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Karnal News: बीपी और शुगर के मरीजों की किडनी हो रही अधिक खराब
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राकेश चौहान
करनाल। बीपी व शुगर के कारण जिले में दिन प्रतिदिन किडनी के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन इन मरीजों के लिए जिले के सरकारी अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। यहां न तो मरीजों के लिए कोई विशेषज्ञ है और न ही डायलिसिस की सुविधा है।
हालांकि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा जरुर है लेकिन वह मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं है। इस कारण अधिकतर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर महंगे दाम पर डायलिसिस करानी पड़ रही है।
इतना ही नहीं इलाज के लिए उन्हें चंडीगढ़ या रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है या फिर प्राइवेट अस्पताल में जेब ढीली करनी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि शरीर में जितने भी वेस्ट मेटिरियल होते हैं किडनी उन्हें बाहर निकालने का काम करती है। किडनी के खराब होने के अनेक कारण है लेकिन जो मरीज बीपी व शुगर के है। उनकी किडनी खराब होने के सबसे अधिक आसार है। इससे अलग शराब का अधिक सेवन करने से भी किडनी खराब होती है।
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मेडिकल कॉलेज में हर रोज करीब छह मरीजों की होती है डायलिसिस : कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा है।
इसके लिए छह बेड है। यहां हर रोज पांच से छह मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं। बीपीएल परिवार व आयुष्मान कार्ड धारक के लिए यह सुविधा निशुल्क है। वहीं अन्य मरीजों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाता है। इससे मरीजों को काफी राहत मिल रही है। संवाद
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करनाल। बीपी व शुगर के कारण जिले में दिन प्रतिदिन किडनी के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन इन मरीजों के लिए जिले के सरकारी अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। यहां न तो मरीजों के लिए कोई विशेषज्ञ है और न ही डायलिसिस की सुविधा है।
हालांकि कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा जरुर है लेकिन वह मरीजों के लिए पर्याप्त नहीं है। इस कारण अधिकतर मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर महंगे दाम पर डायलिसिस करानी पड़ रही है।
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इतना ही नहीं इलाज के लिए उन्हें चंडीगढ़ या रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है या फिर प्राइवेट अस्पताल में जेब ढीली करनी पड़ रही है। नागरिक अस्पताल फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि शरीर में जितने भी वेस्ट मेटिरियल होते हैं किडनी उन्हें बाहर निकालने का काम करती है। किडनी के खराब होने के अनेक कारण है लेकिन जो मरीज बीपी व शुगर के है। उनकी किडनी खराब होने के सबसे अधिक आसार है। इससे अलग शराब का अधिक सेवन करने से भी किडनी खराब होती है।
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मेडिकल कॉलेज में हर रोज करीब छह मरीजों की होती है डायलिसिस : कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा है।
इसके लिए छह बेड है। यहां हर रोज पांच से छह मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं। बीपीएल परिवार व आयुष्मान कार्ड धारक के लिए यह सुविधा निशुल्क है। वहीं अन्य मरीजों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क लिया जाता है। इससे मरीजों को काफी राहत मिल रही है। संवाद