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Karnal News: पांच लाख रुपये गबन में पूर्व सरपंच पर केस
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- एलईडी लाइटें कम लगाकर रिकाॅर्ड में ज्यादा दिखाने का आरोप
- सीएम विंडो पर शिकायत के बाद की गइ जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। ग्राम पंचायत सीकरी की पूर्व सरपंच के खिलाफ बीडीपीओ ने अपने कार्यकाल के दौरान पांच लाख रुपये का गबन करने का मामला दर्ज करवाया है। दूसरी ओर सरपंच प्रतिनिधि बलबीर सिंह ने पत्नी पर लगाए गए गबन के आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस ने बीडीपीओ की शिकायत के आधार पर पूर्व सरपंच सुनीता देवी के खिलाफ मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि 20 अप्रैल 2023 में गांव के ही एक ग्रामीण सतबीर सिंह ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें पूर्व सरपंच सुनीता देवी पर सरपंच के पद पर रहते हुए पंचायती राशि में गबन करने का आरोप लगाया। सीएम विंडो में शिकायत होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नीलोखेड़ी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए गए। उनकी टीम की जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच ने अपने कार्यकाल के दौरान सौर ऊर्जा के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है।
रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि गांव में सौर लाइटें कम लगवाई गई हैं। सरपंच ने गांव के लिए 85 लाइटों की खरीद दिखाई है, लेकिन गांव में 68 लाइटें ही लगी पाई गई। जिसमें 17 लाइटें कम मिली हैं। बता दें कि एक लाइट की कीमत 13,500 रुपये है यानी 17 लाइटों के दो लाख 29 हजार 500 रुपये रिकवरी बनती है। इसके बाद ट्यूबवेल ऑपरेटर का मानदेय ऑपरेटर को न देकर अन्य को दिया पाया गया। जिसमें 14,400 रुपये रिकवरी बनती है। इसके बाद डोजर मशीन की खरीदारी में भी घोटाला सामने आया है।
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पंचायत में दिखाया गया कि उनके पास दो डोजर मशीनें है, लेकिन मौके पर एक ही डोजर मशीन मिली। इसमें 15 हजार रुपये की रिकवरी बनती है। इसके अलावा फर्जी मजदूरी दिखाकर कई लोगों को अलग-अलग तारीखों में पेमेंट दी गई है। इसमें पूर्व सरपंच पर 42 हजार 910 रुपये की रिकवरी बनती है। वहीं दो नाम के एक व्यक्ति को दो व्यक्ति दर्शाकर लीकेज की मजदूरी दी गई। जिसमें पूर्व सरपंच ने एक लाख 61 हजार 600 रुपये अदा किए हुए दिखाए गए हैं, लेकिन उक्त व्यक्ति ने शपथ पत्र में कहा है कि वह एक ही व्यक्ति है। ऐसे में पूर्व सरपंच पर अपने कार्यकाल में पांच लाख छह हजार 10 रुपये का गबन करने का आरोप है। पुलिस ने बीडीपीओ नरेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो बार की जांच में निकल चुकी निर्दोश : सरपंच प्रतिनिधि
ग्राम पंचायत सीकरी की पूर्व सरपंच सुनीता देवी के प्रतिनिधि बलबीर सिंह ने बीडीपीओ द्वारा दर्ज केस में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनकी दो बार बीपीडीओ व अन्य अधिकारियों की ओर से जांच की जा चुकी है। दोनों बार की जांच में वे निर्दोष पाएं गए हैं। उनकी शिकायत आपसी रंजिश के कारण बार-बार उक्त ग्रामीण करता रहता है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
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- सीएम विंडो पर शिकायत के बाद की गइ जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी। ग्राम पंचायत सीकरी की पूर्व सरपंच के खिलाफ बीडीपीओ ने अपने कार्यकाल के दौरान पांच लाख रुपये का गबन करने का मामला दर्ज करवाया है। दूसरी ओर सरपंच प्रतिनिधि बलबीर सिंह ने पत्नी पर लगाए गए गबन के आरोपों को निराधार बताया है। पुलिस ने बीडीपीओ की शिकायत के आधार पर पूर्व सरपंच सुनीता देवी के खिलाफ मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि 20 अप्रैल 2023 में गांव के ही एक ग्रामीण सतबीर सिंह ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें पूर्व सरपंच सुनीता देवी पर सरपंच के पद पर रहते हुए पंचायती राशि में गबन करने का आरोप लगाया। सीएम विंडो में शिकायत होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से नीलोखेड़ी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह को जांच के निर्देश दिए गए। उनकी टीम की जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच ने अपने कार्यकाल के दौरान सौर ऊर्जा के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है।
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रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि गांव में सौर लाइटें कम लगवाई गई हैं। सरपंच ने गांव के लिए 85 लाइटों की खरीद दिखाई है, लेकिन गांव में 68 लाइटें ही लगी पाई गई। जिसमें 17 लाइटें कम मिली हैं। बता दें कि एक लाइट की कीमत 13,500 रुपये है यानी 17 लाइटों के दो लाख 29 हजार 500 रुपये रिकवरी बनती है। इसके बाद ट्यूबवेल ऑपरेटर का मानदेय ऑपरेटर को न देकर अन्य को दिया पाया गया। जिसमें 14,400 रुपये रिकवरी बनती है। इसके बाद डोजर मशीन की खरीदारी में भी घोटाला सामने आया है।
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पंचायत में दिखाया गया कि उनके पास दो डोजर मशीनें है, लेकिन मौके पर एक ही डोजर मशीन मिली। इसमें 15 हजार रुपये की रिकवरी बनती है। इसके अलावा फर्जी मजदूरी दिखाकर कई लोगों को अलग-अलग तारीखों में पेमेंट दी गई है। इसमें पूर्व सरपंच पर 42 हजार 910 रुपये की रिकवरी बनती है। वहीं दो नाम के एक व्यक्ति को दो व्यक्ति दर्शाकर लीकेज की मजदूरी दी गई। जिसमें पूर्व सरपंच ने एक लाख 61 हजार 600 रुपये अदा किए हुए दिखाए गए हैं, लेकिन उक्त व्यक्ति ने शपथ पत्र में कहा है कि वह एक ही व्यक्ति है। ऐसे में पूर्व सरपंच पर अपने कार्यकाल में पांच लाख छह हजार 10 रुपये का गबन करने का आरोप है। पुलिस ने बीडीपीओ नरेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दो बार की जांच में निकल चुकी निर्दोश : सरपंच प्रतिनिधि
ग्राम पंचायत सीकरी की पूर्व सरपंच सुनीता देवी के प्रतिनिधि बलबीर सिंह ने बीडीपीओ द्वारा दर्ज केस में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनकी दो बार बीपीडीओ व अन्य अधिकारियों की ओर से जांच की जा चुकी है। दोनों बार की जांच में वे निर्दोष पाएं गए हैं। उनकी शिकायत आपसी रंजिश के कारण बार-बार उक्त ग्रामीण करता रहता है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।