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Karnal News: भाजपा ः पूर्व मेयर के बागी तेवर
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करनाल भाजपा में बगावत के स्वर उठे हैं। टिकट न मिलने पर पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अपने साथ धोखा होने की बात लिखी है। इससे भाजपा में खलबली मच गई है। उम्मीद की जा रही है कि पूर्व मेयर की मान मनौव्वल के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंच सकते हैं। फिलहाल पूर्व मेयर ने अपने समर्थकों की आठ सितंबर को बैठक बुलाई हैं, जिसमें कोई बड़ा फैसला करने की बात कही है।
करनाल पिछले दस सालों से सीएम सिटी है। करनाल विधानसभा सीट से ही चुनाव जीतकर मनोहर लाल ने पिछले साढ़े नौ साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला है। उन्होंने यहां अपना घर भी बनाया। उनके त्यागपत्र देने के बाद नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री बने तो मनोहर लाल ने उनके लिए करनाल सीट से विधान सभा की सदस्यता भी छोड़ी। रिक्त हुई सीट पर नायब सिंह सैनी उप चुनाव जीते।
चाहे मनोहर लाल रहे हों या फिर नायब सैनी, इनकी जितनी भी सभाएं या अन्य कार्यक्रम हुए, उनमें करनाल नगर निगम की पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता को जरूर देखा गया है। उन्होंने पार्टी की गतिविधियों में अपनी पूरी सक्रियता दिखाई। इसलिए ये माना जा रहा था कि यदि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करनाल सीट से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो भाजपा के टिकट पर मजबूत दावा रेणू बाला गुप्ता का हो सकता है।
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उन्होंने पार्टी हाईकमान से करनाल विधान सभा सीट से अपनी दावेदारी प्रस्तुत भी की थी लेकिन अब जब भाजपा ने विधान सभा क्षेत्र के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की तो करनाल सीट से जगमोहन आनंद को उचार दिया गया। पंजाबी बड़ी बिरादरी है, पंजाबी चेहरे के रूप में मनोहर लाल पहले से ही करनाल से सांसद हैं, इससे पहले भी करनाल के सांसद संजय भाटिया पंजाबी बिरादरी से ही थे। ऐसे में भी बनिया बिरादरी के प्रतिनिधित्व के तौर पर रेणू बाला गुप्ता का दावा मजबूत माना जा रहा था लेकिन पार्टी ने विधान सभा सीट पर फिर पंजाबी चेहरे पर दांव खेला है।
ये लिखा सोशल एकाउंट पर
पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता ने शुक्रवार को फेसबुक एकाउंट पर अपनी नाराजगी जाहिर करके भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल पैदा कर दी है। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने या किसी अन्य पार्टी में जाने पर फिलहाल कुछ नहीं कहा लेकिन इसके विकल्प खुले रखे हैं। रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पूर्ण निष्ठा और लगन से पार्टी की सेवा की है लेकिन उनकी निष्ठा, विश्वास, वर्षो से प्रतिदिन के संघर्ष और समर्पण का कत्ल किया गया है। उन्होंने कहा है कि करनाल में टिकट का निर्णय मेरिट के आधार पर नहीं हुआ है। अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नगरवासियों की ओर से नाराजगी व्यक्त करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
समर्थकों की बैठक कल
पूर्व मेयर एवं भाजपा नेता रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है, आगे का निर्णय वह अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों से रायमशविरा करके ही लेंगी। इसके लिए उन्होंने आठ सितंबर को अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों की बैठक बुलाई हैं। इसके बाद ही भविष्य की राजनीतिक दिशा तय की जाएगी।
सुभाष चंद्र के स्वर भी बगावती
पूर्व रेणू बाला गुप्ता के साथ साथ करनाल के एक और भाजपा नेता एवं वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र के स्वर भी बगावती हो गए हैं। दरअसल वह भी करनाल सीट से भाजपा के टिकट पर दावेदारी कर रहे थे। अब टिकट जगमोहन आनंद को मिलने के बाद उन्होंने भी पार्टी से नाराजगी जाहिर की है। सुभाषचंद्र का कहना है कि वह भी अपनी आगे की राजनीतिक का कदम आठ सितंबर को तरावड़ी में समर्थकों की ओर से बुलाए गए सर्व समाज महासम्मेलन में रायमशविरा करने के बाद ही बढ़ाएंगे।
