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भारत बंद से व्यापार ठप, 200 करोड़ की चपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान से व्यापार पर भी व्यापक असर रहा। बंद के दौरान शहर के तमाम बाजार बंद रहे और केवल कुछ ही दुकानें खुली दिखाई दीं। अनुमान है कि करनाल जिले में ही करीब 200 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित रहा। इससे पहले किसान सुबह आठ बजे कलंदरी गेट स्थित डेरा कार सेवा में एकत्रित हुए और बाजार की ओर कूच किया। साथ ही दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। दवा विक्रेता, दूध डेयरी, फल-जूस, सब्जी, स्टेशनरी एवं बुक शॉप, कन्फेक्शनरी व बेकरी, मेकेनिकल वर्क्स, टायर-ट्यूब विक्रेता व पंचर मिस्त्री इत्यादि दुकानें खुली रहीं। इन्हें किसानों ने नहीं टोका।
करनाल शहर में छोटी-बड़ी सभी करीब पांच हजार दुकानें हैं। इनमें 20 प्रतिशत बड़े प्रतिष्ठान, 30 प्रतिशत छोटी दुकानें व 50 प्रतिशत मध्यम स्तर की दुकानें व प्रतिष्ठान हैं। बड़े शोरूम या प्रतिष्ठान पर रोजाना करीब एक लाख व छोटी दुकान पर करीब चार-पांच हजार का रोजाना व्यवसाय होता है। करीब दस हजार मजदूर इनमें काम करके आजीविका चलाते हैं। इसके अलावा उद्योगों पर भी भारत बंद का व्यापक असर रहा। परिवहन सेवाएं बंद होने से समय पर सामान नहीं भेजा जा सका।
शहर में कमेटी चौक, पुराना जीटी रोड मार्केट मुख्य बाजार, कर्ण गेट बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सदर बाजार, पुराना जीटी रोड, सराफा बाजार, नेहरू पैलेस मार्केट, मंदिर मार्ग पुराना कुंजपुरा रोड, रामनगर मार्केट, ताऊ देवीलाल चौक से महाराणा प्रताप चौक तक मेरठ रोड मार्केट, मीरा सद्भावना चौक, मॉडल टाउन मार्केट, मुगल कैनाल मार्केट, सरदार पटेल मार्केट, रेलवे रोड व लक्कड़ मार्केट में बंद का पूरा असर दिखा। भाकियू कार्यकर्ता भी बंद के दौरान इन बाजारों में लगातार चक्कर लगाते रहे और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते रहे।
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लगातार नुकसान उठा रहे व्यवसायी
बाजार सहित सभी क्षेत्र में एक दिन में लगभग दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उद्योग भी बंद रहे। मुख्य बाजारों में करीब 20 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित होने का अनुमान है। जब से किसान आंदोलन छिड़ा है तब से व्यवसायी लगातार नुकसान उठा रहे हैं।
- डा. जेआर कालड़ा, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल।
फल एवं सब्जी मंडी में असर
फल एवं सब्जी मंडी में भी बंद काफी असरदार रहा। आढ़तियों के करीब सौ लाइसेंस हैं। प्रतिदिन करीब एक करोड़ का कारोबार होता है। मंडी में ग्राहक नहीं आए और बिक्री नहीं हुई, जिस कारण काफी मात्रा में फल व सब्जियां सड़ने से नुकसान का अंदेशा बन गया।
- कपिल शर्मा, फल एवं सब्जी मंडी व्यवसायी।
उद्योगपति समय पर नहीं भेज सके माल
करनाल में करीब 20 दवा औद्योगिक इकाई हैं। चक्का जाम होने की वजह से सोमवार को उद्यमी माल की सप्लाई नहीं कर सके। अगले दिन माल भेज पाएंगे। बंद के कारण एक दिन की देरी होगी।
-- आरएल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष फार्मा.मैन्यू.एसोसिएशन हरियाणा।
ढाबा संचालकों को उठाना पड़ा नुकसान
भारत बंद के कारण पूरा दिन अड्डे पर बसें नहीं पहुंची। एक दिन में करीब 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। 30 कर्मचारी खाली बैठे रहे। लॉकडाउन के समय से ही ढाबा संचालक नुकसान झेल रहे हैं।
- सुनील कुमार, रेस्टोरेंट संचालक, नया बस अड्डा।
गुड़ मंडी में 50 लाख का व्यवसाय रुका
भारत बंद और किसान आंदोलन से सोमवार को मंडी में ग्राहक नहीं आए। मंडी में करीब 250 दुकानें हैं। कुछ दुकानें खुली लेकिन कोई बिक्री नहीं हुई। करीब 50 लाख का व्यवसाय रुका है।
- पीयूष गुप्ता, सचिव, पुरानी गुड़ मंडी किराना एसोसिएशन।
खाली रह गए कर्मचारी
एक दिन बाजार बंद रहने से दुकानदार को बहुत नुकसान पहुंचता है। कर्मचारी खड़े के खड़े रह गए। दुकान के खर्च नहीं रुक सकते, लेकिन बंद के चलते ग्राहक नहीं आए। - रिंकू गुप्ता, सदस्य, पुरानी गुड़ मंडी किराना एसोसिएशन।
