बैठक या सभा के लिए मंदिर का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी थी। इसके बाद रविवार को नोटिस भी जारी कर दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी बलराज सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत चुनाव आयोग की ओर से लागू आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित बनाने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। पूरे जिले में अधिकारियों के उड़नदस्ते बनाए गए हैं। विभिन्न मार्गाें पर नाके और निगरानी टीमें तैनात की गई हैं, जो चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखे है। किसी भी व्यक्ति, पार्टी या उम्मीदवार को आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की इजाजत नहीं है।