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सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। नौकरी लगवाने के नाम पर 30 हजार रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। वार्ड दो पुरानी अनाज मंडी निवासी ओमप्रकाश ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। इंद्री थाना पुलिस ने आरोपी उत्तर प्रदेश के शामली के दयानगर निवासी सचिन वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत बुधवार को मामला दर्ज कर लिया।
ओमप्रकाश के अनुसार उसकी कस्बे में पटवारखाना के समीप ट्रक-पेटी बनाने की दुकान है। उसका बेटा डिंपल भी उसके साथ काम करता है। उनका छोटा बेटा बलवान एमबीए और बेरोजगार है। उनका दिल्ली निवासी महक सिंह के पास आना-जाना था। वर्ष 2018 में उनकी महक सिंह से मुलाकात हुई थी और उन्हीं के पास आरोपी सचिन वर्मा आता-जाता रहता था।
सचिन वर्मा बताता था कि उसकी विदेश मंत्रालय व विकास मंत्रालय दिल्ली में जान-पहचान है। उसने आश्वासन दिया कि वह बलवान सिंह को इन दोनों मंत्रालयों में से किसी में भी नौकरी लगवा सकता है। वे कई बार वर्मा के घर शामली भी गए। आरोपी ने नौकरी लगवाने की एवज में छह लाख रुपये मांगे। 30 सितंबर 2018 को अचानक बिना उन्हें सूचित किए सचिन वर्मा उनके घर इंद्री आ पहुंचा और कोई मजबूरी बताकर एक लाख रुपये मांगे। तब उन्होंने विश्वास करके 70 हजार रुपये उसे दे दिए। उस लेनदेन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली थी। जाते समय वह उनके बेटे के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की प्रतियां और फोटो भी ले गया।
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उसके बाद वे इंतजार करते रहे, लेकिन वर्मा ने उनके बेटे को नौकरी के लिए नहीं बुलाया। उसके बाद वे उसके घर पहुंचे तो आरोपी ने नौकरी लगवाने में असमर्थता जाहिर कर दी और 30 हजार रुपये लौटा दिए। शेष 40 हजार रुपये भी लौटाने का आश्वासन दिया। 15 दिसंबर 2018 को उसने 10 हजार रुपये और लौटा दिए। बाकी 30 हजार रुपये नहीं दिए। अब उसने अपना फोन बंद कर लिया। जांच अधिकारी कृष्णलाल के अनुसार मामले की जांच की गई है।
कांस्टेबल लगवाने के बहाने 50 हजार की धोखाधड़ी
करनाल। संगोही गांव निवासी कुलदीप की कांस्टेबल की नौकरी लगवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपी ने उसकी नौकरी नहीं लगवाई और न ही रुपये वापस दे रहा है। कुलदीप ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को दी। उसके बाद बुधवार को थाना सदर में आरोपी हकीकत नगर निवासी सोमबीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
कुलदीप के अनुसार वह गरीब परिवार से संबंध रखता है और 12वीं कक्षा का विद्यार्थी है। सोमबीर ने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और 13 दिसंबर 2021 को फोन-पे के जरिए उससे 50 हजार रुपये अपने खाते में डलवाए। आश्वासन दिया कि जल्द काम हो जाएगा लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। जब अपने रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी देने लगा। थाना सदर पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर जांच का जिम्मा रंबा पुलिस चौकी प्रभारी को सौंप दिया है। संवाद
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इंद्री। नौकरी लगवाने के नाम पर 30 हजार रुपये हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। वार्ड दो पुरानी अनाज मंडी निवासी ओमप्रकाश ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। इंद्री थाना पुलिस ने आरोपी उत्तर प्रदेश के शामली के दयानगर निवासी सचिन वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत बुधवार को मामला दर्ज कर लिया।
ओमप्रकाश के अनुसार उसकी कस्बे में पटवारखाना के समीप ट्रक-पेटी बनाने की दुकान है। उसका बेटा डिंपल भी उसके साथ काम करता है। उनका छोटा बेटा बलवान एमबीए और बेरोजगार है। उनका दिल्ली निवासी महक सिंह के पास आना-जाना था। वर्ष 2018 में उनकी महक सिंह से मुलाकात हुई थी और उन्हीं के पास आरोपी सचिन वर्मा आता-जाता रहता था।
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सचिन वर्मा बताता था कि उसकी विदेश मंत्रालय व विकास मंत्रालय दिल्ली में जान-पहचान है। उसने आश्वासन दिया कि वह बलवान सिंह को इन दोनों मंत्रालयों में से किसी में भी नौकरी लगवा सकता है। वे कई बार वर्मा के घर शामली भी गए। आरोपी ने नौकरी लगवाने की एवज में छह लाख रुपये मांगे। 30 सितंबर 2018 को अचानक बिना उन्हें सूचित किए सचिन वर्मा उनके घर इंद्री आ पहुंचा और कोई मजबूरी बताकर एक लाख रुपये मांगे। तब उन्होंने विश्वास करके 70 हजार रुपये उसे दे दिए। उस लेनदेन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली थी। जाते समय वह उनके बेटे के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की प्रतियां और फोटो भी ले गया।
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उसके बाद वे इंतजार करते रहे, लेकिन वर्मा ने उनके बेटे को नौकरी के लिए नहीं बुलाया। उसके बाद वे उसके घर पहुंचे तो आरोपी ने नौकरी लगवाने में असमर्थता जाहिर कर दी और 30 हजार रुपये लौटा दिए। शेष 40 हजार रुपये भी लौटाने का आश्वासन दिया। 15 दिसंबर 2018 को उसने 10 हजार रुपये और लौटा दिए। बाकी 30 हजार रुपये नहीं दिए। अब उसने अपना फोन बंद कर लिया। जांच अधिकारी कृष्णलाल के अनुसार मामले की जांच की गई है।
कांस्टेबल लगवाने के बहाने 50 हजार की धोखाधड़ी
करनाल। संगोही गांव निवासी कुलदीप की कांस्टेबल की नौकरी लगवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। आरोपी ने उसकी नौकरी नहीं लगवाई और न ही रुपये वापस दे रहा है। कुलदीप ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया को दी। उसके बाद बुधवार को थाना सदर में आरोपी हकीकत नगर निवासी सोमबीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
कुलदीप के अनुसार वह गरीब परिवार से संबंध रखता है और 12वीं कक्षा का विद्यार्थी है। सोमबीर ने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और 13 दिसंबर 2021 को फोन-पे के जरिए उससे 50 हजार रुपये अपने खाते में डलवाए। आश्वासन दिया कि जल्द काम हो जाएगा लेकिन नौकरी नहीं लगवाई। जब अपने रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी देने लगा। थाना सदर पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर जांच का जिम्मा रंबा पुलिस चौकी प्रभारी को सौंप दिया है। संवाद