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सराफा बाजार में चमक, त्योहारों से उम्मीद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। त्योहारी माह नवंबर की शुरूआत ही रमा एकादशी के पर्व से हो रही है। इसके बाद दिवाली के त्योहार जैसे धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा व भाई दूज जैसे बड़े त्योहार आएंगे। इसके बाद 13 नवंबर से शादियों का मौसम भी शुरू हो जाएगा। यही कारण है कि इस महीने से बाजार की बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। इनमें सबसे खास है सराफा बाजार, जिसे कोरोना की महामारी के दो सालों के बाद इस बंपर खरीदारी की उम्मीद है। हालांकि कई ऐसे कारण हैं, जिसके कारण बाजार में इस बार नए आइटमों की कमी खल रही है। चाइना ने इस बाजार में भी सेंधमारी की है। चाइनीज चांदी के सिक्के ने भारतीय पुराने चांदी के सिक्के की चमक को फीका करने के साथ साथ उसके प्रति संदिग्धता को भी बढ़ा दिया है। इस सबके बावजूद खास कर धनतेरस, दिवाली और शादियों के सीजन को लेकर बाजार उत्साहित नजर आ रहा है। जिसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां भी की गई हैं। करवा चौथ की खरीदारी में लाइटवेट लेकिन हैवी लुक के गहने ग्राहकों की पहली पसंद बने, जिसे देखते हुए बाजार ने इसी तरह के आभूषणों को तरजीह दी जा रही है।
बाजार की स्थिति बेहतर है। ग्राहकों की पसंद पर आधारित तैयारियां की गई हैं। धनतेरस और दिवाली पर सराफा का कार्य अच्छा रहने की उम्मीद हैं। बहुत नए आइटम तो नहीं लेकिन ऐसे आइटमों की भरमार हैं, जो ग्राहकों की पहली पसंद हैं। शादियों के सीजन के लिए भी बाजार तैयार है। लॉकडाउन के दिनों में भी बंदी के दिनों को छोड़कर अन्य दिनों में तो बाजार ठीक ही रहा था। महंगाई का जरूर असर दिख रहा है।
-अविनाश बंसल, ओपीएस ज्वैलर्स सराफा बाजार करनाल
लॉकडाउन से सराफा बाजार प्रभावित रहा है लेकिन अब लोगों में बढ़ी निवेश की रुचि से बाजार ने खुद को संभाले रखा है। लेकिन खरीदारी की सामान्य सोच में इतना परिवर्तन तो करवा चौथ की खरीदारी के बाद दिखा है कि अब ग्राहकों का रुझान लाइटवेट लेकिन हैवीलुक की ओर बढ़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट की स्थिति को देखते आने वाले समय में सोने के भाव में उछाल आने की संभावना है, लेकिन खरीदारी की बेहतर उम्मीद जगी है।
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-विकास बंसल, ओपीएस ज्वैल्स नेहरू मार्केट करनाल
धनतेरस व लक्ष्मी पूजन पर खास तौर पर सोने चांदी की गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, चरण पादुका, राधा-कृष्ण की मूर्तियां, 50 व 100 ग्राम के डॉलर, चांदी का सिक्का आदि बहुत सी चीजें ऐसी हैं, जो ग्राहकों की वर्षो से पसंद बनी हुई हैं। इस बार चाइना ने चांदी का सिक्का बाजार में उतार दिया है, जिससे पुरानी भारतीय सिक्के को झटका लगा, साथ ही भ्रम की स्थिति बनी लेकिन शुद्ध भारतीय सिक्का उपलब्ध है।
पंकज गोयल, जीएस ज्वैलर्स, सराफा बाजार करनाल
कोरोना कॉल के बाद करवा चौथ की जबरदस्त बिक्री ने सराफा बाजार में जोश भर दिया है। इस साल करीब 30 प्रतिशत कार्य बढ़ा है। हालांकि इन दिनों किसान ग्राहक धान आदि के भुगतान न मिलने के कारण कम है। मुंबई, कोलकाता, औरंगाबाद आदि में आभूषण का उत्पादन कम होने के कारण बाजार में मॉल भंडारित नहीं है लेकिन धनतेरस, दिवाली, शादियों के मांग के अनुरूप पर्याप्त माल है। बेहतर खरीदारी की उम्मीद है।
अंशुल बंसल, सोमप्रकाश विजेंद्र कुमार सराफा बाजार करनाल
