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Karnal News: मुख्यमंत्री ने चखा हलवे और पनीर का स्वाद
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- मुख्यमंत्री बोले- स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बन रहीं लखपति दीदी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला परिषद की ओर से रणधीर लेन में बने प्रदेश के पहले साझा बाजार का शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आमदनी और कामकाज को लेकर बातचीत भी की। साथ ही स्टॉल का निरीक्षण करते हुए हलवे और पनीर का स्वाद भी चखा।
बाजार में महिलाओं ने पहले दिन हस्त निर्मित सूट, घरेलू व सजावटी सामान और खाद्य पदार्थों में कढ़ी चावल, राजमा, गोल गप्पे, पीजा और सेंटविच आदि के स्टॉल लगाए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से पूछा कि एक समूह की मासिक आमदनी कितनी है तो घरौंडा खंड की महिलाओं ने बताया कि उनका 12 महिलाओं का समूह है, हर माह समूह की डेढ़ लाख रुपये तक आमदनी होती है। ऐसे प्रत्येक महिला को 10 से 12 हजार रुपये हर माह बचते हैं।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मासिक आठ हजार रुपये आमदनी से भी समूह की महिलाएं सालाना लाख रुपये से अधिक कमा रही हैं। ऐसे में हमारी परियोजनाएं महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में तैयार कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को गिफ्ट दिया तो उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए उनकी तरफ से आश्रम में भिजवाने के निर्देश दिए।
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चक्र अनुसार हर समूह को मिलेगा स्टॉल
बाजार में 10 केबिन बनाए गए हैं, जिसका प्रत्येक दिन का किराया मात्र सौ रुपये होगा। प्रोजेक्ट की अधिकारी के अनुसार, जिले के सभी स्वयं सहायता समूहों को यहां स्टॉल लगाने का अवसर मिलेगा। इसके लिए रोटेशन बनाई गई है। जिस समूह का माल खत्म होगा, उसके बाद अगले समूह को स्टॉल अलॉट हो जाएगा। जिले में 5298 स्वयं सहायता समूह बन चुके हैं, जिनमें 57175 महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो कि पूरे प्रदेशभर में सर्वाधिक आंकड़ा है। इसी कड़ी में 386 ग्राम संगठन बने हुए हैं और 17 क्लस्टर लेवल फेडरेशन संचालन में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से जिले में इन स्वयं सहायता समूहों को 5.83 करोड़ रुपये और ग्राम संगठनों को 7.57 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला परिषद की ओर से रणधीर लेन में बने प्रदेश के पहले साझा बाजार का शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आमदनी और कामकाज को लेकर बातचीत भी की। साथ ही स्टॉल का निरीक्षण करते हुए हलवे और पनीर का स्वाद भी चखा।
बाजार में महिलाओं ने पहले दिन हस्त निर्मित सूट, घरेलू व सजावटी सामान और खाद्य पदार्थों में कढ़ी चावल, राजमा, गोल गप्पे, पीजा और सेंटविच आदि के स्टॉल लगाए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से पूछा कि एक समूह की मासिक आमदनी कितनी है तो घरौंडा खंड की महिलाओं ने बताया कि उनका 12 महिलाओं का समूह है, हर माह समूह की डेढ़ लाख रुपये तक आमदनी होती है। ऐसे प्रत्येक महिला को 10 से 12 हजार रुपये हर माह बचते हैं।
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इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मासिक आठ हजार रुपये आमदनी से भी समूह की महिलाएं सालाना लाख रुपये से अधिक कमा रही हैं। ऐसे में हमारी परियोजनाएं महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में तैयार कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को गिफ्ट दिया तो उन्होंने इसे स्वीकार करते हुए उनकी तरफ से आश्रम में भिजवाने के निर्देश दिए।
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चक्र अनुसार हर समूह को मिलेगा स्टॉल
बाजार में 10 केबिन बनाए गए हैं, जिसका प्रत्येक दिन का किराया मात्र सौ रुपये होगा। प्रोजेक्ट की अधिकारी के अनुसार, जिले के सभी स्वयं सहायता समूहों को यहां स्टॉल लगाने का अवसर मिलेगा। इसके लिए रोटेशन बनाई गई है। जिस समूह का माल खत्म होगा, उसके बाद अगले समूह को स्टॉल अलॉट हो जाएगा। जिले में 5298 स्वयं सहायता समूह बन चुके हैं, जिनमें 57175 महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो कि पूरे प्रदेशभर में सर्वाधिक आंकड़ा है। इसी कड़ी में 386 ग्राम संगठन बने हुए हैं और 17 क्लस्टर लेवल फेडरेशन संचालन में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से जिले में इन स्वयं सहायता समूहों को 5.83 करोड़ रुपये और ग्राम संगठनों को 7.57 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।