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स्कूल वर्दी में बच्चे दौड़े, पेंट-कमीज में ट्रैक पर दिखे पीटीआई, कड़ी धूप में हुए मुकाबले
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55: कर्ण स्टेडियम में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिता की हरि झंड़ी दिखा कर उद्वघाटन कर?
गगन तलवार
करनाल। बिना तैयारी और शेड्यूल के अचानक तीन दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने सोमवार को स्कूली खेल प्रतियोगिताएं शुरू कर दी। ऐसे में खंड स्तरीय प्रतियोगिता के पहले दिन जहां खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं नियमों की भी अनदेखी की गई। कर्ण स्टेडियम में शुरू हुए खेलों के पहले दिन अलग-अलग आयु वर्ग के कई खेल मुकाबले हुए। आनन-फानन हुई प्रतियोगिताओं के कारण दौड़ में ज्यादातर बच्चों ने स्कूल की वर्दी में ही हिस्सा लिया।
यही नहीं जिस पीटीआई की दौड़ के मुकाबले कराने में ड्यूटी लगाई वह भी पेंट-कमीज और फोर्मल जूतों में ट्रैक पर खड़ा दिखाई दिया। कड़ी धूप में हुए विभिन्न खेलों के मुकाबलों के दौरान खिलाड़ी हांफते दिखाई दिए। उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। खिलाड़ियों को चेंजिंग रूम तक की सुविधा नहीं मिली। वे अलग-अलग कोर्ट के पीछे व पेड़ों के नीचे कपड़े बदलते दिखाई दिए। कई खिलाड़ी आयोजकों को कोसते नजर आए।
सूचना के अभाव में नहीं हो पाए 10 से ज्यादा खेल
खंड स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 31 खेल आयोजित होने हैं। सूचना के अभाव में ज्यादातर स्कूलों के खिलाड़ी पहुंचे ही नहीं। ऐसे में 10 से ज्यादा खेलों के मुकाबले नहीं हो पाए। इनमें बॉस्केटबॉल, फुटबॉल, रेस्लिंग, कैरम, शतरंज, योग, फेंसिंग और जिम्नास्टिक व दौड़ आदि शामिल हैं। जबकि शेड्यूल के अनुसार, अंडर-14 और 17 आयु वर्ग के मुकाबले प्रतियोगिता के पहले दिन होने थे।
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बिना इस्तेमाल किए भरा जाएगा कुर्सियों का किराया
प्रतियोगिता के लिए कुर्सियां और मेज भी टेंट से मंगवाए गए थे, लेकिन ये स्टेडियम के द्वार के पास ही पड़े रहे। किसी ने भी इन्हें खेल मुकाबलों के पास नहीं लगवाया। ऐसे में टेंट को पूरा किराया देने के बाद भी इनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। मुकाबले देख रहे दर्शकों और खेल के बाद विश्राम करने वाले खिलाड़ियों को जमीन पर ही बैठना पड़ा।
दीवारों के पीछे बदले कपड़े, पेड़ पर टांगे स्कूल बैग
खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं की गई। जबकि कर्ण स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से फैसिलिटी सेंटर बना है। ऐसे में कई खिलाड़ियों ने दीवारों के पीछे कपड़े बदले। जबकि कई विद्यार्थियों ने स्कूूल की वर्दी में ही मुकाबलों में हिस्सा लिया। बैग रखने की भी व्यवस्था न होने के कारण पेड़ पर बैग टांगे तो किसी ने जमीन पर ही छोड़ दिए। दो दिन बाद लड़कियों को इन हालात में ज्यादा परेशानी होगी।
एक सितंबर से कर्ण स्टेडियम में दूसरे खेल होने हैं, इसलिए हमने जल्द प्रतियोगिता शुरू कराई। पानी की व्यवस्था की गई थी। चेंजिंग रूम का इंतजाम कराया जाएगा। कई पीटीआई के ट्रांसफर ड्राइव में तबादले हो गए हैं। कम स्टाफ में काम चलाया। खिलाड़ी न आने के कारण कई खेल नहीं हो पाए।