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करनाल। करनाल भाजपा में बगावत के स्वर उठे हैं। टिकट न मिलने पर पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अपने साथ धोखा होने की बात लिखी है। इससे भाजपा में खलबली मच गई है। उम्मीद की जा रही है कि पूर्व मेयर की मान मनौव्वल के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंच सकते हैं। फिलहाल पूर्व मेयर ने अपने समर्थकों की आठ सितंबर को बैठक बुलाई हैं, जिसमें कोई बड़ा फैसला करने की बात कही है।
करनाल पिछले दस सालों से सीएम सिटी है। करनाल विधानसभा सीट से ही चुनाव जीतकर मनोहर लाल ने पिछले साढ़े नौ साल तक प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला है। उन्होंने यहां अपना घर भी बनाया। उनके त्यागपत्र देने के बाद नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री बने तो मनोहर लाल ने उनके लिए करनाल सीट से विधान सभा की सदस्यता भी छोड़ी। रिक्त हुई सीट पर नायब सिंह सैनी उप चुनाव जीते।
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चाहे मनोहर लाल रहे हों या फिर नायब सैनी, इनकी जितनी भी सभाएं या अन्य कार्यक्रम हुए, उनमें करनाल नगर निगम की पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता को जरूर देखा गया है। उन्होंने पार्टी की गतिविधियों में अपनी पूरी सक्रियता दिखाई। इसलिए ये माना जा रहा था कि यदि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करनाल सीट से चुनाव नहीं लड़ते हैं तो भाजपा के टिकट पर मजबूत दावा रेणू बाला गुप्ता का हो सकता है।
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उन्होंने पार्टी हाईकमान से करनाल विधान सभा सीट से अपनी दावेदारी प्रस्तुत भी की थी लेकिन अब जब भाजपा ने विधान सभा क्षेत्र के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की तो करनाल सीट से जगमोहन आनंद को उचार दिया गया। पंजाबी बड़ी बिरादरी है, पंजाबी चेहरे के रूप में मनोहर लाल पहले से ही करनाल से सांसद हैं, इससे पहले भी करनाल के सांसद संजय भाटिया पंजाबी बिरादरी से ही थे। ऐसे में भी बनिया बिरादरी के प्रतिनिधित्व के तौर पर रेणू बाला गुप्ता का दावा मजबूत माना जा रहा था लेकिन पार्टी ने विधान सभा सीट पर फिर पंजाबी चेहरे पर दांव खेला है।
ये लिखा सोशल एकाउंट पर
पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता ने शुक्रवार को फेसबुक एकाउंट पर अपनी नाराजगी जाहिर करके भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल पैदा कर दी है। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने या किसी अन्य पार्टी में जाने पर फिलहाल कुछ नहीं कहा लेकिन इसके विकल्प खुले रखे हैं। रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पूर्ण निष्ठा और लगन से पार्टी की सेवा की है लेकिन उनकी निष्ठा, विश्वास, वर्षो से प्रतिदिन के संघर्ष और समर्पण का कत्ल किया गया है। उन्होंने कहा है कि करनाल में टिकट का निर्णय मेरिट के आधार पर नहीं हुआ है। अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नगरवासियों की ओर से नाराजगी व्यक्त करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
समर्थकों की बैठक कल
पूर्व मेयर एवं भाजपा नेता रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है, आगे का निर्णय वह अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों से रायमशविरा करके ही लेंगी। इसके लिए उन्होंने आठ सितंबर को अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों की बैठक बुलाई हैं। इसके बाद ही भविष्य की राजनीतिक दिशा तय की जाएगी।
सुभाष चंद्र के स्वर भी बगावती
पूर्व रेणू बाला गुप्ता के साथ साथ करनाल के एक और भाजपा नेता एवं वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाषचंद्र के स्वर भी बगावती हो गए हैं। दरअसल वह भी करनाल सीट से भाजपा के टिकट पर दावेदारी कर रहे थे। अब टिकट जगमोहन आनंद को मिलने के बाद उन्होंने भी पार्टी से नाराजगी जाहिर की है। सुभाषचंद्र का कहना है कि वह भी अपनी आगे की राजनीतिक का कदम आठ सितंबर को तरावड़ी में समर्थकों की ओर से बुलाए गए सर्व समाज महासम्मेलन में रायमशविरा करने के बाद ही बढ़ाएंगे।