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Karnal News: मुक्केबाज निशांत का कांस्य हुआ पक्का, अब रजत के लिए होगी भिड़ंत
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- विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कर्णनगरी के निशांत ने क्यूबा के क्यूलर टेरी जॉर्ज को 5-0 से दी शिकस्त
मुकेश राणा
करनाल। विश्व मुक्केबाजी में क्यूबा के बॉक्सरों का खास रुतबा माना जाता है, लेकिन बुधवार को उसी देश के एक मुक्केबाज क्यूलर टेरी जाॅर्ज को भी 5-0 से मात देकर कर्णनगरी के बॉक्सर निशांत देव ने विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक पक्का कर लिया है। अब शुक्रवार को रजत पदक के लिए रिंग में उनकी लड़ाई कजाकिस्तान के बॉक्सर असलानबक के साथ है। निशांत अगर यह मैच जीत लेते हैं तो वह भारत की ओर से 71 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक के लिए अगले पायदन पर पहुंच जाएंगे।
उज्बेकिस्तान के ताशकंद में चल रही विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में निशांत की फाइट बुधवार शाम करीब पांच बजे शुरू हुई। जिसमें उन्होंने प्रतिद्वंद्वी पर अपने अंदाज में ही आक्रमण किया और शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। माना जाता है कि क्यूबा के मुक्केबाजी को विश्व की मुक्केबाजी में सम्मान की नजर से देखा जाता है। इस देश के बॉक्सरों की अपनी खास कार्यशैली है।
हर मैच में शुरुआत से बनाई लय
करनाल के निशांत देव उर्फ सूर्या ने जब से यह प्रतियोगिता शुरू हुई है अपनी एक लय बना रखी है। वह अपने प्रतिद्वंद्वी बॉक्सर पर आक्रमण की नीति अपना रहे हैं और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दे रहे। फिलीपींस के फकाहा निदाल को तो उन्होंने केवल 54 सेकेंड में ही हरा दिया। इसके अलावा उन्होंने अपनी पहली फाइट में अजरबैजान के अलीयेव सरखान व कोरिया के ली संगमिन को भी 5-0 से ही मात दी है। निशांत लगातार चार मुकाबले जीत चुके हैं।
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घर में खुशी का माहौल
करनाल के कोट मोहल्ले में इस समय पवन देव के घर पर खुशी का माहौल है। पवन देव ने बताया कि जैसे ही बुधवार की शाम बेटे सूर्या ने अपनी फाइट जीती तो उनके पास बधाई संदेश देने वाले लोगों का तांता लग गया। हर कोई बेटे की जीत पर उन्हें बधाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि कोट मोहल्ले की तंग गलियाें से निकाल कर बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। घर में उनके दादा चौधरी कृष्ण देव, दादी रोशनी, सूर्या की मां प्रियंका देवी, चाचा, चाची, भाई सभी उनकी जीत पर खुशी मना रहे हैं और उनके लिए अगली दोनों फाइट के लिए दुआ कर रहे हैं ताकि निशांत देश के लिए इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक लाएं।
गुरु ने दी जीत पर बधाई
निशांत देव के पहले कोच कर्ण स्टेडियम से सुरेंद्र चौहान ने उन्हें विदेश से फोन कर उनकी जीत पर बधाई दी। निशांत ने बॉक्सिंग की शुरुआत कर्ण स्टेडियम के कोच सुरेंद्र चौहान के नेतृत्व में ही की थी। उनके कहने पर ही उन्होंने बॉक्सिंग की बारीकियां सीखने के लिए कर्नाटक का रुख किया था। कोच सुरेंद्र चौहान ने बताया कि बड़ी खुशी की बात होती जब किसी कोच का बच्चा इंटरनेशनल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करता है।
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मुकेश राणा
करनाल। विश्व मुक्केबाजी में क्यूबा के बॉक्सरों का खास रुतबा माना जाता है, लेकिन बुधवार को उसी देश के एक मुक्केबाज क्यूलर टेरी जाॅर्ज को भी 5-0 से मात देकर कर्णनगरी के बॉक्सर निशांत देव ने विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक पक्का कर लिया है। अब शुक्रवार को रजत पदक के लिए रिंग में उनकी लड़ाई कजाकिस्तान के बॉक्सर असलानबक के साथ है। निशांत अगर यह मैच जीत लेते हैं तो वह भारत की ओर से 71 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक के लिए अगले पायदन पर पहुंच जाएंगे।
उज्बेकिस्तान के ताशकंद में चल रही विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में निशांत की फाइट बुधवार शाम करीब पांच बजे शुरू हुई। जिसमें उन्होंने प्रतिद्वंद्वी पर अपने अंदाज में ही आक्रमण किया और शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। माना जाता है कि क्यूबा के मुक्केबाजी को विश्व की मुक्केबाजी में सम्मान की नजर से देखा जाता है। इस देश के बॉक्सरों की अपनी खास कार्यशैली है।
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हर मैच में शुरुआत से बनाई लय
करनाल के निशांत देव उर्फ सूर्या ने जब से यह प्रतियोगिता शुरू हुई है अपनी एक लय बना रखी है। वह अपने प्रतिद्वंद्वी बॉक्सर पर आक्रमण की नीति अपना रहे हैं और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं दे रहे। फिलीपींस के फकाहा निदाल को तो उन्होंने केवल 54 सेकेंड में ही हरा दिया। इसके अलावा उन्होंने अपनी पहली फाइट में अजरबैजान के अलीयेव सरखान व कोरिया के ली संगमिन को भी 5-0 से ही मात दी है। निशांत लगातार चार मुकाबले जीत चुके हैं।
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घर में खुशी का माहौल
करनाल के कोट मोहल्ले में इस समय पवन देव के घर पर खुशी का माहौल है। पवन देव ने बताया कि जैसे ही बुधवार की शाम बेटे सूर्या ने अपनी फाइट जीती तो उनके पास बधाई संदेश देने वाले लोगों का तांता लग गया। हर कोई बेटे की जीत पर उन्हें बधाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि कोट मोहल्ले की तंग गलियाें से निकाल कर बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। घर में उनके दादा चौधरी कृष्ण देव, दादी रोशनी, सूर्या की मां प्रियंका देवी, चाचा, चाची, भाई सभी उनकी जीत पर खुशी मना रहे हैं और उनके लिए अगली दोनों फाइट के लिए दुआ कर रहे हैं ताकि निशांत देश के लिए इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक लाएं।
गुरु ने दी जीत पर बधाई
निशांत देव के पहले कोच कर्ण स्टेडियम से सुरेंद्र चौहान ने उन्हें विदेश से फोन कर उनकी जीत पर बधाई दी। निशांत ने बॉक्सिंग की शुरुआत कर्ण स्टेडियम के कोच सुरेंद्र चौहान के नेतृत्व में ही की थी। उनके कहने पर ही उन्होंने बॉक्सिंग की बारीकियां सीखने के लिए कर्नाटक का रुख किया था। कोच सुरेंद्र चौहान ने बताया कि बड़ी खुशी की बात होती जब किसी कोच का बच्चा इंटरनेशनल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करता है।