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Karnal News: सूझबूझ से साइबर ठगी से बच गए रथ-बग्गी चालक रामपत
Sat, 13 Sep 2025 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:09 AM IST
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घरौंडा। सूझबूझ से गांव पनौडी के रथ-बग्गी चालक प्रदीप व उनके पिता रामपत साइबर ठगी का शिकार होने से बच गए। शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे प्रदीप को एक नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने एक फौजी की रिटायरमेंट समारोह में उनकी रथ-बग्गी की मांग की। बातचीत के बाद पांच हजार रुपये में बग्गी को बुक कर लिया गया।
शुक्रवार को दोपहर एक बजे रामपत बग्गी लेकर नगर पालिका के सामने पहुंच गए। कॉल करने पर व्यक्ति ने ऑनलाइन पेमेंट का प्रस्ताव रखा। उन्होंने खाते का बैलेंस पूछते हुए स्कैनर भेजा और उसमें पैसे डालने को कहा। प्रदीप ने तुरंत शक महसूस किया और लेन-देन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने कई बार कॉल करके मनाने का प्रयास किया, परंतु जब पैसे नहीं डाले गए तो उन्होंने संपर्क करना बंद कर दिया। प्रदीप ने बताया कि यदि वे सतर्क नहीं रहते, तो उनके बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली जाती। उन्होंने समय रहते होशियारी दिखाकर खुद को व अपने परिवार को आर्थिक नुकसान से बचाया।
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शुक्रवार को दोपहर एक बजे रामपत बग्गी लेकर नगर पालिका के सामने पहुंच गए। कॉल करने पर व्यक्ति ने ऑनलाइन पेमेंट का प्रस्ताव रखा। उन्होंने खाते का बैलेंस पूछते हुए स्कैनर भेजा और उसमें पैसे डालने को कहा। प्रदीप ने तुरंत शक महसूस किया और लेन-देन करने से इनकार कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने कई बार कॉल करके मनाने का प्रयास किया, परंतु जब पैसे नहीं डाले गए तो उन्होंने संपर्क करना बंद कर दिया। प्रदीप ने बताया कि यदि वे सतर्क नहीं रहते, तो उनके बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली जाती। उन्होंने समय रहते होशियारी दिखाकर खुद को व अपने परिवार को आर्थिक नुकसान से बचाया।
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