{"_id":"65738dd6187cd0e51c00b034","slug":"bus-collides-with-divider-in-nising-four-injured-including-driver-karnal-news-c-18-knl1008-279412-2023-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एमआईएस पर 74 प्रतिशत स्कूलों की हाजिरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एमआईएस पर 74 प्रतिशत स्कूलों की हाजिरी
विज्ञापन
गगन तलवार
करनाल। शिक्षा विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों की हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन 26 प्रतिशत स्कूल एमआईएस पोर्टल पर हाजिरी नहीं लगा रहे हैं। जिन स्कूलों में हाजिरी लगाई जा रही है, वहां भी लापरवाही बरती जा रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट जारी करके पोर्टल पर हाजिरी नियमित रूप से लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दैनिक ब्याेरा भी मांगा जा रहा है।
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 74 फीसदी स्कूलों में ही विद्यार्थियों की हाजिरी लग पा रही है। लेकिन कई स्कूलों में 30 प्रतिशत तक विद्यार्थी अनुपस्थित हो रहे हैं। ऐसे में अब हाजिरी को लेकर लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा कार्रवाई की तैयारी में है। जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों को रिपोर्ट भेजकर जवाब तलब किया है। जिले में कुल 778 राजकीय स्कूल हैं। जहां डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। हाजिरी की स्थिति देखें तो एमआईएस पोर्टल पर 572 स्कूल यानी 74 प्रतिशत विद्यालयों की ही हाजिरी लग रही है। 26 फीसदी स्कूलों की हाजिरी या तो पोर्टल पर लग नहीं रही या फिर यहां पर छात्रों की उपस्थिति दर काफी कम है। विदित हो कि एमआईएस पोर्टल के जरिये शिक्षा विभाग निदेशालय हाजिरी को लेकर मॉनिटरिंग कर रहा है। रोजाना स्कूलों की रिपोर्ट ली जा रही है। निदेशालय स्तर पर बैठे अधिकारी जांच कर रहे हैं कि कितने विद्यार्थी स्कूलों में पहुंच रहे हैं और कितने अनुपस्थित हैं। ब्यूरो
बॉक्स
शिक्षक छुट्टी पर हो तो कौन लगाए हाजिरी
इधर, अलग-अलग स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि एमआईएस पोर्टल को लेकर कई दिक्कतें हैं। दाखिले के समय में भी काफी परेशानी आई थी। अब हाजिरी को लेकर भी समस्या है। पोर्टल पर जो व्यवस्था बनाई है, उसके अनुसार केवल संबंधित कक्षा का शिक्षक ही हाजिरी लगा सकता है। जिस दिन संबंधित कक्षा का शिक्षक छुट्टी पर हो तो उस समय हाजिरी नहीं लगाई जा सकती।
विज्ञापन
बॉक्स
परिणाम में सुधार, 100 फीसदी उपस्थिति मकसद
शिक्षा विभाग चाहता है कि परीक्षा परिणाम में सुधार आए और परिणाम शत प्रतिशत हो। स्कूलों में औसत हाजिरी 80 फीसदी है। इसे 20 फीसदी और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यदि हाजिरी 100 प्रतिशत होगी तो परीक्षा परिणाम भी अच्छा होगा। क्योंकि जब सभी बच्चे स्कूल आएंगे तो पाठ्यक्रम भी सभी एक साथ और एक ही तरीके से पढ़ेंगे। जिसका असर परिणाम पर दिखना स्वाभाविक है।
फोटो-- 112
वर्जन
जिले के सभी राजकीय स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह विद्यार्थियों की एमआईएस पोर्टल पर हाजिरी लगाएं, लेकिन कई स्कूलों की लापरवाही सामने आ रही है। इसे लेकर उन्हें सख्त हिदायत भी दी गई है। यदि लापरवाही होती रही तो कार्रवाई भी होगी। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
करनाल। शिक्षा विभाग ने एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों की हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन 26 प्रतिशत स्कूल एमआईएस पोर्टल पर हाजिरी नहीं लगा रहे हैं। जिन स्कूलों में हाजिरी लगाई जा रही है, वहां भी लापरवाही बरती जा रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट जारी करके पोर्टल पर हाजिरी नियमित रूप से लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दैनिक ब्याेरा भी मांगा जा रहा है।
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 74 फीसदी स्कूलों में ही विद्यार्थियों की हाजिरी लग पा रही है। लेकिन कई स्कूलों में 30 प्रतिशत तक विद्यार्थी अनुपस्थित हो रहे हैं। ऐसे में अब हाजिरी को लेकर लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा कार्रवाई की तैयारी में है। जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों को रिपोर्ट भेजकर जवाब तलब किया है। जिले में कुल 778 राजकीय स्कूल हैं। जहां डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। हाजिरी की स्थिति देखें तो एमआईएस पोर्टल पर 572 स्कूल यानी 74 प्रतिशत विद्यालयों की ही हाजिरी लग रही है। 26 फीसदी स्कूलों की हाजिरी या तो पोर्टल पर लग नहीं रही या फिर यहां पर छात्रों की उपस्थिति दर काफी कम है। विदित हो कि एमआईएस पोर्टल के जरिये शिक्षा विभाग निदेशालय हाजिरी को लेकर मॉनिटरिंग कर रहा है। रोजाना स्कूलों की रिपोर्ट ली जा रही है। निदेशालय स्तर पर बैठे अधिकारी जांच कर रहे हैं कि कितने विद्यार्थी स्कूलों में पहुंच रहे हैं और कितने अनुपस्थित हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
बॉक्स
शिक्षक छुट्टी पर हो तो कौन लगाए हाजिरी
इधर, अलग-अलग स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि एमआईएस पोर्टल को लेकर कई दिक्कतें हैं। दाखिले के समय में भी काफी परेशानी आई थी। अब हाजिरी को लेकर भी समस्या है। पोर्टल पर जो व्यवस्था बनाई है, उसके अनुसार केवल संबंधित कक्षा का शिक्षक ही हाजिरी लगा सकता है। जिस दिन संबंधित कक्षा का शिक्षक छुट्टी पर हो तो उस समय हाजिरी नहीं लगाई जा सकती।
विज्ञापन
बॉक्स
परिणाम में सुधार, 100 फीसदी उपस्थिति मकसद
शिक्षा विभाग चाहता है कि परीक्षा परिणाम में सुधार आए और परिणाम शत प्रतिशत हो। स्कूलों में औसत हाजिरी 80 फीसदी है। इसे 20 फीसदी और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यदि हाजिरी 100 प्रतिशत होगी तो परीक्षा परिणाम भी अच्छा होगा। क्योंकि जब सभी बच्चे स्कूल आएंगे तो पाठ्यक्रम भी सभी एक साथ और एक ही तरीके से पढ़ेंगे। जिसका असर परिणाम पर दिखना स्वाभाविक है।
फोटो
वर्जन
जिले के सभी राजकीय स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह विद्यार्थियों की एमआईएस पोर्टल पर हाजिरी लगाएं, लेकिन कई स्कूलों की लापरवाही सामने आ रही है। इसे लेकर उन्हें सख्त हिदायत भी दी गई है। यदि लापरवाही होती रही तो कार्रवाई भी होगी। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।