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करनाल में इमारत गिरने का मामला: 30 साल पुरानी जर्जर दीवार, कमजोर नींव पर नौ साल पहले खड़ी कर दींं दो मंजिलें

Thu, 20 Apr 2023 10:49 AM IST
नवीन दलाल संजू कुमार, करनाल (हरियाणा)
संजू कुमार, करनाल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 20 Apr 2023 10:49 AM IST
सार

पुरानी इमारत में कोई पिलर स्ट्रक्चर नहीं होने के कारण उसके ऊपर बनाई गई मंजिलों को भी पिलर का सपोर्ट नहीं मिला। जर्जर दीवारों के सहारे ही लेंटर डाला गया और श्रमिकों के रहने के लिए कमरे बना दिए गए। पहले ही जर्जर इमारत अपने ऊपर बढ़ा बोझ नहीं सह सकीं और ढह गई।

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Case of building collapse in Karnal: 30 years old dilapidated wall
करनाल में गिरी इमारत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करनाल के तरावड़ी स्थित शिव शक्ति राइस मिल की इमारत गिरने के मामले में मालिकों की ओर श्रमिकों के लिए बनाई जर्जर इमारत पर ध्यान नहीं दिए जाने की बात ही सामने आ रही है। राइस मिल मालिक ने इस जर्जर दीवार पर ही दो मंजिलें और खड़ी कर दीं, जबकि पुरानी इमारत को तोड़कर पिलर पर स्ट्रक्चर बनाया जाना चाहिए था। इमारत नियमों के मुताबिक बनी या नहीं, अब इसकी जांच उपायुक्त की ओर से गठित कमेटी कर रही है। इसकी रिपोर्ट अगले दो दिन में आने की उम्मीद जताई जा रही है, इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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मरम्मत के नाम पर पुराना उखाड़कर नया प्लास्टर कराने का चल रहा था काम
श्रमिकों के मुताबिक राइस मिल परिसर में श्रमिकों के रहने के लिए पहले सिर्फ एक मंजिल थी। करीब नौ वर्ष पहले करीब 30 वर्ष पुरानी जर्जर इमारत की नौ इंच चौड़ी दीवार पर 10-10 फुट की दो मंजिलें और खड़ी कर दी गईं। इससे जर्जर दीवार पर इमारत की कुल ऊंचाई करीब 30 फुट हो गई। जर्जर दीवारों के सहारे ही लेंटर डाले गए।
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खाली प्लाॅट में पानी भरने से नींव में आ गई थी सीलन
पुरानी इमारत में कोई पिलर स्ट्रक्चर नहीं होने के कारण उसके ऊपर बनाई गई मंजिलों को भी पिलर का सपोर्ट नहीं मिला। जर्जर दीवारों के सहारे ही लेंटर डाला गया और श्रमिकों के रहने के लिए कमरे बना दिए गए। पहले ही जर्जर इमारत अपने ऊपर बढ़ा बोझ नहीं सह सकीं और ढह गई। नतीजा चार श्रमिकों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए।

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इमारत में बने 21 बड़े हॉल में रह रहे थे 250 श्रमिक

इमारत में बनाए गए 21 बड़े हॉल में करीब 250 श्रमिक रह रहे थे जबकि इनकी क्षमता करीब 125 श्रमिकों की थी। इमारत पर दो गुना बोझ पड़ रहा था।

खाली प्लॉट में पानी भरने और प्लास्टर उखाड़ने से कमजोर हुई इमारत
इमारत से लगते खाली प्लाॅट में पानी भरा रहने से दलदल बन गया है। इससे इमारत की दीवारें और कमजोर हो गई थीं। एक सप्ताह से मरम्मत के लिए दीवारों का प्लास्टर हटाया जा रहा था। पुराना उखाड़कर नया प्लास्टर करने का काम चल रहा था, जिसकी वजह से दीवार और भी कमजोर हो गई।

जांच अधिकारी के अनुसार
मौके की जांच कर तथ्यों को शामिल किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से बनाई गई कमेटी जांच कर रही है। जिसकी रिपोर्ट तीन दिन में आने की उम्मीद है। पुलिस की जांच भी दो दिन में पूरी कर ली जाएगी। घायलाें के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, तफ्तीश जारी है। - संदीप कुमार, एसएचओ, तरावड़ी थाना।

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