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कैंटर ने बच्चे को रौंदा, भड़के ग्रामीण

Sun, 23 Aug 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल Updated Sun, 23 Aug 2015 01:25 AM IST
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canter crushed child, villagers agitate
कस्बे के गांव जयसिंहपुर में सड़क हादसे में कैंटर के नीचे आने से एक आठ
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वर्षीय मासूम की मौत हो गई। छात्र की मौत के बाद ग्रामीणों ने बवाल काटा। गुस्साए ग्रामीणों ने इसके बाद करनाल-हिसार मार्ग जाम कर दिया। थाना प्रभारी राजबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे व किसी तरह ग्रामीणों को समझाया और जाम खुलवाया। इस दौरान ग्रामीणों व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने कैंटर को कब्जे में ले लिया व आरोपी कैंटर चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। गांव जयसिंहपुर का (8) वर्षीय वंश गांव के ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला में तीसरी में पढ़ता था। शनिवार को वह स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर जा रहा था।

जब वह अपने घर जाने के लिए करनाल हिसार रोड को पार करने लगा तो असंध की तरफ से आ रहे कैंटर ने उसे कुचल दिया। कैंटर के नीचे आने से वंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। देखते ही देखते सड़क पर ग्रामीणों का जमावड़ा उमड़ पड़ा। इसके बाद ग्रामीणों ने करनाल हिसार मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण छतरपाल, शीशपाल, बलबीर सिंह, प्रताप, सतबीर, कांता , प्रमीला, कमला, गुड्डी ने बताया कि वह बार बार प्रशासन से आवश्यक स्थानों पर गति अवरोधक बनवाने की मांग कर चुके हैं। यह ही नहीं इसके लिए जाम भी लगाया जा चुका है। लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात रहा। प्रशासन समय समय पर केवल उन्हें कोरे आश्वासन ही देता रहा। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी से मामला तुरंत दर्ज करने व चालक को गिरफ्तार करने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजबीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे व किसी तरह ग्रामीणों को समझा कर जाम खुलवाया।

नहीं रहा कोई चिराग

वंश की मौत के बाद वंश की दादी धनपती का रो-रोकर बुरा हाल है। पोते को बार-बार याद कर वह बेहोश हो रही थी। जब वंश के शव को पोस्टमार्टम के लिए असंध के सामान्य अस्पताल लाया गया तो वहां भी उसकी दादी बेहोश हो रही थी। धनपती ने बताया कि वंश के माता-पिता के वह इकलौती औलाद थी। वंश के माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। उसके बाद से वंश का दादा बलबीर व उसके साथ ही रहता था। वह बहुत मासूम था साहब। मेरा पोता बहुत भूखा है वह स्कूल से आते ही रोटी मांगता था। अब वह हमें छोड़ कर चला गया। इतना कहते ही वंश की दादी बेहोश हो गई।
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