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Karnal News: अक्षय तृतीया पर रुकवाई लड़के की शादी
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- संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम ने लड़की के परिजनों से की पूछताछ, लड़का नहीं लाया बरात
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अक्षय तृतीया पर निसिंग खंड के सिंघड़ा गांव निवासी एक 19 वर्षीय लड़के की शादी दहा गांव में कराई जानी थी, लेकिन संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम व पुलिस की पूछताछ शुरू होने से घबराया दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा। दूल्हा व उसका परिवार घर छोड़कर कहीं चला गया।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी डॉ. भानु ने बताया कि जानकारी मिली थी कि एक 19 वर्ष के लड़के की शादी दहा गांव में 25 वर्षीय युवती से होनी है। बरात लाने की तैयारियां की जा रही हैं। इसके बाद टीम दहा गांव पहुंची। लड़की के माता-पिता मौके पर मिले तो उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए। बयानों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि लड़के की आयु शादी के लिए तय आयु से कम है। पुलिस को भी सूचना दी गई। इसकी जानकारी वर पक्ष को भी लग गई और दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा।
इससे पहले 24 अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 76 बाल विवाह के मामले सामने आए हैं। इनमें नवंबर, दिसंबर और जनवरी में तीन जिले के और बाकी के 73 मामले बिहार राज्य से जिले में आए हुए प्रवासी पाए गए हैं। इस साल अक्षय तृतीया पर जिले का यह चौथा मामला सामने आया है। डॉ. भानु गौर ने बताया कि लड़का और उसके परिवार की तलाश जारी है।
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बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने दोनों परिवारों को चेतावनी दी कि यदि दोबारा इस तरह की कोशिश की गई तो बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. भानु गौर, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अक्षय तृतीया पर निसिंग खंड के सिंघड़ा गांव निवासी एक 19 वर्षीय लड़के की शादी दहा गांव में कराई जानी थी, लेकिन संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम व पुलिस की पूछताछ शुरू होने से घबराया दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा। दूल्हा व उसका परिवार घर छोड़कर कहीं चला गया।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी डॉ. भानु ने बताया कि जानकारी मिली थी कि एक 19 वर्ष के लड़के की शादी दहा गांव में 25 वर्षीय युवती से होनी है। बरात लाने की तैयारियां की जा रही हैं। इसके बाद टीम दहा गांव पहुंची। लड़की के माता-पिता मौके पर मिले तो उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए। बयानों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि लड़के की आयु शादी के लिए तय आयु से कम है। पुलिस को भी सूचना दी गई। इसकी जानकारी वर पक्ष को भी लग गई और दूल्हा बरात लेकर नहीं पहुंचा।
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इससे पहले 24 अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक 76 बाल विवाह के मामले सामने आए हैं। इनमें नवंबर, दिसंबर और जनवरी में तीन जिले के और बाकी के 73 मामले बिहार राज्य से जिले में आए हुए प्रवासी पाए गए हैं। इस साल अक्षय तृतीया पर जिले का यह चौथा मामला सामने आया है। डॉ. भानु गौर ने बताया कि लड़का और उसके परिवार की तलाश जारी है।
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बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने दोनों परिवारों को चेतावनी दी कि यदि दोबारा इस तरह की कोशिश की गई तो बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. भानु गौर, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी