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बैंकों से कैश खत्म, सड़कों तक लगी कतारें
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sat, 12 Nov 2016 01:07 AM IST
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पैसे जमा कराने के लिए लगी लोगों की भीड़
- फोटो : amar ujala
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नई करेंसी लेने और पुराने नोट जमा कराने के लिए दूसरे दिन भी जिलेभर के बैंकों में भीड़ उमड़ी। बैंक खुलने से पहले ही ग्राहक पहुंच गए। वहीं, शुक्रवार को शहर के आधे से ज्यादा एटीएम बंद रहे। हालांकि, सुबह जरूर एटीएम खुले, लेकिन पैसे जल्द ही खत्म हो गए और गार्डों ने उनके शटर डाउन कर दिए। शुक्रवार को जिलेभर में कुल 350 करोड़ रुपये बैंकों में जमा हुए हैं, वहीं ग्राहकों को करीब 20 करोड़ रुपये दिए गए। इनमें से करीब चार से पांच करोड़ रुपये नई करेंसी शामिल है। जिस प्रकार से लोग बैंकों में उमड़ रहे हैं, उससे साफ है कि बैंकों के पास ग्राहकों को देने के लिए कैश कम है। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी सप्ताह तक सभी बैंकों में अच्छी मात्रा में नई करेंसी आज जाएगी और इसके बाद ग्राहकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शुक्रवार को जिलेभर के बैंकों के एटीएम खुलने की बारी थी, लेकिन एटीएम के शटर डाउन दिखे, हालांकि बैंक जरूर खुले। दूसरे दिन भी लोगों ने खूब पैसे जमा कराए और खर्च के लिए नई करेंसी भी ली। सुबह से ही बैंकों के बाहर ग्राहकों की भीड़ रही, उधर सभी बैंकों में पुलिस तैनात रही। हालांकि, दूसरे दिन ग्राहकों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। वहीं, लोग पैसे निकलवाने के लिए शहर में स्थित एटीएम के चक्कर लगाते रहे। शहर के ज्यादातर एटीएम बंद रहे, इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बस स्टैंड स्थित पीएनबी, यूको, यूनियन, वहीं मुगल कैनाल स्थित एचडीएफसी, पीएनबी के एटीएम बंद रहे। शहर के अन्य इलाकों में भी यही स्थिति रही। लीड बैंक मैनेजर राजेंद्र मल्होत्रा के अनुसार शुक्रवार को जिलेभर की करीब 350 बैंक शाखाओं में 350 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वहीं, ग्राहकों को बदले में करीब 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इनमें पांच करोड़ रुपये नई करेंसी के हैं। उनका कहना है कि इसके अलावा दो से तीन निजी बैंकों से बड़े नोटों की मात्रा चार से पांच करोड़ रुपये रही। एलडीएम का कहना है कि वैसे आज स्थिति सामान्य हो जानी थी, लेकिन अभी बैंकों के पास कैश कम है, इसलिए परेशानी आ रही है। आगामी कुछ दिनों में समस्या दूर हो जाएगी और नई करेंसी आ जाएगी। एटीएम नहीं खुलने का कारण भी उन्होंने यही बताया कि कैश नहीं होने के कारण ज्यादातर एटीएम मशीनें बंद रही।
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जो एटीएम चले, वहां लगी लाइनें
हालांकि करनाल में कुछेक एटीएम चलते नजर आए, लेकिन वहां भी लंबी लाइनें लगी हुई थी। दूसरे दिन भी आम लोगों को कोई राहत मिलती नजर नहीं आई। हालांकि, पैसे खत्म होने पर कुछ ग्राहकों को नाराजगी ही हाथ लगी। माल रोड पर एक्सिस बैंक का एटीएम बंद पड़ा मिला। इसके अलावा अंबेडकर चौक पर स्टेट बैंक का एटीएम तो खुला हुआ था, लेकिन मशीन में पैसे नहीं थे। साथ लगते एटीएम भी बंद पड़े थे। यस बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम खुला हुआ था, जबकि बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम पर भी ताले लटके पड़े मिले। पंजाब नैशनल बैंक के अधिकांश एटीएम खराब नजर आए। केवल कुछ एटीएम ही काम कर रहे थे। जहां लोगों की लंबी कतारें लगी थी। कुंजपुरा रोड पर पीएनबी का एटीएम चला, इसलिए यहां पर भारी भीड़ रही। इसके अलावा, डाकघर में कोई खास भीड़ दिखाई नहीं दी। यहां पर सामान्य दिनों की तरह ही काम हुआ। बैंकों में जरूर लोगों को कई कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
बाजार अब भी वीरान
दो दिन बैंक खुलने और पैसे मिलने के बाद भी बाजार लगातार वीरान है। यहां पहले के मुकाबले ग्राहकों की संख्या कम है। जो आ रहे हैं, पुराने नोट लेकर आने के कारण वे खरीदारी नहीं करा पा रहे हैं। पिछले दो दिनों में जिस तरह से बाजारों में मंदा छाया है उससे दुकानदार भी दहशत में हैं। खासतौर पर ओल्ड जीटी रोड स्थित दुकानों में सेल को लेकर हड़कंप मचा है। ऑनलाइन सेल भी डाउन हो गई है। बड़े-बड़े शोरूम खाली पड़े हैं। केवल उधार वाले ग्राहक दुकान पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन नकदी खरीदने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। करियाणा, सब्जी, मेडिकल स्टोर, रेहड़ी संचालकों पर उपभोक्ताओं की दस्तक हुई है।
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लक्की नंबर के नोट भी कराए जमा
786 नंबर लक्की माना जाता है और वही नंबर यदि भारतीय मुद्रा पर आ जाए तो वह और भी लक्की हो जाता है। करनाल का ये शख्स पिछले 12 सालों से 786 नंबर वाले नोट इकट्ठा कर रहा है। वजीरचंद कॉलोनी के रहने वाले युवक विष्णु ने पिछले 12 सालों में 61 नोट 500-500 के तथा 12 नोट एक-एक हजार के इकट्ठा किए हैं। पिछले 12 सालों से 786 नंबर वाले नोटों को इकट्ठा करने का जुनून भले ही उसने दिखाया हो, लेकिन आज उसे बैंक में लौटाते हुए उसे बड़ा दुख महसूस हुआ। इसी प्रकार सेक्टर 12 निवासी उज्जवल सिंह ने लक्की नंबर के नोट एकत्रित किए थे, लेकिन मजबूरी में जमा कराने पड़े।
निगम में जमा हुए एक लाख, 31 हजार
करनाल। सामान्य करंसी नोटों व चेक के साथ-साथ 500 व 1000 के पुराने नोटों को देकर नगर निगम में प्रोपर्टी टैक्स भरने के लिए केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के तहत शुक्रवार को पैसे जमा किए गए। नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि आज शाम तक निगम के विभिन्न काउंटरों पर कुल एक लाख 31 हजार 905 रुपये की राशि जमा हुई। इसमें 76 हजार 694 रुपये की राशि प्रॉपर्टी टैक्स के रूप आई, जबकि शेष राशि म्यूनिसिपल लैंड की ई.एम.आई., दुकानों का किराया, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शुल्क तथा वाहन टैक्स के रूप में जमा करवाई गई।
नकदी निकालने की लिमिट बढ़ाने की मांग
करनाल। हरियाणा चैंबर आफ कामर्स के प्रांतीय उपाध्यक्ष अमित गुप्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से बैंकों से नकदी निकालने की लिमिट बढ़ाने की मांग की हैं। उन्होंने बताया कि प्रति माह की सात तारीख को कर्मचारियों तथा श्रमिकों को वेतन बांटना पड़ता है। दिन प्रति दिन उद्योगों में माल को भेजने तथा मंगाने के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए नकदी की जरूरत पड़ती है। इसलिए इस समय उद्योगपतियों तथा व्यापारियों को नकदी निकालने की सीमा को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रति सप्ताह बीस हजार रुपये से अधिक करना चाहिए। जिससे उद्योगपति अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा कर सके।
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शुक्रवार को जिलेभर के बैंकों के एटीएम खुलने की बारी थी, लेकिन एटीएम के शटर डाउन दिखे, हालांकि बैंक जरूर खुले। दूसरे दिन भी लोगों ने खूब पैसे जमा कराए और खर्च के लिए नई करेंसी भी ली। सुबह से ही बैंकों के बाहर ग्राहकों की भीड़ रही, उधर सभी बैंकों में पुलिस तैनात रही। हालांकि, दूसरे दिन ग्राहकों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। वहीं, लोग पैसे निकलवाने के लिए शहर में स्थित एटीएम के चक्कर लगाते रहे। शहर के ज्यादातर एटीएम बंद रहे, इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बस स्टैंड स्थित पीएनबी, यूको, यूनियन, वहीं मुगल कैनाल स्थित एचडीएफसी, पीएनबी के एटीएम बंद रहे। शहर के अन्य इलाकों में भी यही स्थिति रही। लीड बैंक मैनेजर राजेंद्र मल्होत्रा के अनुसार शुक्रवार को जिलेभर की करीब 350 बैंक शाखाओं में 350 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वहीं, ग्राहकों को बदले में करीब 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इनमें पांच करोड़ रुपये नई करेंसी के हैं। उनका कहना है कि इसके अलावा दो से तीन निजी बैंकों से बड़े नोटों की मात्रा चार से पांच करोड़ रुपये रही। एलडीएम का कहना है कि वैसे आज स्थिति सामान्य हो जानी थी, लेकिन अभी बैंकों के पास कैश कम है, इसलिए परेशानी आ रही है। आगामी कुछ दिनों में समस्या दूर हो जाएगी और नई करेंसी आ जाएगी। एटीएम नहीं खुलने का कारण भी उन्होंने यही बताया कि कैश नहीं होने के कारण ज्यादातर एटीएम मशीनें बंद रही।
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जो एटीएम चले, वहां लगी लाइनें
हालांकि करनाल में कुछेक एटीएम चलते नजर आए, लेकिन वहां भी लंबी लाइनें लगी हुई थी। दूसरे दिन भी आम लोगों को कोई राहत मिलती नजर नहीं आई। हालांकि, पैसे खत्म होने पर कुछ ग्राहकों को नाराजगी ही हाथ लगी। माल रोड पर एक्सिस बैंक का एटीएम बंद पड़ा मिला। इसके अलावा अंबेडकर चौक पर स्टेट बैंक का एटीएम तो खुला हुआ था, लेकिन मशीन में पैसे नहीं थे। साथ लगते एटीएम भी बंद पड़े थे। यस बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम खुला हुआ था, जबकि बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम पर भी ताले लटके पड़े मिले। पंजाब नैशनल बैंक के अधिकांश एटीएम खराब नजर आए। केवल कुछ एटीएम ही काम कर रहे थे। जहां लोगों की लंबी कतारें लगी थी। कुंजपुरा रोड पर पीएनबी का एटीएम चला, इसलिए यहां पर भारी भीड़ रही। इसके अलावा, डाकघर में कोई खास भीड़ दिखाई नहीं दी। यहां पर सामान्य दिनों की तरह ही काम हुआ। बैंकों में जरूर लोगों को कई कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
बाजार अब भी वीरान
दो दिन बैंक खुलने और पैसे मिलने के बाद भी बाजार लगातार वीरान है। यहां पहले के मुकाबले ग्राहकों की संख्या कम है। जो आ रहे हैं, पुराने नोट लेकर आने के कारण वे खरीदारी नहीं करा पा रहे हैं। पिछले दो दिनों में जिस तरह से बाजारों में मंदा छाया है उससे दुकानदार भी दहशत में हैं। खासतौर पर ओल्ड जीटी रोड स्थित दुकानों में सेल को लेकर हड़कंप मचा है। ऑनलाइन सेल भी डाउन हो गई है। बड़े-बड़े शोरूम खाली पड़े हैं। केवल उधार वाले ग्राहक दुकान पर दस्तक दे रहे हैं, लेकिन नकदी खरीदने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। करियाणा, सब्जी, मेडिकल स्टोर, रेहड़ी संचालकों पर उपभोक्ताओं की दस्तक हुई है।
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लक्की नंबर के नोट भी कराए जमा
786 नंबर लक्की माना जाता है और वही नंबर यदि भारतीय मुद्रा पर आ जाए तो वह और भी लक्की हो जाता है। करनाल का ये शख्स पिछले 12 सालों से 786 नंबर वाले नोट इकट्ठा कर रहा है। वजीरचंद कॉलोनी के रहने वाले युवक विष्णु ने पिछले 12 सालों में 61 नोट 500-500 के तथा 12 नोट एक-एक हजार के इकट्ठा किए हैं। पिछले 12 सालों से 786 नंबर वाले नोटों को इकट्ठा करने का जुनून भले ही उसने दिखाया हो, लेकिन आज उसे बैंक में लौटाते हुए उसे बड़ा दुख महसूस हुआ। इसी प्रकार सेक्टर 12 निवासी उज्जवल सिंह ने लक्की नंबर के नोट एकत्रित किए थे, लेकिन मजबूरी में जमा कराने पड़े।
निगम में जमा हुए एक लाख, 31 हजार
करनाल। सामान्य करंसी नोटों व चेक के साथ-साथ 500 व 1000 के पुराने नोटों को देकर नगर निगम में प्रोपर्टी टैक्स भरने के लिए केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के तहत शुक्रवार को पैसे जमा किए गए। नगर निगम के आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि आज शाम तक निगम के विभिन्न काउंटरों पर कुल एक लाख 31 हजार 905 रुपये की राशि जमा हुई। इसमें 76 हजार 694 रुपये की राशि प्रॉपर्टी टैक्स के रूप आई, जबकि शेष राशि म्यूनिसिपल लैंड की ई.एम.आई., दुकानों का किराया, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए शुल्क तथा वाहन टैक्स के रूप में जमा करवाई गई।
नकदी निकालने की लिमिट बढ़ाने की मांग
करनाल। हरियाणा चैंबर आफ कामर्स के प्रांतीय उपाध्यक्ष अमित गुप्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से बैंकों से नकदी निकालने की लिमिट बढ़ाने की मांग की हैं। उन्होंने बताया कि प्रति माह की सात तारीख को कर्मचारियों तथा श्रमिकों को वेतन बांटना पड़ता है। दिन प्रति दिन उद्योगों में माल को भेजने तथा मंगाने के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए नकदी की जरूरत पड़ती है। इसलिए इस समय उद्योगपतियों तथा व्यापारियों को नकदी निकालने की सीमा को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रति सप्ताह बीस हजार रुपये से अधिक करना चाहिए। जिससे उद्योगपति अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा कर सके।