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करनाल। त्योहारी माह नवंबर की शुरूआत ही रमा एकादशी के पर्व से हो रही है। इसके बाद दिवाली के त्योहार जैसे धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा व भाई दूज जैसे बड़े त्योहार आएंगे। इसके बाद 13 नवंबर से शादियों का मौसम भी शुरू हो जाएगा। यही कारण है कि इस महीने से बाजार की बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। इनमें सबसे खास है सराफा बाजार, जिसे कोरोना की महामारी के दो सालों के बाद इस बंपर खरीदारी की उम्मीद है। हालांकि कई ऐसे कारण हैं, जिसके कारण बाजार में इस बार नए आइटमों की कमी खल रही है। चाइना ने इस बाजार में भी सेंधमारी की है। चाइनीज चांदी के सिक्के ने भारतीय पुराने चांदी के सिक्के की चमक को फीका करने के साथ साथ उसके प्रति संदिग्धता को भी बढ़ा दिया है। इस सबके बावजूद खास कर धनतेरस, दिवाली और शादियों के सीजन को लेकर बाजार उत्साहित नजर आ रहा है। जिसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां भी की गई हैं। करवा चौथ की खरीदारी में लाइटवेट लेकिन हैवी लुक के गहने ग्राहकों की पहली पसंद बने, जिसे देखते हुए बाजार ने इसी तरह के आभूषणों को तरजीह दी जा रही है।
बाजार की स्थिति बेहतर है। ग्राहकों की पसंद पर आधारित तैयारियां की गई हैं। धनतेरस और दिवाली पर सराफा का कार्य अच्छा रहने की उम्मीद हैं। बहुत नए आइटम तो नहीं लेकिन ऐसे आइटमों की भरमार हैं, जो ग्राहकों की पहली पसंद हैं। शादियों के सीजन के लिए भी बाजार तैयार है। लॉकडाउन के दिनों में भी बंदी के दिनों को छोड़कर अन्य दिनों में तो बाजार ठीक ही रहा था। महंगाई का जरूर असर दिख रहा है।
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-अविनाश बंसल, ओपीएस ज्वैलर्स सराफा बाजार करनाल
लॉकडाउन से सराफा बाजार प्रभावित रहा है लेकिन अब लोगों में बढ़ी निवेश की रुचि से बाजार ने खुद को संभाले रखा है। लेकिन खरीदारी की सामान्य सोच में इतना परिवर्तन तो करवा चौथ की खरीदारी के बाद दिखा है कि अब ग्राहकों का रुझान लाइटवेट लेकिन हैवीलुक की ओर बढ़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट की स्थिति को देखते आने वाले समय में सोने के भाव में उछाल आने की संभावना है, लेकिन खरीदारी की बेहतर उम्मीद जगी है।
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-विकास बंसल, ओपीएस ज्वैल्स नेहरू मार्केट करनाल
धनतेरस व लक्ष्मी पूजन पर खास तौर पर सोने चांदी की गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, चरण पादुका, राधा-कृष्ण की मूर्तियां, 50 व 100 ग्राम के डॉलर, चांदी का सिक्का आदि बहुत सी चीजें ऐसी हैं, जो ग्राहकों की वर्षो से पसंद बनी हुई हैं। इस बार चाइना ने चांदी का सिक्का बाजार में उतार दिया है, जिससे पुरानी भारतीय सिक्के को झटका लगा, साथ ही भ्रम की स्थिति बनी लेकिन शुद्ध भारतीय सिक्का उपलब्ध है।
पंकज गोयल, जीएस ज्वैलर्स, सराफा बाजार करनाल
कोरोना कॉल के बाद करवा चौथ की जबरदस्त बिक्री ने सराफा बाजार में जोश भर दिया है। इस साल करीब 30 प्रतिशत कार्य बढ़ा है। हालांकि इन दिनों किसान ग्राहक धान आदि के भुगतान न मिलने के कारण कम है। मुंबई, कोलकाता, औरंगाबाद आदि में आभूषण का उत्पादन कम होने के कारण बाजार में मॉल भंडारित नहीं है लेकिन धनतेरस, दिवाली, शादियों के मांग के अनुरूप पर्याप्त माल है। बेहतर खरीदारी की उम्मीद है।
अंशुल बंसल, सोमप्रकाश विजेंद्र कुमार सराफा बाजार करनाल