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Karnal News: धुंए से आंखों में जलन, धूल से फूल रही सांस

Wed, 29 Oct 2025 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 29 Oct 2025 02:02 AM IST
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Burning eyes due to smoke, breathing problems due to dust
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। बढ़ते प्रदूषण और मौसम में बदलाव से आंखों में जलन व सांस फूलने की समस्या बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर, खांसी-जुकाम और आंखों में जलन से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। आई ओपीडी में रोजाना आने वाले करीब 200 मरीजों में से लगभग 50 मरीज केवल आंखों में जलन, पानी आना और लालिमा की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।



शहर की हवा में घुला धुआं और सड़कों पर उड़ती धूल लोगों की सेहत पर असर डाल रही है। नेत्र रोग ओपीडी से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जिया का कहना है कि इन दिनों आंखों में जलन, लालिमा और संक्रमण के मामले बढ़े हैं। धूल के महीन कण सीधे आंखों को प्रभावित कर रहा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में खासतौर पर मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। वहीं, नागरिक अस्पताल के श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने बताया कि पिछले एक सात से आठ दिन में खांसी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या लगभग 40 फीसदी तक बढ़ गई है। प्रदूषण के कारण सांस की नलियों में सूजन और संक्रमण बढ़ रहा है, जिससे पुरानी बीमारियां दोबारा उभर रही हैं। दिवाली तो जा चुकी है लेकिन उसका धुआं हवाओं में अभी भी घुला हुआ है। ऐसे मरीजों को धूल, धुएं और ठंडी हवा से बचाव करना बेहद जरूरी है।
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फिलहाल कम नहीं होगा प्रदूषण
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर का कहना है कि त्योहार भले ही कम हो गए हैं लेकिन अब शादियों का सीजन पीक पर है। रोजाना शहर में हजारों की संख्या में शादियां और अन्य समारोह होंगे जिस कारण पटाखों का भी प्रयोग अधिक होगा और वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहेगी ऐसे में प्रदूषण स्तर जस का तस रहने वाला है। इसमें लोग केवल सावधानियां बरतकर ही अपना बचाव कर सकते हैं। क्योंकि इस समय आंख, अस्थमा, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज लगातार बढ़ते ही रहेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि धूलभरे इलाकों में निकलते समय मास्क और सनग्लासेस का उपयोग जरूरी है। आंखों को साफ पानी से दिन में कई बार धोना चाहिए। सांस के मरीज अपनी नियमित दवाएं समय पर लें और जरूरत पड़ने पर नेबुलाइजेशन का सहारा लें। डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी कि स्वयं से दवा लेना या आंखों में बिना परामर्श ड्रॉप डालना संक्रमण को और बढ़ा सकता है।
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- ये जरूरी उपाय-
-हाथों को धोते रहे और स्वस्थ वातावरण बनाए रखें।
-लगातार खांसी, सांस फूलना या छाती में जकड़न महसूस हो तो जांच कराएं।
-बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण वाले इलाकों में जाने से बचाएं।
-पौष्टिक भोजन और पर्याप्त नींद लेकर इम्यून सिस्टम मजबूत बनाएं।

-सांस रोगी मास्क का करें उपयोग व इनहेलर रखें पास।
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