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करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान से व्यापार पर भी व्यापक असर रहा। बंद के दौरान शहर के तमाम बाजार बंद रहे और केवल कुछ ही दुकानें खुली दिखाई दीं। अनुमान है कि करनाल जिले में ही करीब 200 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित रहा। इससे पहले किसान सुबह आठ बजे कलंदरी गेट स्थित डेरा कार सेवा में एकत्रित हुए और बाजार की ओर कूच किया। साथ ही दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। दवा विक्रेता, दूध डेयरी, फल-जूस, सब्जी, स्टेशनरी एवं बुक शॉप, कन्फेक्शनरी व बेकरी, मेकेनिकल वर्क्स, टायर-ट्यूब विक्रेता व पंचर मिस्त्री इत्यादि दुकानें खुली रहीं। इन्हें किसानों ने नहीं टोका।
करनाल शहर में छोटी-बड़ी सभी करीब पांच हजार दुकानें हैं। इनमें 20 प्रतिशत बड़े प्रतिष्ठान, 30 प्रतिशत छोटी दुकानें व 50 प्रतिशत मध्यम स्तर की दुकानें व प्रतिष्ठान हैं। बड़े शोरूम या प्रतिष्ठान पर रोजाना करीब एक लाख व छोटी दुकान पर करीब चार-पांच हजार का रोजाना व्यवसाय होता है। करीब दस हजार मजदूर इनमें काम करके आजीविका चलाते हैं। इसके अलावा उद्योगों पर भी भारत बंद का व्यापक असर रहा। परिवहन सेवाएं बंद होने से समय पर सामान नहीं भेजा जा सका।
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शहर में कमेटी चौक, पुराना जीटी रोड मार्केट मुख्य बाजार, कर्ण गेट बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सदर बाजार, पुराना जीटी रोड, सराफा बाजार, नेहरू पैलेस मार्केट, मंदिर मार्ग पुराना कुंजपुरा रोड, रामनगर मार्केट, ताऊ देवीलाल चौक से महाराणा प्रताप चौक तक मेरठ रोड मार्केट, मीरा सद्भावना चौक, मॉडल टाउन मार्केट, मुगल कैनाल मार्केट, सरदार पटेल मार्केट, रेलवे रोड व लक्कड़ मार्केट में बंद का पूरा असर दिखा। भाकियू कार्यकर्ता भी बंद के दौरान इन बाजारों में लगातार चक्कर लगाते रहे और दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील करते रहे।
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लगातार नुकसान उठा रहे व्यवसायी
बाजार सहित सभी क्षेत्र में एक दिन में लगभग दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। उद्योग भी बंद रहे। मुख्य बाजारों में करीब 20 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित होने का अनुमान है। जब से किसान आंदोलन छिड़ा है तब से व्यवसायी लगातार नुकसान उठा रहे हैं।
- डा. जेआर कालड़ा, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल।
फल एवं सब्जी मंडी में असर
फल एवं सब्जी मंडी में भी बंद काफी असरदार रहा। आढ़तियों के करीब सौ लाइसेंस हैं। प्रतिदिन करीब एक करोड़ का कारोबार होता है। मंडी में ग्राहक नहीं आए और बिक्री नहीं हुई, जिस कारण काफी मात्रा में फल व सब्जियां सड़ने से नुकसान का अंदेशा बन गया।
- कपिल शर्मा, फल एवं सब्जी मंडी व्यवसायी।
उद्योगपति समय पर नहीं भेज सके माल
करनाल में करीब 20 दवा औद्योगिक इकाई हैं। चक्का जाम होने की वजह से सोमवार को उद्यमी माल की सप्लाई नहीं कर सके। अगले दिन माल भेज पाएंगे। बंद के कारण एक दिन की देरी होगी।
-- आरएल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष फार्मा.मैन्यू.एसोसिएशन हरियाणा।
ढाबा संचालकों को उठाना पड़ा नुकसान
भारत बंद के कारण पूरा दिन अड्डे पर बसें नहीं पहुंची। एक दिन में करीब 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। 30 कर्मचारी खाली बैठे रहे। लॉकडाउन के समय से ही ढाबा संचालक नुकसान झेल रहे हैं।
- सुनील कुमार, रेस्टोरेंट संचालक, नया बस अड्डा।
गुड़ मंडी में 50 लाख का व्यवसाय रुका
भारत बंद और किसान आंदोलन से सोमवार को मंडी में ग्राहक नहीं आए। मंडी में करीब 250 दुकानें हैं। कुछ दुकानें खुली लेकिन कोई बिक्री नहीं हुई। करीब 50 लाख का व्यवसाय रुका है।
- पीयूष गुप्ता, सचिव, पुरानी गुड़ मंडी किराना एसोसिएशन।
खाली रह गए कर्मचारी
एक दिन बाजार बंद रहने से दुकानदार को बहुत नुकसान पहुंचता है। कर्मचारी खड़े के खड़े रह गए। दुकान के खर्च नहीं रुक सकते, लेकिन बंद के चलते ग्राहक नहीं आए। - रिंकू गुप्ता, सदस्य, पुरानी गुड़ मंडी किराना एसोसिएशन।