- संगीता, एईओ, शिक्षा विभाग
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करनाल। बिना तैयारी और शेड्यूल के अचानक तीन दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने सोमवार को स्कूली खेल प्रतियोगिताएं शुरू कर दी। ऐसे में खंड स्तरीय प्रतियोगिता के पहले दिन जहां खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं नियमों की भी अनदेखी की गई। कर्ण स्टेडियम में शुरू हुए खेलों के पहले दिन अलग-अलग आयु वर्ग के कई खेल मुकाबले हुए। आनन-फानन हुई प्रतियोगिताओं के कारण दौड़ में ज्यादातर बच्चों ने स्कूल की वर्दी में ही हिस्सा लिया।
यही नहीं जिस पीटीआई की दौड़ के मुकाबले कराने में ड्यूटी लगाई वह भी पेंट-कमीज और फोर्मल जूतों में ट्रैक पर खड़ा दिखाई दिया। कड़ी धूप में हुए विभिन्न खेलों के मुकाबलों के दौरान खिलाड़ी हांफते दिखाई दिए। उनके पीने के लिए पानी की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी। खिलाड़ियों को चेंजिंग रूम तक की सुविधा नहीं मिली। वे अलग-अलग कोर्ट के पीछे व पेड़ों के नीचे कपड़े बदलते दिखाई दिए। कई खिलाड़ी आयोजकों को कोसते नजर आए।
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सूचना के अभाव में नहीं हो पाए 10 से ज्यादा खेल
खंड स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 31 खेल आयोजित होने हैं। सूचना के अभाव में ज्यादातर स्कूलों के खिलाड़ी पहुंचे ही नहीं। ऐसे में 10 से ज्यादा खेलों के मुकाबले नहीं हो पाए। इनमें बॉस्केटबॉल, फुटबॉल, रेस्लिंग, कैरम, शतरंज, योग, फेंसिंग और जिम्नास्टिक व दौड़ आदि शामिल हैं। जबकि शेड्यूल के अनुसार, अंडर-14 और 17 आयु वर्ग के मुकाबले प्रतियोगिता के पहले दिन होने थे।
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बिना इस्तेमाल किए भरा जाएगा कुर्सियों का किराया
प्रतियोगिता के लिए कुर्सियां और मेज भी टेंट से मंगवाए गए थे, लेकिन ये स्टेडियम के द्वार के पास ही पड़े रहे। किसी ने भी इन्हें खेल मुकाबलों के पास नहीं लगवाया। ऐसे में टेंट को पूरा किराया देने के बाद भी इनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। मुकाबले देख रहे दर्शकों और खेल के बाद विश्राम करने वाले खिलाड़ियों को जमीन पर ही बैठना पड़ा।
दीवारों के पीछे बदले कपड़े, पेड़ पर टांगे स्कूल बैग
खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था नहीं की गई। जबकि कर्ण स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से फैसिलिटी सेंटर बना है। ऐसे में कई खिलाड़ियों ने दीवारों के पीछे कपड़े बदले। जबकि कई विद्यार्थियों ने स्कूूल की वर्दी में ही मुकाबलों में हिस्सा लिया। बैग रखने की भी व्यवस्था न होने के कारण पेड़ पर बैग टांगे तो किसी ने जमीन पर ही छोड़ दिए। दो दिन बाद लड़कियों को इन हालात में ज्यादा परेशानी होगी।
एक सितंबर से कर्ण स्टेडियम में दूसरे खेल होने हैं, इसलिए हमने जल्द प्रतियोगिता शुरू कराई। पानी की व्यवस्था की गई थी। चेंजिंग रूम का इंतजाम कराया जाएगा। कई पीटीआई के ट्रांसफर ड्राइव में तबादले हो गए हैं। कम स्टाफ में काम चलाया। खिलाड़ी न आने के कारण कई खेल नहीं हो पाए।
- संगीता, एईओ, शिक्षा विभाग