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Karnal News: जमीन और कार के मालिक निकले बीपीएल कार्ड धारक
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सुखदेव चौहान
करनाल। परिवार पहचान पत्र में अपनी कम आय दिखाकर गलत तरीके से बीपीएल कार्ड बनवाकर राशन व विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से पीपीपी से अलग-अलग बिंदुओं पर सत्यापन किया जा रहा है। अब तक हुई जांच में ऐसे बीपीएल परिवार भी सामने आए हैं, जिनके पास 400 गज से ज्यादा रिहायशी जमीन है या वे चार पहिया वाहन के भी मालिक हैं। अब तक 1104 कार्डधारकों के कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। जिससे अब इन बीपीएल कार्डधारकों में खलबली मच गई है।
इनके कार्ड कटने का संदेश इनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजा गया है। साथ ही, इन्हें आगामी कार्रवाई के लिए नोटिस भेजने की भी तैयारी की जा रही है। इधर, प्रशासन ने अन्य लोगों को भी चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने गलत जानकारी के माध्यम से बीपीएल कार्ड बनवाया है, तो वे समय रहते इसे सरेंडर कर दें। अन्यथा उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेशभर की स्थिति देखें तो प्रदेश में ऐसे करीब 23 हजार कार्ड काटे गए हैं। विदित हो कि चुनावों के दौरान परिवार पहचानपत्र में संशोधन की राहत दी गई थी, उस समय कई लोगों ने अपनी आय कम दिखाकर बीपीएल कार्ड भी बनवा लिए थे। आय निर्धारित सीमा से कम होने पर लोगों के आयुष्मान कार्ड और हैप्पी कार्ड भी बने थे। अब विभागों की ओर से जांच की जा रही है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी) की ओर से अब किसानों द्वारा छह माह में बेची जाने वाली फसल, उनके नाम जो कृषि व गैर कृषि योग्य जमीन है, उसका ब्योरा, परिवार की आमदनी किन-किन संसाधनों से कितनी है, परिवार का कोई सदस्य सालाना आयकर रिटर्न भरता है या नहीं, यह जानकारी जुटाई जा रही है। इसी आधार पर पीपीपी में दर्ज जानकारी का सत्यापन हो रहा है। संवाद
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करनाल। परिवार पहचान पत्र में अपनी कम आय दिखाकर गलत तरीके से बीपीएल कार्ड बनवाकर राशन व विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जिला प्रशासन की ओर से पीपीपी से अलग-अलग बिंदुओं पर सत्यापन किया जा रहा है। अब तक हुई जांच में ऐसे बीपीएल परिवार भी सामने आए हैं, जिनके पास 400 गज से ज्यादा रिहायशी जमीन है या वे चार पहिया वाहन के भी मालिक हैं। अब तक 1104 कार्डधारकों के कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। जिससे अब इन बीपीएल कार्डधारकों में खलबली मच गई है।
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इनके कार्ड कटने का संदेश इनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजा गया है। साथ ही, इन्हें आगामी कार्रवाई के लिए नोटिस भेजने की भी तैयारी की जा रही है। इधर, प्रशासन ने अन्य लोगों को भी चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने गलत जानकारी के माध्यम से बीपीएल कार्ड बनवाया है, तो वे समय रहते इसे सरेंडर कर दें। अन्यथा उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेशभर की स्थिति देखें तो प्रदेश में ऐसे करीब 23 हजार कार्ड काटे गए हैं। विदित हो कि चुनावों के दौरान परिवार पहचानपत्र में संशोधन की राहत दी गई थी, उस समय कई लोगों ने अपनी आय कम दिखाकर बीपीएल कार्ड भी बनवा लिए थे। आय निर्धारित सीमा से कम होने पर लोगों के आयुष्मान कार्ड और हैप्पी कार्ड भी बने थे। अब विभागों की ओर से जांच की जा रही है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी) की ओर से अब किसानों द्वारा छह माह में बेची जाने वाली फसल, उनके नाम जो कृषि व गैर कृषि योग्य जमीन है, उसका ब्योरा, परिवार की आमदनी किन-किन संसाधनों से कितनी है, परिवार का कोई सदस्य सालाना आयकर रिटर्न भरता है या नहीं, यह जानकारी जुटाई जा रही है। इसी आधार पर पीपीपी में दर्ज जानकारी का सत्यापन हो रहा है। संवाद